राजस्थान में 'ऑपरेशन वज्र प्रहार': बारां पुलिस ने नशा तस्करों की ₹5.82 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज कीं

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राजस्थान में 'ऑपरेशन वज्र प्रहार': बारां पुलिस ने नशा तस्करों की ₹5.82 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज कीं

सारांश

राजस्थान के बारां में 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' ने नशा-तस्करी से निपटने का तरीका बदल दिया — गिरफ्तारी से आगे बढ़कर अब सीधे आर्थिक नेटवर्क पर वार। ₹5.82 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज, बहु-एजेंसी जाँच शुरू।

मुख्य बातें

बारां पुलिस ने 18 मई 2026 को 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत कथित नशा तस्कर किशोर कुमार मीणा व परिजनों की ₹5.82 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज कीं।
फ्रीज की गई संपत्तियों में दो बंगले , स्कॉर्पियो एसयूवी , मारुति कार , ट्रैक्टर , दोपहिया वाहन और बैंक बैलेंस शामिल।
आरोपियों के खातों में बिना वैध आय के करीब ₹3.32 करोड़ जमा पाए गए; ₹2.50 करोड़ की अतिरिक्त संपत्तियाँ भी चिह्नित।
पुलिस पहले 263 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त कर चुकी है, जिसकी कथित अंतरराष्ट्रीय कीमत ₹39.45 लाख बताई गई।
आयकर विभाग , स्टांप विभाग , जीएसटी और मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसियों ने समानांतर जाँच शुरू की।

बारां पुलिस ने 18 मई 2026 को राजस्थान में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन वज्र प्रहार' के तहत कथित ड्रग्स तस्कर किशोर कुमार मीणा, उसके भाई घनश्याम मीणा और पत्नी अनीता मीणा की करीब ₹5.82 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत स्थायी रूप से फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह तीनों आरोपी छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र, बारां के निवासी हैं।

क्या-क्या फ्रीज किया गया

पुलिस की कार्रवाई में दो आलीशान बंगले, एक स्कॉर्पियो एसयूवी, एक मारुति कार, एक ट्रैक्टर, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और करोड़ों रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब आरोपी इन संपत्तियों का उपयोग, बिक्री या हस्तांतरण नहीं कर सकेंगे।

वित्तीय जाँच में सामने आया कि पिछले कुछ वर्षों में तीनों आरोपियों के बैंक खातों में करीब ₹3.32 करोड़ जमा हुए, जबकि उनकी कोई वैध आय का स्रोत सत्यापित नहीं हो सका। इसके अतिरिक्त करीब ₹2.50 करोड़ की चल-अचल संपत्तियाँ भी चिह्नित की गईं।

पूर्व में दर्ज मामले और बरामदगी

जाँच के दौरान पता चला कि किशोर कुमार मीणा और उसके परिजनों के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के दो गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। इन मामलों में पुलिस पहले 263 किलोग्राम डोडा-चूरा (अफीम के टूटे हुए हिस्से) जब्त कर चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत कथित तौर पर करीब ₹39.45 लाख बताई गई थी।

गौरतलब है कि छीपाबड़ौद थाने द्वारा तैयार विस्तृत वित्तीय जाँच रिपोर्ट नई दिल्ली में भारत सरकार के अधीन सक्षम प्राधिकरण को भेजी गई थी, जिसकी मंजूरी के बाद ही संपत्तियाँ फ्रीज करने की कार्रवाई संभव हो सकी।

पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया

पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की नशा तस्करी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है। उन्होंने कहा, 'बारां पुलिस सिर्फ नशा तस्करों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध कमाई से खड़े किए गए उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी चोट करेगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स तस्करी के गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़ना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है और आगे भी ऐसी वित्तीय कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी।

बहु-एजेंसी जाँच का दायरा

इस ऑपरेशन के बाद कई सरकारी एजेंसियों ने भी समानांतर जाँच शुरू कर दी है। आयकर विभाग आरोपियों की आय से अधिक संपत्तियों की जाँच कर रहा है। स्टांप विभाग संदिग्ध नोटरी दस्तावेजों की पड़ताल में जुटा है। इसके अलावा जीएसटी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की भी जाँच की जा रही है।

ऑपरेशन में छीपाबड़ौद थाना प्रभारी योगेश चौहान, विनोद कुमार, विमलेश मेहता, कांस्टेबल अनिल कुमार और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कांस्टेबल कंवरपाल की अहम भूमिका रही। यह कार्रवाई राजस्थान में नशा-तस्करी के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ संपत्ति फ्रीज करना तस्करों की आर्थिक जड़ पर सीधा प्रहार है। हालाँकि असली कसौटी यह होगी कि क्या फ्रीज की गई संपत्तियाँ अदालत में टिक पाती हैं और दोष-सिद्धि तक पहुँचती हैं — क्योंकि भारत में एनडीपीएस मामलों में दोष-सिद्धि दर ऐतिहासिक रूप से कम रही है। बहु-एजेंसी जाँच का विस्तार उत्साहजनक है, लेकिन समन्वय की कमी अक्सर ऐसे मामलों को लंबित छोड़ देती है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन वज्र प्रहार' क्या है?
यह बारां पुलिस द्वारा नशा तस्करी के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए शुरू किया गया अभियान है, जिसके तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के अंतर्गत कथित तस्करों की संपत्तियाँ फ्रीज की जा रही हैं। 18 मई 2026 को इस अभियान में ₹5.82 करोड़ की संपत्तियाँ फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
किन संपत्तियों को फ्रीज किया गया है?
फ्रीज की गई संपत्तियों में दो आलीशान बंगले, एक स्कॉर्पियो एसयूवी, एक मारुति कार, एक ट्रैक्टर, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटर और करोड़ों रुपये के बैंक बैलेंस शामिल हैं। कुल मूल्य करीब ₹5.82 करोड़ बताया गया है।
किशोर कुमार मीणा के खिलाफ पहले से क्या मामले दर्ज हैं?
किशोर कुमार मीणा और उसके परिजनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दो गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं, जिनमें व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए थे। पुलिस इन मामलों में 263 किलोग्राम डोडा-चूरा जब्त कर चुकी है।
इस कार्रवाई में कौन-सी एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं?
बारां पुलिस के अलावा आयकर विभाग, स्टांप विभाग, जीएसटी विभाग और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एजेंसियाँ समानांतर जाँच कर रही हैं। यह बहु-एजेंसी दृष्टिकोण आरोपियों के पूरे आर्थिक नेटवर्क को उजागर करने के लिए अपनाया गया है।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ क्या है?
एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट की धारा 68-एफ सक्षम प्राधिकरण को ड्रग्स तस्करी से अर्जित कथित संपत्तियों को फ्रीज करने का अधिकार देती है। इसके तहत केंद्र सरकार के अधीन प्राधिकरण की मंजूरी के बाद ही संपत्तियाँ फ्रीज की जा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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