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बरेली जिम ब्लैकमेल कांड: नशीला पदार्थ पिलाकर वीडियो बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार

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बरेली जिम ब्लैकमेल कांड: नशीला पदार्थ पिलाकर वीडियो बनाने के आरोप में दो गिरफ्तार

सारांश

बरेली में जिम की आड़ में चल रहे ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश हुआ। संचालक अकबर बेग और साथी आलम बेग ने महिला को प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर अचेत किया, आपत्तिजनक वीडियो बनाए और लाखों रुपये वसूले। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मोबाइल, नकदी और वीडियो बरामद किए।

मुख्य बातें

बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में जिम की आड़ में महिला ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश।
जिम संचालक अकबर बेग और साथी आलम बेग को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार किया।
आरोपी प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर महिलाओं को अचेत करते थे, फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाते थे।
वीडियो डिलीट करने के नाम पर पीड़िता से लाखों रुपये की मांग की गई।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹10,000 नकद , दो मोबाइल फोन और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
जांच जारी; पुलिस अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान कर रही है।

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक जिम की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में जिम संचालक अकबर बेग और उसके साथी आलम बेग को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़िता को नशीला पदार्थ पिलाकर अश्लील वीडियो बनाए और फिर उसे लाखों रुपये की मांग के साथ ब्लैकमेल किया।

घटना का मुख्य घटनाक्रम

पुलिस ने बताया कि अकबर बेग जिम में आने वाली महिलाओं को प्री-वर्कआउट ड्रिंक के नाम पर नशीला पदार्थ पिलाता था, जिससे वे अचेत हो जाती थीं। इसके बाद पीड़िताओं को जिम के अंदर बने कमरे में ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। इन वीडियो का उपयोग कर महिलाओं से मोटी रकम वसूलने का सिलसिला चलाया जाता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी वीडियो डिलीट करने के नाम पर लाखों रुपये की मांग करते थे। इसी उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

बरामदगी और साक्ष्य

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹10,000 नकद, दो मोबाइल फोन तथा घटना से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। यह साक्ष्य मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच की दिशा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जिम और फिटनेस सेंटर की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और लाखों महिलाएं इनका उपयोग करती हैं। गौरतलब है कि इस प्रकार के मामले फिटनेस केंद्रों में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिम संचालकों का पुलिस सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और यह देखना होगा कि इस गिरोह के और कितने पीड़ित सामने आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस प्रकार के अपराधों के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और कितनी महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से डरकर चुप रहीं। जब तक जिम संचालकों के लिए अनिवार्य पंजीकरण, सीसीटीवी ऑडिट और ग्राहक सुरक्षा मानक तय नहीं होते, ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरेली जिम ब्लैकमेल मामला क्या है?
बरेली के थाना कोतवाली क्षेत्र में जिम संचालक अकबर बेग और उसके साथी आलम बेग ने महिला को प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर अचेत किया और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर लाखों रुपये की ब्लैकमेलिंग की। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने जिम संचालक अकबर बेग और उसके साथी आलम बेग को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई जारी है।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹10,000 नकद, दो मोबाइल फोन और घटना से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो तथा अन्य सामग्री बरामद की है।
क्या इस गिरोह की अन्य पीड़िताएं भी हो सकती हैं?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। अन्य संभावित पीड़िताओं की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
इस मामले में महिलाओं को कैसे निशाना बनाया जाता था?
आरोपी जिम में आने वाली महिलाओं को प्री-वर्कआउट ड्रिंक के नाम पर नशीला पदार्थ पिलाते थे, जिससे वे अचेत हो जाती थीं। इसके बाद जिम के अंदर बने कमरे में ले जाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे और वीडियो डिलीट करने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की जाती थी।
राष्ट्र प्रेस
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