BEL का Q4 शुद्ध लाभ ₹2,225 करोड़, राजस्व 11.74% उछला; बोर्ड ने ₹0.55 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की
सारांश
मुख्य बातें
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने 19 मई 2026 को घोषित वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में समेकित शुद्ध लाभ 4.61 प्रतिशत बढ़कर ₹2,225.22 करोड़ दर्ज किया, जो एक वर्ष पहले की समान तिमाही में ₹2,127.04 करोड़ था। परिचालन आय में मज़बूत वृद्धि और स्थिर कारोबारी प्रदर्शन इस बढ़त के मुख्य कारण रहे।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, Q4 FY26 में BEL की परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 11.74 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹10,224.43 करोड़ पर पहुँच गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹9,149.59 करोड़ थी। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमोर्टाइजेशन से पहले का लाभ (EBITDA) 6 प्रतिशत बढ़कर ₹2,982 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹2,816 करोड़ था।
हालाँकि, EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 30.7 प्रतिशत से घटकर 29.1 प्रतिशत रह गया — यह संकुचन संभवतः बढ़ती परिचालन लागत को दर्शाता है।
पूरे वित्त वर्ष 2026 का प्रदर्शन
पूरे FY26 के लिए BEL की परिचालन राजस्व ₹27,479.63 करोड़ रही, जो FY25 के ₹23,658.01 करोड़ की तुलना में 16.15 प्रतिशत अधिक है। कर पश्चात लाभ (PAT) 14.38 प्रतिशत बढ़कर ₹6,048.48 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹5,288.25 करोड़ था। यह प्रदर्शन रक्षा उत्पादन क्षेत्र में सरकार के बढ़ते खर्च और 'आत्मनिर्भर भारत' नीति के तहत स्वदेशी रक्षा उपकरणों की बढ़ती माँग को दर्शाता है।
डिविडेंड और शेयरधारकों के लिए संदेश
कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर पर ₹0.55 के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। यह सिफारिश आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
ऑर्डर बुक और विस्तार योजनाएँ
कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 तक BEL का ऑर्डर बुक ₹73,882 करोड़ का था — जो भविष्य के राजस्व की मज़बूत दृश्यता प्रदान करता है। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में BEL ने मेटामाइंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और क्रिस्टेलर एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह MoU रक्षा और गैर-रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए भविष्य की प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के संयुक्त विकास के उद्देश्य से किया गया है।
कंपनी के अनुसार, इस समझौते का लक्ष्य तीनों संस्थाओं की पूरक तकनीकी क्षमताओं को एकीकृत कर नवाचार को गति देना है। आने वाली तिमाहियों में BEL का प्रदर्शन रक्षा बजट आवंटन और नए ऑर्डर प्रवाह पर निर्भर करेगा।