16 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल विधानसभा चुनाव: न्यायिक प्रक्रिया के बाद 90 लाख नामों के हटने की संभावना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल विधानसभा चुनाव: न्यायिक प्रक्रिया के बाद 90 लाख नामों के हटने की संभावना

सारांश

चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव से पहले 'तार्किक विसंगति' श्रेणी में रखे गए मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है। अनुमान है कि यह संख्या 90 लाख के करीब पहुंच सकती है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि 90 लाख नाम हटाए जा सकते हैं।
न्यायिक प्रक्रिया में 60,00,675 मामले शामिल नहीं हैं।
मतदाता नाम हटाने की प्रक्रिया इस सप्ताह पूरी होने की उम्मीद है।
बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे।

कोलकाता, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने यह अनुमान लगाया है कि “तार्किक विसंगति” श्रेणी में रखे गए मतदाताओं के नामों को हटाने की प्रक्रिया के अनुसार, इस प्रक्रिया के अंत तक कुल हटाए गए नामों की संख्या 90 लाख के आस-पास रह सकती है। इस अनुमान के पीछे रोजाना हटाए जा रहे नामों की संख्या का विश्लेषण किया गया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक सूत्र ने मंगलवार को बताया कि 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में पहले ही 63,66,952 नाम हटा दिए गए हैं। ये नाम मुख्यतः “मृत”, “स्थानांतरित”, “लापता” और “डुप्लिकेट” मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं।

सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने आगे बताया कि अंतिम मतदाता सूची में उन 60,00,675 मामलों को नहीं शामिल किया गया था, जिन्हें न्यायिक जांच के लिए भेजा गया था। न्यायिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, जिन मामलों का निपटारा हो चुका है, उनमें औसतन 40 से 45 प्रतिशत मामलों में नाम हटाए जा रहे हैं। इसी औसत दैनिक विलोपन दर के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि कुल हटाए गए नामों की संख्या लगभग 90 लाख के आसपास होगी।

सूत्र ने यह भी कहा कि यह अनुमान न्यायिक निर्णय प्रक्रिया में नाम हटाए जाने की औसत दैनिक दर पर आधारित है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, उन्हें इस उद्देश्य के लिए गठित 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में जाने का अवसर मिलेगा।

हाल ही में, सोमवार रात तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 16 लाख मतदाताओं के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और आयोग को विश्वास है कि यह प्रक्रिया इसी सप्ताह समाप्त हो जाएगी।

वर्तमान में, 700 से अधिक न्यायिक अधिकारी, जिनमें पड़ोसी राज्य ओडिशा और झारखंड से 100-100 अधिकारी शामिल हैं, इस निर्णय प्रक्रिया में लगे हुए हैं और वे इसे शीघ्रता से पूरा करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा। परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को अधिसूचना जारी करने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बंगाल चुनावों की तैयारी में नाम हटाने की प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करना कि केवल योग्य मतदाता ही मतदान करें, लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं?
90 लाख नाम हटाए जाने की संभावना है, जिसमें से पहले ही 63,66,952 नाम हटा दिए गए हैं।
न्यायिक प्रक्रिया में कितने मामले शामिल हैं?
न्यायिक प्रक्रिया में 60,00,675 मामले शामिल नहीं किए गए हैं।
मतदाता नाम हटाने की प्रक्रिया कब पूरी होगी?
इस प्रक्रिया के पूर्ण होने की उम्मीद इसी सप्ताह है।
क्या अपीलीय न्यायाधिकरणों का गठन किया गया है?
हां, 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों का गठन किया गया है।
बंगाल विधानसभा चुनाव कब होंगे?
बंगाल विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले