28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए दी नई निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनाव आयोग ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए दी नई निर्देश

सारांश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत, चुनाव आयोग ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों की तत्काल पहचान करने का आदेश दिया है। यह कदम चुनाव की सुचारू व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के लिए पुलिस को जल्दी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
राज्य में 480 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जो चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी।
केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनाती प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

कोलकाता, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, चुनाव आयोग ने बंगाल पुलिस और प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने का आदेश दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यदि संभव हो, तो मार्च के दूसरे सप्ताह तक यह पहचान पूरी कर ली जाए। चुनाव आयोग इन क्षेत्रों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती की प्रारंभिक योजना बनाएगा।

यह जानकारी भी महत्वपूर्ण है कि चुनाव आयोग ने मतदाता तिथियों की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही राज्य में सीएपीएफ की तैनाती का निर्णय लिया है। १० मार्च तक राज्य में कुल ४८० कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें से २४० कंपनियां १ मार्च को और शेष २४० कंपनियां १० मार्च को तैनात की जाएंगी।

सोमवार शाम को राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैनात की जाने वाली पहली ४८० कंपनियों को निष्क्रिय रखा जा सकता है, और इसके बजाय इनका उपयोग प्रारंभिक क्षेत्र नियंत्रण के लिए किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों के परामर्श से सीएपीएफ की इन ४८० कंपनियों की तैनाती की जानी चाहिए।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सीएपीएफ की तैनाती प्रक्रिया की निगरानी करने और इस संबंध में चुनाव आयोग को दैनिक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। पहले ही आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को संबंधित सीएपीएफ और उनके मुख्य बल समन्वयकों के परामर्श से विस्तृत तैनाती योजना तैयार करने का निर्देश दिया था। आयोग ने स्पष्ट किया था कि सीएपीएफ की आवाजाही और तैनाती का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा।

पहले चरण में २४० कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ११० कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ५५ कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की २१ कंपनियां, भारत-तिब्बत पुलिस बल (आईटीबीपी) की २७ कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की २७ कंपनियां शामिल होंगी। दूसरे चरण में भी २४० कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें सीआरपीएफ की १२० कंपनियां, बीएसएफ की ६५ कंपनियां, सीआईएसएफ की १६ कंपनियां, आईटीबीपी की २० कंपनियां और एसएसबी की १९ कंपनियां शामिल होंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग ने पुलिस को क्या निर्देश दिए हैं?
चुनाव आयोग ने बंगाल पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने की प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करने का आदेश दिया है।
कितनी कंपनियां तैनात की जाएंगी?
राज्य में कुल 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिनमें से 240 कंपनियां 1 मार्च को और बाकी 240 कंपनियां 10 मार्च को तैनात होंगी।
केंद्रीय पुलिस बलों की तैनाती कब होगी?
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती 10 मार्च तक की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले