बंगाल में 'राम राज' की दस्तक: गिरिराज सिंह बोले, 'एम राज' का अंत तय
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 152 सीटों पर गुरुवार, 23 अप्रैल को हुई बंपर वोटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं का उत्साह चरम पर है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस भारी मतदान को 'बदलाव की शुरुआत' करार देते हुए दावा किया कि बंगाल में ममता बनर्जी के 'एम राज' का दौर समाप्त हो रहा है और अब 'राम राज' की स्थापना होने वाली है।
गिरिराज सिंह का बड़ा बयान — 'एम राज' का अंत
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो मतदान हुआ है, वह पूरी तरह बदलाव के लिए हुआ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब बंगाल में 'एम राज' यानी ममता राज का दौर खत्म हो गया है और 'राम राज' आने वाला है।
गिरिराज सिंह का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे बिहार से आकर बंगाल की राजनीति पर इस तरह का दावा कर रहे हैं, जो भाजपा की रणनीतिक आक्रामकता को दर्शाता है।
शांतनु ठाकुर बोले — 90% मतदान ममता विरोधी लहर का संकेत
केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि लगभग 90 फीसदी मतदान अपने आप में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक संकेत है। उन्होंने दावा किया कि इतनी बड़ी तादाद में डाले गए वोट ममता सरकार के खिलाफ जनाक्रोश को दर्शाते हैं।
शांतनु ठाकुर ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जीत निश्चित है। उनका यह बयान उस समय आया है जब भाजपा बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लिए पिछले कई वर्षों से जमीनी तैयारी कर रही है।
खड़दहा में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का रोड शो
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने खड़दहा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी कल्याण चक्रवर्ती के समर्थन में एक जोरदार रोड शो किया। इस रोड शो में भारी संख्या में समर्थक उमड़े।
कल्याण चक्रवर्ती ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का खड़दहा आना ऐतिहासिक अवसर है और इससे पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। यह रोड शो भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह कोलकाता के आसपास की सीटों पर विशेष ध्यान दे रही है।
मतदाताओं की राय — शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा के बीच हुई वोटिंग
बालुरघाट के एक मतदाता ने बताया कि इस बार मतदान बेहद शांतिपूर्ण रहा। पिछले चुनावों के मुकाबले सड़कों पर ई-रिक्शा और बाइक की भीड़ कम दिखी। केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती ने माहौल को व्यवस्थित बनाए रखा।
पूर्वी मेदिनीपुर से एक मतदाता ने बताया कि ईवीएम की गति थोड़ी धीमी थी, लेकिन इसके अलावा कोई बड़ी समस्या नहीं रही। कुल मिलाकर मतदाताओं ने बदलाव की उम्मीद के साथ वोट डाला।
गहरा विश्लेषण — बंगाल में भाजपा की रणनीति और ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं, जो उसके लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी। इस बार भाजपा उस अंतर को पाटने की कोशिश में है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने फिर बेहतर प्रदर्शन किया था, जिससे भाजपा की राज्य में सत्ता की राह और कठिन हो गई थी। ऐसे में 90 फीसदी मतदान को सीधे भाजपा की जीत से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी — क्योंकि उच्च मतदान हमेशा सत्ता विरोधी लहर का संकेत नहीं होता।
आने वाले चरणों के नतीजे और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि बंगाल की जनता ने वास्तव में किस दिशा में अपना फैसला सुनाया है।