पश्चिम बंगाल राज्यपाल कार्यालय की चेतावनी: +91 98365 40163 से आ रहीं फर्जी कॉलें, कोलकाता पुलिस जांच में
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के कार्यालय लोक भवन ने 18 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति मोबाइल नंबर +91 98365 40163 से कई प्रतिष्ठित लोगों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को फोन कर खुद को राज्यपाल या लोक भवन का अधिकारी बताकर ठगी की कोशिश कर रहा है। इस मामले में कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और जांच शुरू हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार रात लोक भवन की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि यह अज्ञात व्यक्ति राज्यपाल या उनके कार्यालय के अधिकारी के रूप में खुद को प्रस्तुत कर कई लोगों से संपर्क कर चुका है। बयान में कहा गया कि इस तरह की कॉलों पर बिना लोक भवन से पुष्टि किए कोई कार्रवाई न की जाए।
लोक भवन ने अपने बयान में कहा, 'अगर किसी को राज्यपाल या लोक भवन के नाम पर कोई संदिग्ध फोन कॉल या संदेश मिलता है, या इस तरह किसी के फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत लोक भवन को दें।' इसके लिए संपर्क नंबर 033-2200-1641-44 या आधिकारिक ईमेल का उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस की जांच
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उस मोबाइल नंबर की टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर आरोपी की पहचान और ठिकाने का पता लगाने में जुटी है।
शहर पुलिस के एक सूत्र के अनुसार, 'हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने जिन लोगों को फोन किया, उनसे क्या बातचीत की। हमें उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।' पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिन लोगों को ये कॉल आए, उनमें कोई साझा कड़ी थी या नहीं।
आम जनता पर असर और सावधानी
लोक भवन ने सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि राज्यपाल या उनके कार्यालय के नाम पर आने वाली किसी भी अनचाही या संदिग्ध कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। पहले 033-2200-1641-44 पर संपर्क कर कॉल की प्रामाणिकता की पुष्टि करें।
गौरतलब है कि राजभवन या उच्च संवैधानिक पदों के नाम पर फर्जी कॉलों की घटनाएँ पहले भी देश के अन्य राज्यों में सामने आ चुकी हैं, जिनमें आरोपियों ने सरकारी पदों का रौब दिखाकर रकम या सुविधाएँ हासिल करने की कोशिश की थी।
क्या होगा आगे
कोलकाता पुलिस का साइबर अपराध प्रकोष्ठ लोक भवन के अधिकारियों के साथ मिलकर जांच आगे बढ़ा रहा है। जिन लोगों को ये संदिग्ध कॉलें आई हैं, उनसे भी बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।