8 अगस्त 2026
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उत्तर दिनाजपुर में हेडमास्टर नजरुल इस्लाम को दिनदहाड़े गोली मारी, इलाज के दौरान मौत

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उत्तर दिनाजपुर में हेडमास्टर नजरुल इस्लाम को दिनदहाड़े गोली मारी, इलाज के दौरान मौत

सारांश

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में एक स्कूल हेडमास्टर को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। नजरुल इस्लाम स्कूल जा रहे थे जब मदारिपुर में अज्ञात हमलावरों ने उन पर कई राउंड फायरिंग की। सिलीगुड़ी अस्पताल में दोपहर 1 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार हैरान, पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है।

मुख्य बातें

नजरुल इस्लाम , इस्लामपुर के एक स्कूल के हेडमास्टर, को 8 अगस्त 2026 को मदारिपुर इलाके में दिनदहाड़े गोली मारी गई।
वह स्कूल जाते समय अज्ञात हमलावरों के निशाने पर आए; हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की।
पहले इस्लामपुर सब-डिविजनल हॉस्पिटल , फिर सिलीगुड़ी के अस्पताल में भर्ती; दोपहर करीब 1 बजे मृत्यु।
पत्नी रुखसाना खातून के अनुसार, गोली लगने के समय पति उनसे फोन पर बात कर रहे थे।
इस्लामपुर पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं , हत्या की वजह अज्ञात।
परिवार, सहकर्मी और चश्मदीद सभी ने बताया कि हेडमास्टर की किसी से कोई दुश्मनी या राजनीतिक संबंध नहीं था।

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में 8 अगस्त 2026 को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने इस्लामपुर के एक स्कूल के हेडमास्टर नजरुल इस्लाम पर गोलियाँ चलाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। मदारिपुर इलाके में सुबह काम पर जाते वक्त हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।

मुख्य घटनाक्रम

नजरुल इस्लाम शनिवार सुबह अपने घर — इस्लामपुर के अंबागन क्रॉसिंग इलाके — से स्कूल की ओर निकले थे। मदारिपुर पहुँचते ही अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और कई राउंड फायरिंग की। एक गोली उन्हें लगी और वह सड़क पर गिर पड़े।

घायल अवस्था में उन्हें पहले इस्लामपुर सब-डिविजनल हॉस्पिटल पहुँचाया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें सिलीगुड़ी के एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दोपहर करीब 1 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

परिवार की प्रतिक्रिया

मृतक हेडमास्टर की बेटी नैना खातून ने कहा, 'मेरे पिता एक ईमानदार इंसान थे। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। हमें नहीं पता कि उनकी हत्या क्यों की गई।'

पत्नी रुखसाना खातून ने बताया कि गोली लगने के समय उनके पति मोबाइल फोन पर उनसे ही बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'घटना के बाद उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें गोली लगी है। हालाँकि, वह यह नहीं बता पाए कि गोली किसने मारी।'

सहकर्मियों और चश्मदीदों का बयान

साथी शिक्षकों और सहकर्मियों ने हत्या पर गहरा दुख और हैरानी जताई। उन्होंने नजरुल इस्लाम को एक समर्पित, समयनिष्ठ और प्रतिबद्ध शिक्षक बताया, जिनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। चश्मदीदों के अनुसार, हेडमास्टर का किसी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं था।

पुलिस जाँच की स्थिति

इस्लामपुर पुलिस ने घटना की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। पुलिस सुराग पाने के लिए मदारिपुर इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।

क्या होगा आगे

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से ही सवालों के घेरे में है। पुलिस का कहना है कि जाँच हर दिशा में खुली है — चाहे वह व्यक्तिगत रंजिश हो, संपत्ति विवाद हो या कोई अन्य कारण। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी पर ही इस मामले की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला महज एक आपराधिक घटना नहीं — यह उस बेचैनी का प्रतीक है जो शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर बढ़ रही है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेडमास्टर नजरुल इस्लाम की हत्या कैसे हुई?
8 अगस्त 2026 को सुबह इस्लामपुर के हेडमास्टर नजरुल इस्लाम स्कूल जाते समय मदारिपुर इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें रोककर कई राउंड फायरिंग की। एक गोली लगने से वह गिर पड़े और बाद में सिलीगुड़ी अस्पताल में दोपहर करीब 1 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
क्या पुलिस ने किसी को गिरफ्तार किया है?
नहीं, इस्लामपुर पुलिस के अनुसार अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है और हत्या की वजह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
नजरुल इस्लाम के परिवार ने क्या कहा?
मृतक की बेटी नैना खातून ने कहा कि उनके पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और परिवार को हत्या का कारण समझ नहीं आ रहा। पत्नी रुखसाना खातून ने बताया कि गोली लगने के समय पति उनसे मोबाइल पर बात कर रहे थे।
क्या हेडमास्टर का कोई राजनीतिक संबंध था?
चश्मदीदों और सहकर्मियों के अनुसार नजरुल इस्लाम का किसी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं था। उन्हें एक समर्पित और समयनिष्ठ शिक्षक बताया गया जिनकी किसी से निजी दुश्मनी भी नहीं थी।
यह घटना कहाँ हुई और आगे जाँच कहाँ तक पहुँची है?
घटना पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में मदारिपुर इलाके में हुई। इस्लामपुर पुलिस ने विस्तृत जाँच शुरू की है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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