तेजस्वी यादव की बंगाल में मौजूदगी से ममता बनर्जी को मिली बड़ी ताकत: मनोज कुमार झा
सारांश
Key Takeaways
- राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तेजस्वी यादव की मौजूदगी ममता बनर्जी को राजनीतिक मजबूती देती है और वैकल्पिक राजनीतिक धारा के लिए जरूरी है।
- राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी के 6 सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर मनोज झा ने भाजपा को 'एक राष्ट्र, एक पार्टी' की मशीन बताया।
- राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बंगाल में तेजस्वी यादव का जोरदार स्वागत यह साबित करता है कि वे टीएमसी सरकार दोबारा बनवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी ने तेजस्वी यादव को मजबूत नेता बताया और कहा कि बंगाल में रहने वाले बिहारी नागरिकों को वोट बैंक नहीं समझा जाता।
- बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजद-टीएमसी की यह नजदीकी इंडिया गठबंधन की राज्यवार रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
- विपक्षी एकता की यह कवायद भाजपा के राष्ट्रीय विस्तार के मुकाबले एक क्षेत्रीय प्रतिरोध की रणनीति के रूप में देखी जा रही है।
पटना, 25 अप्रैल 2025 — राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ सांसद मनोज कुमार झा ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में तेजस्वी यादव की उपस्थिति न केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राजनीतिक बल देती है, बल्कि यह पूरे भारत में एक सशक्त वैकल्पिक राजनीतिक धारा खड़ी करने की दिशा में एक अनिवार्य कदम भी है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और विपक्षी एकजुटता की परीक्षा हो रही है।
तेजस्वी की बंगाल यात्रा का सियासी संदेश
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी यादव की बंगाल यात्रा पर कहा कि जिस तरह वहां की जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया और जिस भारी भीड़ ने उन्हें घेरा, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेजस्वी यादव बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार दोबारा बनवाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
यह यात्रा महज एक औपचारिक दौरा नहीं है। बिहार और बंगाल के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्तों की गहरी जड़ें हैं — लाखों बिहारी मजदूर बंगाल में काम करते हैं। इस पृष्ठभूमि में तेजस्वी यादव की उपस्थिति एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति के रूप में देखी जा रही है।
टीएमसी उम्मीदवार का स्वागत — बिहारी वोटर्स पर नजर
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी ने तेजस्वी यादव के बंगाल आगमन पर कहा कि वह एक प्रमुख और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्व हैं। उनके पिता लालू प्रसाद यादव भी एक जाने-माने राष्ट्रीय नेता हैं। उन्होंने ममता दीदी और टीएमसी को अपना समर्थन देकर विपक्षी एकता का मजबूत संदेश दिया है।
सायंतिका बनर्जी ने यह भी रेखांकित किया कि बंगाल में बड़ी संख्या में बिहारवासी खुशी-खुशी रहते हैं और बिना किसी भेदभाव के अपनी आजीविका कमाते हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी चीजों को वोट बैंक के नजरिए से नहीं देखती — जिसके पास वैध वोटर आईडी है और जो यहां काम कर रहा है, उसे पूरा सम्मान मिलता है।
भाजपा पर मनोज झा का तीखा हमला — 'एक राष्ट्र, एक पार्टी' का खतरा
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा सहित आम आदमी पार्टी (आप) के 6 अन्य सांसदों के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर मनोज कुमार झा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस सवाल का बार-बार जवाब देते-देते थक गए हैं।
मनोज झा ने भाजपा को एक सुसंगठित 'सिस्टम' और 'मशीन' बताते हुए कहा कि उसका पूरा एजेंडा 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के चीन मॉडल पर आधारित है। उनके अनुसार यह विचार असल में 'एक राष्ट्र, एक पार्टी' की सोच से प्रेरित है, जो लोकतांत्रिक बहुलता के लिए खतरनाक है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रीय दलों के नेता भाजपा में शामिल हुए हैं, जिसे विपक्ष 'वॉशिंग मशीन राजनीति' कहता आया है। मनोज झा का बयान इसी व्यापक विपक्षी चिंता का हिस्सा है।
विपक्षी एकता और बंगाल 2026 — आगे की राह
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले तेजस्वी यादव की यह यात्रा विपक्षी गठजोड़ की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। बिहार में राजद और बंगाल में टीएमसी के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश यह दर्शाती है कि इंडिया गठबंधन राज्य-दर-राज्य अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है।
हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, ऐसे में तेजस्वी यादव का दूसरे राज्य में सक्रिय होना उनकी राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का भी संकेत देता है। आने वाले हफ्तों में विपक्षी एकता की यह कवायद और तेज होने की संभावना है।