24 जुलाई 2026
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टीएमसी में कार्यकर्ताओं की बेचैनी भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध का नतीजा: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना

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टीएमसी में कार्यकर्ताओं की बेचैनी भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध का नतीजा: भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना

सारांश

BJP राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने TMC की भीतरी बेचैनी को पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ जनाक्रोश का परिणाम बताया। साथ ही मोदी के 12 वर्षों में DBT, डिजिटल भुगतान और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियाँ गिनाते हुए इंडिया गठबंधन की वैचारिक एकता पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने 9 जून 2026 को कहा कि TMC की आंतरिक अस्थिरता पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार विरोधी जन-भावना का परिणाम है।
खटाना के अनुसार TMC की कार्यप्रणाली अलोकतांत्रिक रही है और कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाई जाती रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों में DBT, डिजिटल भुगतान और रियल टाइम ट्रांजेक्शन में भारत की वैश्विक अग्रणी भूमिका की सराहना की।
खटाना ने इंडिया गठबंधन पर वैचारिक एकता के अभाव का आरोप लगाया और विपक्ष पर संसद बाधित करने का सवाल उठाया।
उन्होंने दावा किया कि 140 करोड़ भारतीयों को साथ लेकर देश तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने 9 जून 2026 को कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर दिख रही कथित अस्थिरता दरअसल पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ जनता के बढ़ते गुस्से का स्वाभाविक परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि TMC जैसे क्षेत्रीय दलों में लोकतांत्रिक मूल्यों का अभाव रहा है और कार्यकर्ताओं की आवाज़ लंबे समय से दबाई जाती रही है।

टीएमसी की कार्यप्रणाली पर सवाल

खटाना ने कहा कि TMC के भीतर जो बेचैनी उभर रही है, वह इस बात की गवाही देती है कि वहाँ कार्यकर्ताओं की कभी सुनवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, क्षेत्रीय दलों — खासकर TMC — की कार्यप्रणाली अलोकतांत्रिक रही है। उन्होंने कहा कि जब पश्चिम बंगाल के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कानून के शासन, भ्रष्टाचार-मुक्त और अवैध घुसपैठ-मुक्त बंगाल की संभावना देखी, तभी से बदलाव की यह प्रक्रिया शुरू हुई।

खटाना ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और अवैध घुसपैठ जैसी गंभीर समस्याओं से जूझता रहा है। उनके अनुसार, राज्य में अब बदलाव की माँग तेज़ हो रही है और लोग कथित राजनीतिक दबाव से बाहर निकल रहे हैं।

यूसुफ पठान विवाद पर प्रतिक्रिया

TMC सांसद की ओर से यूसुफ पठान को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए खटाना ने कहा कि कोई भी नेता कुछ भी कह सकता है, लेकिन सच यह है कि बंगाल के सामने अवैध घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास की कमी जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता अब सुशासन और विकास चाहती है।

TMC नेताओं की ओर से पार्टी सांसदों के टूटने की खबरों को खारिज किए जाने पर BJP सांसद ने कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम देश के सामने है और लोग स्वयं स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धियाँ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर खटाना ने उनकी नेतृत्व क्षमता और विकास नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों को देश की सबसे बड़ी ताकत माना है और 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' केवल नारा नहीं, बल्कि शासन की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।

खटाना के अनुसार, जब मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब देश 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले, कॉमनवेल्थ घोटाले और कोयला आवंटन घोटाले जैसे मामलों से जूझ रहा था, जिन्होंने भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाया था। आज प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), डिजिटल भुगतान और रियल टाइम ट्रांजेक्शन में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है।

विपक्ष और इंडिया गठबंधन पर सवाल

इंडिया गठबंधन की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए खटाना ने कांग्रेस और विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष की ज़िम्मेदारी जनता के मुद्दे उठाने की है, लेकिन कई बार संसद का समय बाधित करने और अनावश्यक विवाद खड़े करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल विभिन्न राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, जिससे उनके बीच वैचारिक एकता पर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार, 'देश की जनता अब विकास, सुशासन और विकसित भारत के विजन के साथ खड़ी दिखाई देती है। युवा वर्ग भी स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत के विचार से जुड़ना चाहता है।' आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 2021 में राज्य में उसे बड़ी हार मिली थी। असली सवाल यह है कि TMC की आंतरिक बेचैनी क्या वाकई जनाक्रोश से उपजी है, या यह सत्ता-संघर्ष की स्वाभाविक प्रक्रिया है — जो हर बड़े दल में होती है। मोदी के 12 वर्षों की उपलब्धियों की सूची प्रभावशाली है, लेकिन बेरोज़गारी और असमानता जैसे मुद्दों पर विपक्ष के सवाल भी अनुत्तरित हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलाम अली खटाना ने TMC की अस्थिरता के बारे में क्या कहा?
BJP राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि TMC के भीतर दिख रही बेचैनी पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ जनता के बढ़ते विरोध का नतीजा है। उनके अनुसार TMC की कार्यप्रणाली अलोकतांत्रिक रही है और कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाई जाती रही है।
पश्चिम बंगाल में किन समस्याओं का ज़िक्र किया गया?
खटाना ने पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और विकास की कमी को प्रमुख चुनौतियाँ बताया। उन्होंने कहा कि जनता अब इन समस्याओं से मुक्ति और सुशासन चाहती है।
मोदी के 12 वर्षों की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया गया?
खटाना ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), डिजिटल भुगतान, रियल टाइम ट्रांजेक्शन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रमुख उपलब्धियाँ बताया। उन्होंने दावा किया कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है।
इंडिया गठबंधन पर BJP सांसद ने क्या सवाल उठाए?
खटाना ने कहा कि विपक्षी दल विभिन्न राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, जिससे उनकी वैचारिक एकता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष ने संसद का समय बाधित किया और अनावश्यक विवाद खड़े किए।
यूसुफ पठान विवाद पर BJP की क्या प्रतिक्रिया रही?
TMC सांसद की ओर से यूसुफ पठान को लेकर दिए गए बयान पर खटाना ने कहा कि कोई भी नेता कुछ भी कह सकता है, लेकिन बंगाल की असली समस्याएँ — घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास का अभाव — बनी हुई हैं। उन्होंने TMC के सांसदों के टूटने की खबरों को खारिज करने पर कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम जनता के सामने है।
राष्ट्र प्रेस
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