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बरहामपुर में अधीर चौधरी की रैली के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं का उग्र विरोध

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बरहामपुर में अधीर चौधरी की रैली के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं का उग्र विरोध

सारांश

बरहामपुर में कांग्रेस उम्मीदवार अधीर चौधरी की रैली के दौरान तृणमूल समर्थकों ने 'वापस जाओ' के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

बरहामपुर में अधीर चौधरी की रैली के दौरान तनावपूर्ण स्थिति।
तृणमूल कांग्रेस समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन।
बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती।
पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कार्रवाई।
राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का बढ़ता असर।

कोलकाता, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बरहामपुर में रविवार को कांग्रेस के उम्मीदवार अधीर चौधरी की चुनावी रैली के दौरान स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई। तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने तीन अलग-अलग स्थानों पर उनके खिलाफ 'वापस जाओ' के नारे लगाए।

इत्तेफाक से, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी उसी दिन बरहामपुर में चुनावी रैली आयोजित करनी थी। इस बीच, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों और पुलिस की तैनाती की गई थी।

आज सुबह बरहामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार अधीर चौधरी ने अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। उन्होंने बरहामपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 5 के मोहन रॉय पारा चौराहे से अपनी यात्रा शुरू की और ज्यादातर पैदल प्रचार किया। उनके साथ स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी थे। शनिवार को हुई अशांति के मद्देनजर, रविवार को चुनाव प्रचार के समय से ही केंद्रीय बलों और पुलिस की भारी तैनाती की गई।

हालांकि, उन्हें तीन स्थानों पर 'वापस जाओ' के नारों का सामना करना पड़ा—वार्ड नंबर 3 के दयामयी काली बारी क्षेत्र, दयानगर चौराहा और कंदनगर रोड क्षेत्रों में—जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वहां तैनात पुलिस और केंद्रीय बलों ने स्थिति को संभाल लिया।

महत्वपूर्ण यह है कि शनिवार की शाम को पश्चिम बंगाल पुलिस ने बरहामपुर के प्रभारी निरीक्षक (आईसी) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की और चौधरी के चुनाव प्रचार में अवैध रूप से बाधा डालने के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के चार सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की।

शनिवार को, अधीर चौधरी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे। वार्ड नंबर 19 में प्रवेश करते ही उन्हें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा बाधाओं का सामना करना पड़ा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस जानबूझकर चुनाव प्रचार में बाधाएं डाल रही है। वे चुनाव परिणामों से भयभीत हैं, इसलिए उन्होंने हिंसा और धमकी का सहारा लिया है।

हालांकि, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के पार्षद भीष्मदेव कर्मकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह गद्दार हैं और बाहरी लोगों को लाकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।

इत्तेफाक से, शुक्रवार रात को अधीर चौधरी भी विरोध प्रदर्शन का शिकार हुए। तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उन्हें देखते ही 'वापस जाओ' के नारे लगाए। यह घटना बरहामपुर के अब्दस समद रोड पर हुई। चौधरी उस क्षेत्र में एक जिला कांग्रेस नेता से मिलने गए थे, जो बीमारी के कारण नर्सिंग होम में भर्ती हैं। उनके लौटने पर, तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर उन्हें देखते ही 'वापस जाओ' के नारे लगाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आगामी चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधीर चौधरी की रैली कब हुई थी?
अधीर चौधरी की रैली 5 अप्रैल को हुई थी।
क्यों तृणमूल कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया?
तृणमूल कार्यकर्ताओं ने अधीर चौधरी के खिलाफ 'वापस जाओ' के नारे लगाए, जिससे विरोध प्रदर्शन हुआ।
क्या सुरक्षा के लिए पुलिस को तैनात किया गया था?
हाँ, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात किया गया था।
क्या इस घटना पर कोई कार्रवाई हुई?
हाँ, पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस के चार सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
कौन से राजनीतिक नेता ने इस घटना पर टिप्पणी की?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद ने इस घटना पर टिप्पणी की है।
राष्ट्र प्रेस
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