7 अगस्त 2026
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भदोही साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़: ₹50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी में 5 गिरफ्तार

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भदोही साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़: ₹50 लाख से अधिक की धोखाधड़ी में 5 गिरफ्तार

सारांश

भदोही पुलिस ने 'साइबर वज्र अभियान' के तहत ₹50 लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले पाँच आरोपियों को दबोचा। व्हाट्सएप-टेलीग्राम के जरिए फर्जी निवेश का झाँसा देने वाले इस गिरोह के म्यूल खातों से 18 राज्यों की शिकायतें जुड़ी हैं; तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

भदोही पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को 'साइबर वज्र अभियान' के तहत 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर ₹50 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी का आरोप है।
इनके 5 म्यूल बैंक खातों से विभिन्न राज्यों की 18 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी मिलीं।
कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज हैं।
गिरोह से जुड़े 3 फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

उत्तर प्रदेश की भदोही पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को साइबर ठगी के एक सुनियोजित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ₹50 लाख से अधिक की ऑनलाइन धोखाधड़ी में संलिप्त पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में चलाए गए 'साइबर वज्र अभियान' के तहत थाना भदोही और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद इरफान, अमन, गुफरान, समीर अंसारी और सैदान अंसारी शामिल हैं — ये सभी भदोही जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं। जाँच में सामने आया कि इनके नाम पर संचालित पाँच म्यूल बैंक खातों से विभिन्न राज्यों की 18 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी हुई थीं। इसके अतिरिक्त कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी इनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज हैं।

ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार, आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को फर्जी निवेश, शेयर मार्केट और टास्क-आधारित कमाई का लालच देते थे। पीड़ितों को एपीके फाइल, फर्जी लिंक और क्यूआर कोड भेजकर उनके खातों तक पहुँच बनाई जाती थी। ठगी की रकम पहले म्यूल खातों में जमा कराई जाती, फिर एटीएम, यूपीआई और अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकालकर अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी — जिससे धन की पहचान और वसूली कठिन हो जाती थी।

पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि 'साइबर वज्र अभियान' के जरिए साइबर अपराधियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ में इन अपराधियों के अन्य संपर्कों का भी पता चला है, जिन्हें ये म्यूल खाते साइबर धोखाधड़ी के लिए उपलब्ध कराते थे। सभी पाँचों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।

फरार आरोपियों की तलाश

त्यागी ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार के साइबर फ्रॉड में न फँसें और किसी भी संदिग्ध लिंक या क्यूआर कोड पर क्लिक करने से बचें।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि म्यूल खाता नेटवर्क का उपयोग कर बहु-राज्यीय ठगी का यह मॉडल अत्यंत संगठित है — 18 एनसीआरपी शिकायतें और तीन राज्यों में मुकदमे यह दर्शाते हैं कि इस गिरोह का विस्तार भदोही से कहीं आगे तक था। जाँच और कार्रवाई जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि ठगी की ₹50 लाख से अधिक की रकम पीड़ितों को वापस मिलेगी या नहीं — जो अक्सर इन मामलों में अनुत्तरित रह जाता है। तीन फरार आरोपियों की मौजूदगी यह भी बताती है कि नेटवर्क पूरी तरह टूटा नहीं है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भदोही साइबर ठगी मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
भदोही पुलिस ने 7 अगस्त 2026 को पाँच आरोपियों — मोहम्मद इरफान, अमन, गुफरान, समीर अंसारी और सैदान अंसारी — को गिरफ्तार किया। सभी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
साइबर वज्र अभियान क्या है?
साइबर वज्र अभियान उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष अभियान है। भदोही में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में थाना भदोही और साइबर क्राइम थाने की संयुक्त टीम ने की।
आरोपी किस तरह ठगी करते थे?
आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए फर्जी निवेश, शेयर मार्केट और टास्क-आधारित कमाई का लालच देते थे। पीड़ितों को एपीके फाइल, फर्जी लिंक और क्यूआर कोड भेजकर ठगी की जाती थी और रकम म्यूल खातों के माध्यम से निकाली जाती थी।
इस मामले में कितनी शिकायतें दर्ज हैं?
आरोपियों के पाँच म्यूल बैंक खातों से विभिन्न राज्यों की 18 एनसीआरपी शिकायतें जुड़ी मिली हैं। इसके अलावा कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी इनके विरुद्ध अलग मुकदमे दर्ज हैं।
क्या इस गिरोह के अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं?
हाँ, पुलिस के अनुसार इस गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा है कि उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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