भागलपुर में डीएम अलंकृता पांडे ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की, कमज़ोर प्रदर्शन पर कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने 19 सितंबर 2026 को जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अगस्त की उपलब्धियों और सितंबर में जारी विशेष स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति का कड़ा निर्देश देते हुए सुधार न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
ओपीडी पंजीकरण और डिजिटल सेवाओं की स्थिति
बैठक में 'भव्य' पोर्टल के माध्यम से 'स्कैन और शेयर' पंजीकरण की समीक्षा में सामने आया कि अगस्त में जिले में कुल 88,717 ओपीडी पंजीकरणों में से 87,722 'स्कैन और शेयर' के ज़रिये हुए, जो कि लगभग 99 प्रतिशत उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, 'भव्य' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श का अनुपात भी लगभग 100 प्रतिशत रहा, जिसे जिलाधिकारी ने सराहनीय बताया।
आईपीडी और आकस्मिक विभाग में कमज़ोर प्रदर्शन
इनडोर मरीजों के विटाल्स जांच में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंगरा का प्रदर्शन केवल 17 प्रतिशत और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर का 38 प्रतिशत रहा। जिलाधिकारी ने इन दोनों केंद्रों पर स्पष्ट असंतोष जताते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सितंबर में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आकस्मिक विभाग में स्थिति और भी चिंताजनक रही — रेफरल अस्पताल सुल्तानगंज की उपलब्धि महज 2 प्रतिशत और अनुमंडलीय अस्पताल कहलगांव की 18 प्रतिशत दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ओपीडी, आकस्मिक और इनडोर — तीनों विभागों के सभी मरीजों के विटाल्स की जांच अनिवार्य रूप से भव्य पोर्टल पर दर्ज की जाए।
स्वास्थ्य अभियानों की प्रगति
एनसीडी (गैर-संचारी रोग) अभियान के तहत 17 सितंबर 2026 तक जिले में 2,82,997 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 14.6 प्रतिशत और निर्धारित अवधि के लक्ष्य का 82.3 प्रतिशत है। एनीमिया मुक्त भारत अभियान में 1,69,006 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है — यह निर्धारित अवधि के लक्ष्य का 209 प्रतिशत है। जिलाधिकारी ने एनीमिया के लक्षण वाले सभी व्यक्तियों की सीबीसी जांच कराने और उचित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
टीबी मुक्त भारत अभियान में भी जिला अपेक्षा से आगे रहा। 3,93,255 लोगों की स्क्रीनिंग के लक्ष्य के मुकाबले 6,12,484 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। माइक्रोबायोलॉजी जांच में न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट का अनुपात 99.8 प्रतिशत रहा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ
पीएमएसएमए के तहत 3,586 गर्भवती महिलाओं की जांच में 827 उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भावस्थाओं की पहचान हुई, जिनमें से 746 का प्रबंधन किया गया। जिलाधिकारी ने उन संस्थानों के प्रभारियों से स्पष्टीकरण माँगने का निर्देश दिया जहाँ हाई रिस्क गर्भावस्था पहचान का औसत जिले के औसत से कम है।
रिपोर्टिंग माह में 8,830 बच्चों का पूर्ण टीकाकरण हुआ, जो मासिक लक्ष्य का 110 प्रतिशत है। संस्थागत प्रसव की उपलब्धि 78 प्रतिशत दर्ज की गई। जिले की बेड ऑक्यूपेंसी दर अगस्त में 99.02 प्रतिशत रही।
आशा पदों की रिक्तियाँ और बाल स्वास्थ्य
भागलपुर में 3,191 स्वीकृत आशा पदों में से अभी केवल 2,690 पद भरे हैं और 501 पद रिक्त हैं। जिलाधिकारी ने एक माह के भीतर विशेष अभियान चलाकर सभी रिक्तियाँ भरने का कड़ा निर्देश दिया। एम-आशा पोर्टल पर पंजीकृत 2,310 आशाओं में से 2,197 सक्रिय हैं, यानी सक्रियता दर 95.11 प्रतिशत है।
बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके टीमों ने अगस्त में 18,852 बच्चों की स्क्रीनिंग की। जून से अगस्त 2026 के बीच कुल 94 एसएएम बच्चों को एनआरसी रेफर किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समीक्षा में सामने आई कमियों को दूर करने और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित निगरानी जारी रखने का निर्देश देते हुए बैठक समाप्त की।