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भागलपुर-नाथानगर ट्रेन पथराव: आरपीएफ ने मो. इरफान को गिरफ्तार किया, न्यायिक हिरासत में भेजा

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भागलपुर-नाथानगर ट्रेन पथराव: आरपीएफ ने मो. इरफान को गिरफ्तार किया, न्यायिक हिरासत में भेजा

सारांश

भागलपुर-नाथानगर रेल खंड पर पथराव का वायरल वीडियो सामने आते ही आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम हरकत में आई और कुछ ही दिनों में मुख्य आरोपी मो. इरफान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब गैंग एंगल की भी जांच कर रही है।

मुख्य बातें

मोहम्मद इरफान (41 वर्ष) , निवासी मोहद्दीनगर, थाना हबीबपुर, भागलपुर , को 18 जून को गिरफ्तार किया गया।
आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की पाँच सदस्यीय संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।
आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
पुलिस जांच कर रही है कि पथराव में कोई गैंग या अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
आरपीएफ ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत रेल सुरक्षा मामलों में सख्त कार्रवाई का संकल्प दोहराया।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और केंद्रीय जांच शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने भागलपुर-नाथानगर रेल खंड पर चलती ट्रेन में पथराव करने के मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इरफान (41 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। 18 जून को की गई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इरफान भागलपुर जिले के मोहद्दीनगर, थाना हबीबपुर का निवासी है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार गिरी, उपनिरीक्षक पूर्णेंदु कुमार, प्रधान आरक्षी उत्तम सरकार, जीआरपी थाना प्रभारी नसीम अहमद और सीआईबी के अमरेंद्र रजक की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

वायरल वीडियो से शुरू हुई जांच

वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि चलती ट्रेन पर पथराव किया जा रहा है, जिससे यात्रियों में भय का माहौल बन गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही आरपीएफ भागलपुर की टीम सक्रिय हो गई और लगातार छापेमारी के ज़रिये मात्र कुछ दिनों में आरोपी तक पहुँचने में सफलता मिली।

जांच में अहम खुलासे, गैंग एंगल की पड़ताल

पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पथराव की यह घटना अकेले इरफान ने अंजाम दी या इसमें कोई गैंग अथवा अन्य लोग भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी घटनाएँ न केवल रेल यात्रा को असुरक्षित बनाती हैं, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाती हैं।

आरपीएफ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

रेलवे सुरक्षा बल ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति, ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आरपीएफ ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत ऐसे सभी मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का संकल्प जताया है।

जनता से अपील

आरपीएफ ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि रेलवे ट्रैक के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या ट्रेन पर पथराव की कोई सूचना मिले, तो तत्काल निकटतम आरपीएफ या जीआरपी थाने अथवा हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दें। इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पथराव की ऐसी घटनाएँ बार-बार क्यों होती हैं। बिहार के रेल खंडों पर पथराव की यह कोई पहली घटना नहीं है, और हर बार गिरफ्तारी के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। जब तक गैंग एंगल की जांच पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक नहीं होती और दोषियों को त्वरित सज़ा नहीं मिलती, तब तक 'जीरो टॉलरेंस' की नीति महज़ बयानबाज़ी बनी रहेगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर-नाथानगर ट्रेन पथराव मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इरफान (41 वर्ष), निवासी मोहद्दीनगर, थाना हबीबपुर, भागलपुर को गिरफ्तार किया गया। उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आरोपी की गिरफ्तारी किसने की?
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार गिरी, उपनिरीक्षक पूर्णेंदु कुमार, प्रधान आरक्षी उत्तम सरकार, जीआरपी थाना प्रभारी नसीम अहमद और सीआईबी के अमरेंद्र रजक की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को पकड़ा।
क्या इस पथराव में और लोग भी शामिल थे?
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना अकेले इरफान ने की या इसमें कोई गैंग अथवा अन्य लोग भी शामिल थे। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं और आगे की जांच जारी है।
ट्रेन पर पथराव की घटना का पता कैसे चला?
भागलपुर-नाथानगर रेल खंड पर चलती ट्रेन पर पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें यात्रियों में दहशत साफ दिख रही थी। वीडियो वायरल होते ही आरपीएफ भागलपुर की टीम जांच और छापेमारी में जुट गई।
रेलवे में पथराव की घटनाओं पर आरपीएफ का क्या रुख है?
आरपीएफ ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत रेलवे संपत्ति, ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का संकल्प लिया है। साथ ही जनता से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियाँ दिखने पर तुरंत निकटतम आरपीएफ या जीआरपी थाने को सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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