भागलपुर-नाथानगर ट्रेन पथराव: आरपीएफ ने मो. इरफान को गिरफ्तार किया, न्यायिक हिरासत में भेजा
सारांश
मुख्य बातें
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और केंद्रीय जांच शाखा (सीआईबी) की संयुक्त टीम ने भागलपुर-नाथानगर रेल खंड पर चलती ट्रेन में पथराव करने के मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इरफान (41 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। 18 जून को की गई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की थी।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद इरफान भागलपुर जिले के मोहद्दीनगर, थाना हबीबपुर का निवासी है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार गिरी, उपनिरीक्षक पूर्णेंदु कुमार, प्रधान आरक्षी उत्तम सरकार, जीआरपी थाना प्रभारी नसीम अहमद और सीआईबी के अमरेंद्र रजक की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
वायरल वीडियो से शुरू हुई जांच
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि चलती ट्रेन पर पथराव किया जा रहा है, जिससे यात्रियों में भय का माहौल बन गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही आरपीएफ भागलपुर की टीम सक्रिय हो गई और लगातार छापेमारी के ज़रिये मात्र कुछ दिनों में आरोपी तक पहुँचने में सफलता मिली।
जांच में अहम खुलासे, गैंग एंगल की पड़ताल
पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि पथराव की यह घटना अकेले इरफान ने अंजाम दी या इसमें कोई गैंग अथवा अन्य लोग भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसी घटनाएँ न केवल रेल यात्रा को असुरक्षित बनाती हैं, बल्कि रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
आरपीएफ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
रेलवे सुरक्षा बल ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति, ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आरपीएफ ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत ऐसे सभी मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का संकल्प जताया है।
जनता से अपील
आरपीएफ ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि रेलवे ट्रैक के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या ट्रेन पर पथराव की कोई सूचना मिले, तो तत्काल निकटतम आरपीएफ या जीआरपी थाने अथवा हेल्पलाइन नंबर पर जानकारी दें। इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।