कोडरमा स्टेशन पर जीआरपी ने दबोचा: ट्रेन में पिस्टल लहराकर यात्रियों को धमका रहा था युवक, 24 कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के कोडरमा रेलवे स्टेशन पर 28 जून 2026 को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से जीआरपी ने एक युवक को गिरफ्तार किया, जो प्रयागराज से रांची जा रही ट्रेन में नशे की हालत में पिस्टल लहराकर यात्रियों को डरा-धमका रहा था। आरोपी की पहचान 32 वर्षीय दिवाकर सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र के रायपुर गांव का निवासी है। उसके पास से एक पिस्टल, मैगजीन में लोड छह जिंदा कारतूस और एक अलग पाउच में 18 अतिरिक्त कारतूस बरामद किए गए।
घटनाक्रम: कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली कि ट्रेन के एक कोच में एक युवक नशे की हालत में हथियार लेकर घूम रहा है और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। जैसे ही ट्रेन कोडरमा स्टेशन पहुँची, जीआरपी के सहायक उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह और शैलेश कुमार ने संबंधित बोगी में पहुँचकर युवक की पहचान की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमर में पिस्टल खोंसे कोच में घूम रहा था।
जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने आरोपी को ट्रेन से उतारकर हिरासत में लिया और तलाशी ली, जिसमें हथियार और कारतूस बरामद हुए।
आरोपी का परिचय और बयान
पूछताछ में आरोपी दिवाकर सिंह ने बताया कि वह पेशे से निजी सुरक्षा गार्ड है और प्रयागराज से रांची की यात्रा कर रहा था। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। हालाँकि, पुलिस अभी यह जाँच कर रही है कि उसके पास हथियार का वैध लाइसेंस था या नहीं।
कानूनी कार्रवाई
जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), रेलवे अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जाँच के दायरे में क्या है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दो प्रमुख पहलुओं की जाँच की जा रही है — पहला, हथियार के लाइसेंस की वैधता, और दूसरा, यात्रियों को धमकाने के पीछे की असली वजह। गौरतलब है कि एक निजी सुरक्षा गार्ड का यात्रियों के बीच इस तरह हथियार लहराना रेलवे सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि ट्रेन यात्रा के दौरान हथियारों की अनधिकृत आवाजाही एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
फिलहाल आरोपी जीआरपी की हिरासत में है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार होगी।