क्या भारत नामीबिया के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण सहयोगी है?

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क्या भारत नामीबिया के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण सहयोगी है?

सारांश

भारत और नामीबिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों की कहानी में, भारत ने नामीबियाई स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानिए कैसे दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है।

Key Takeaways

  • भारत ने नामीबिया की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध 1990 में स्थापित हुए।
  • नामीबिया में भारतीय संस्कृति को उच्च सम्मान प्राप्त है।
  • भारत और नामीबिया के बीच व्यापार निरंतर बढ़ रहा है।
  • भारत का उच्चायोग विंडहोक में है।

नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और नामीबिया के बीच एक ऐतिहासिक संबंध स्थापित है। 1946 में संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की स्वतंत्रता के मुद्दे को उठाने वाले देशों में भारत का नाम भी शामिल था। भारत ने नामीबियाई स्वतंत्रता संग्राम में समर्थन प्रदान किया था। दोनों देशों के बीच के संबंध ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से मजबूत बने हुए हैं।

अफ्रीका में नामीबिया को भारत का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साझेदार माना जाता है। नामीबिया, दक्षिणी अफ्रीका का एक विशाल लेकिन कम जनसंख्या वाला देश है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 8.25 लाख वर्ग किलोमीटर है। वर्ल्डमीटर के अनुसार, इसकी जनसंख्या 3,126,347 के आसपास है। नामीबिया प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है, जिसमें खनिज, ऊर्जा और समुद्री संसाधनों की भरपूर मौजूदगी है।

नामीबिया की आजादी के बाद 1990 में भारत और नामीबिया के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए। भारत का उच्चायोग विंडहोक में स्थित है, जो दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करता है।

रणनीतिक दृष्टि से, भारत और नामीबिया संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार निरंतर बढ़ रहा है, विशेष रूप से प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा क्षेत्र में।

भारत और नामीबिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों का मुख्य केंद्र योग और आयुर्वेद है। भारतीय संस्कृति को नामीबिया में बहुत सम्मान और रुचि के साथ देखा जाता है। हालांकि, यहां भारतीय समुदाय की संख्या कम है, फिर भी यह सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। दोनों देशों के बीच शिक्षा और छात्रवृत्ति के माध्यम से संबंध बढ़ रहे हैं।

नामीबिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्शिया मिराबिलिस' से सम्मानित किया गया है, जो दोनों देशों के बीच के संबंधों की मजबूती को दर्शाता है।

नामीबिया से भारत को यूरेनियम, अन्य खनिज, हीरे, कीमती पत्थर, तांबा, जिंक, समुद्री उत्पाद, पेट्रोलियम, ऊर्जा, मशीनरी और उपकरणों का आयात होता है।

भारत से नामीबिया को पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, वाहन, चावल (गैर-बासमती सहित), गेहूं, दालें और मसाले, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और रक्षा उपकरण निर्यात होते हैं। भारतीय कंपनियां नामीबिया के माइनिंग, ऊर्जा, हेल्थकेयर और आईटी क्षेत्र में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं।

Point of View

बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक भी हैं। दोनों देशों को एक-दूसरे के साथ खड़ा रहना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे वैश्विक मंच पर अपनी आवाज को और मजबूत करें।
NationPress
21/01/2026

Frequently Asked Questions

भारत ने नामीबिया की स्वतंत्रता संग्राम में कैसे मदद की?
भारत ने 1946 में नामीबिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया और इसके लिए समर्थन प्रदान किया।
नामीबिया के साथ भारत के व्यापार में क्या बढ़ोतरी हुई है?
भारत और नामीबिया के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है, खासकर प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा क्षेत्र में।
भारत का उच्चायोग कहां स्थित है?
भारत का उच्चायोग नामीबिया की राजधानी विंडहोक में स्थित है।
नामीबिया में भारतीय संस्कृति का क्या स्थान है?
भारतीय संस्कृति को नामीबिया में बहुत सम्मान से देखा जाता है, विशेषकर योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में।
भारत को नामीबिया से क्या-क्या आयात होता है?
भारत को नामीबिया से यूरेनियम, हीरे, तांबा, और अन्य खनिजों का आयात होता है।
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