दिल्ली: भारत-इंग्लैंड क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, 28 मोबाइल जब्त
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की कीर्ति नगर थाना टीम ने 16 जुलाई 2025 को भारत-इंग्लैंड क्रिकेट मैच पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। कीर्ति नगर के एन-ब्लॉक स्थित एक मकान पर की गई छापेमारी में 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। प्रारंभिक जाँच में लाखों रुपये के संदिग्ध अवैध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।
छापेमारी कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, अवैध जुए और साइबर सट्टेबाजी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाने को सूचना मिली कि कीर्ति नगर के एन-ब्लॉक में एक मकान से भारत-इंग्लैंड मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर महावीर सिंह और एसीपी जय प्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई।
पुलिस के अनुसार, टीम को देखते ही आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन और लैपटॉप बंद कर डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें तत्काल काबू कर लिया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच में लाइव ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित होने के साक्ष्य मिले।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार पाँचों आरोपियों की पहचान जतिन टंडन, योगेश गोयल, अनमोल, शिखर अग्रवाल और मोहित ढिंगरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी कथित तौर पर आसानी से पैसा कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार से जुड़े थे। इनमें शिखर अग्रवाल की भूमिका इस रैकेट में सबसे अहम बताई जा रही है।
बरामद सामग्री का ब्यौरा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 28 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, दो ऑडियो रिकॉर्डर, एक हेडफोन, सट्टेबाजी व लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज तीन नोटबुक, एक इंटरनेट राउटर, एक पोर्टेबल वाई-फाई राउटर तथा लैपटॉप एवं मोबाइल चार्जर समेत अन्य सामान जब्त किया। यह उपकरण सट्टेबाजी नेटवर्क की व्यापकता की ओर इशारा करते हैं।
कानूनी कार्रवाई
कीर्ति नगर थाने में दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1955 की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों की ऑनलाइन सट्टेबाजी में संलिप्तता की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी भारत में पूर्णतः प्रतिबंधित है, फिर भी हर बड़े मैच के दौरान ऐसे रैकेट सक्रिय हो जाते हैं।
आगे की जाँच
अधिकारी कथित मास्टरमाइंड, इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों और पूरे वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं। पुलिस के अनुसार, संदिग्ध अवैध लेन-देन की विस्तृत फोरेंसिक जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।