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दिल्ली पुलिस ने मधु विहार से आईपीएल ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पकड़ा, 3 गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने मधु विहार से आईपीएल ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पकड़ा, 3 गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस के एएटीएस ने आईपीएल मैच के दौरान मधु विहार में छापा मारकर लाइव सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया। तीन आरोपी मौके पर पकड़े गए — लैपटॉप, टैबलेट, 9 मोबाइल और हाथ से लिखे सट्टे के रिकॉर्ड बरामद। गिरोह 'स्काईएक्सच' जैसे ऐप से लाइव दाँव लगा रहा था।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस के एएटीएस ने 23 मई को मधु विहार में छापा मारकर आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया।
मनीष जैन (50) , अभिषेक जैन (26) और अर्पित गुप्ता (40) को मौके पर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 2 लैपटॉप , 2 सैमसंग टैबलेट , 9 मोबाइल फोन और हाथ से लिखी सट्टा नोटबुक बरामद की।
आरोपी 'स्काई लाइव प्रो' , 'स्काईएक्सच' और 'डेटा कैलकुलेशन वर 1.0' ऐप से लाइव सट्टेबाजी कर रहे थे।
यह कार्रवाई आईपीएल सत्र के दौरान अवैध जुए के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है; जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस के पूर्वी जिले के ऑटो चोरी रोधी दस्ते (एएटीएस) ने 23 मई को मधु विहार इलाके से संचालित एक सक्रिय ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया और तीन आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल मैच के दौरान हुई, जब आरोपी कथित तौर पर लाइव सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे।

छापेमारी का घटनाक्रम

पुलिस को आईपीएल मैचों के दौरान अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी की विशिष्ट सूचना मिलने के बाद 23 मई को शाम लगभग 6 बजे मधु विहार स्थित परिसर पर छापा मारा गया। परिसर की ऊपरी मंजिल पर पहुँचने पर ड्राइंग रूम में तीन व्यक्ति लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन और हाथ से लिखे सट्टेबाजी के रिकॉर्ड के साथ बैठे पाए गए। पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान मनीष जैन (50), निवासी मधु विहार; अभिषेक जैन (26), निवासी जगत पुरी; और अर्पित गुप्ता (40), निवासी मंडावली ऊंचे पार के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, मनीष जैन कथित तौर पर अपने घर से ही इस सट्टेबाजी रैकेट का संचालन कर रहा था, जबकि अभिषेक जैन और अर्पित गुप्ता उसके सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे।

बरामद सामग्री और इस्तेमाल की गई तकनीक

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लैपटॉप, दो सैमसंग टैबलेट, नौ मोबाइल फोन, हाथ से लिखी सट्टेबाजी प्रविष्टियों वाली एक नोटबुक और सट्टेबाजी से जुड़े अन्य रिकॉर्ड बरामद किए। जाँचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी लाइव सट्टेबाजी की संभावनाओं की निगरानी और खाते बनाए रखने के लिए 'स्काई लाइव प्रो', 'डेटा कैलकुलेशन वर 1.0' और 'स्काईएक्सच' जैसे सट्टेबाजी एप्लिकेशन व सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे। आईपीएल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग टैबलेट पर चल रही थी और आरोपी कथित तौर पर फोन कॉल के ज़रिए अन्य सट्टेबाजों के साथ समन्वय कर रहे थे।

व्यापक अभियान का हिस्सा

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आईपीएल सत्र के दौरान अवैध सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि हर आईपीएल सत्र में इस तरह के रैकेट की सक्रियता बढ़ जाती है और पुलिस को नियमित रूप से ऐसी सूचनाएँ मिलती हैं।

आगे की जाँच

पुलिस ने बताया कि व्यापक नेटवर्क का पता लगाने, वित्तीय लेन-देन की जाँच करने और इस ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जाँच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि प्रवर्तन अभी भी छापेमारी-केंद्रित है। असली सवाल यह है कि वित्तीय लेन-देन की जाँच कहाँ तक पहुँचती है और क्या ऊपर के सूत्रधारों तक कार्रवाई होती है — या सिर्फ स्थानीय ऑपरेटर पकड़े जाते हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी रैकेट कहाँ और कब पकड़ा?
दिल्ली पुलिस के एएटीएस ने 23 मई को शाम लगभग 6 बजे मधु विहार स्थित एक परिसर पर छापा मारकर यह रैकेट पकड़ा। यह कार्रवाई लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल मैच के दौरान की गई।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी?
तीन आरोपी हैं — मधु विहार निवासी मनीष जैन (50), जगत पुरी निवासी अभिषेक जैन (26) और मंडावली ऊंचे पार निवासी अर्पित गुप्ता (40)। अधिकारियों के अनुसार, मनीष जैन रैकेट का मुख्य संचालक था और अन्य दोनों उसके सहयोगी थे।
पुलिस ने छापेमारी में क्या बरामद किया?
पुलिस ने दो लैपटॉप, दो सैमसंग टैबलेट, नौ मोबाइल फोन, हाथ से लिखी सट्टेबाजी प्रविष्टियों वाली एक नोटबुक और सट्टेबाजी से जुड़े अन्य रिकॉर्ड बरामद किए। आरोपी 'स्काई लाइव प्रो', 'स्काईएक्सच' और 'डेटा कैलकुलेशन वर 1.0' ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस ने बताया है कि व्यापक नेटवर्क का पता लगाने और वित्तीय लेन-देन की जाँच के लिए आगे की जाँच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की कोशिश की जा रही है, इसलिए आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
यह कार्रवाई किस बड़े अभियान का हिस्सा है?
यह छापेमारी आईपीएल सत्र के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। पूर्वी जिला पुलिस का एएटीएस दस्ता इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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