महासमुंद में IPL सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: नागपुर से संचालित नेटवर्क का सरगना समेत 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की सांकरा थाना पुलिस ने 31 मई 2026 को एक बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह महाराष्ट्र के नागपुर से संचालित हो रहा था और IPL क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन दांव लगाने का काम करता था।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी क्षेत्र की एक दुकान में IPL मैचों के दौरान रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जाँच शुरू की। जाँच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले गए, जिनमें आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा पुलिस ने किया है।
मुख्य आरोपी और नेटवर्क की कार्यप्रणाली
पूछताछ में आरोपी नरेश निषाद (40) और मनोहर मांझी (38) ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे (40) के संपर्क में रहकर IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे। हार-जीत का भुगतान स्थानीय लोगों के माध्यम से कराया जाता था, जबकि कई लेन-देन फोनपे के ज़रिए भी किए जाते थे। पुलिस के अनुसार, नागपुर से संचालित इस नेटवर्क में स्थानीय एजेंट और खाईवाल भी शामिल हो सकते हैं।
बरामदगी और डिजिटल साक्ष्य
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और ₹1,500 नकद जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि मोबाइल फोन की जाँच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े चैट, ट्रांज़ैक्शन स्क्रीनशॉट और फोनपे के माध्यम से हज़ारों से लेकर लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद डिजिटल साक्ष्यों से संकेत मिलते हैं कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है।
जाँच की स्थिति
सांकरा थाना पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल लेन-देन की गहन जाँच कर रही है। जाँच में कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिले हैं। पुलिस मोबाइल लोकेशन और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे क्या
तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जाँच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि IPL सीज़न के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाज़ी के मामलों में राज्यभर में तेज़ी देखी गई है, और यह गिरफ्तारी उसी व्यापक कार्रवाई की कड़ी मानी जा रही है।