10 अगस्त 2026
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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठग हिमांशु मंडल गिरफ्तार, ₹34,999 की UPI धोखाधड़ी का पर्दाफाश

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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठग हिमांशु मंडल गिरफ्तार, ₹34,999 की UPI धोखाधड़ी का पर्दाफाश

सारांश

दिल्ली पुलिस ने 21 जून को दोहरी कार्रवाई में UPI 'रिक्वेस्ट मनी' ट्रिक से ₹34,999 ठगने वाले हिमांशु मंडल को गुरुग्राम से और 'बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया' मैच पर अवैध सट्टा चलाने वाले अक्षय व सुनील दत्त को शाहदरा से गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

हिमांशु मंडल को 18 जून 2026 को गुरुग्राम के सेक्टर-7 से गिरफ्तार किया गया; उस पर ₹34,999 की UPI धोखाधड़ी का आरोप है।
आरोपी ने PhonePe पर 'रिक्वेस्ट मनी' फीचर का दुरुपयोग कर पीड़ित विवेक चावला को भुगतान आने का भ्रम दिया और UPI पिन दर्ज करवाकर रकम ठगी।
ठगी की रकम केनरा बैंक खाते में जमा पाई गई; आर्मी ऑफिसर बनकर धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
शाहदरा में अक्षय (48) और सुनील दत्त (32) , निवासी जीटीबी एन्क्लेव , क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार।
सट्टेबाजी में 'क्रिकेट गुरु' ऐप और लैपटॉप-आधारित कैलकुलेटर का इस्तेमाल; सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त।

दिल्ली पुलिस ने 21 जून 2026 को दो अलग-अलग कार्रवाइयों में एक साइबर ठग और दो ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने ऑनलाइन रेंटल स्कैम के ज़रिए ₹34,999 की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी हिमांशु मंडल को गुरुग्राम से दबोचा, जबकि शाहदरा की स्पेशल स्टाफ टीम ने 'बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया' क्रिकेट मैच पर अवैध सट्टा चलाते हुए अक्षय (48) और सुनील दत्त (32) को रंगे हाथों पकड़ा।

रेंटल स्कैम: UPI 'रिक्वेस्ट मनी' से की ठगी

करोल बाग निवासी विवेक चावला ने एक ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल पर अपना फ्लैट किराए पर देने के लिए विज्ञापन दिया था। इसी दौरान आशीष कुमार पहाड़ी नाम के एक व्यक्ति ने किरायेदार बनने में रुचि दिखाई और डील पक्की कर ली।

आरोपी ने भुगतान के बहाने चावला से उनकी UPI डिटेल्स मांगी और वेरिफिकेशन के नाम पर ₹1 भेजने को कहा। इसके बाद उसने PhonePe पर ₹34,999 का 'रिक्वेस्ट मनी' ट्रांज़ैक्शन जेनरेट किया और इसे इस तरह प्रस्तुत किया मानो वह पैसे भेज रहा हो। शिकायतकर्ता ने इसे आने वाला भुगतान समझकर अपना UPI पिन दर्ज कर दिया, जिससे उनके खाते से ₹34,999 कट गए और आरोपी के खाते में चले गए।

तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने पर साइबर सेंट्रल पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने दिल्ली, हापुड़, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में व्यापक तकनीकी और फील्ड जांच की। बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट के विश्लेषण से पता चला कि ठगी की रकम हिमांशु मंडल के नाम पर खुले केनरा बैंक खाते में जमा हुई थी।

18 जून 2026 को पुलिस टीम गुरुग्राम के सेक्टर-7 पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में हिमांशु मंडल ने साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और संचालित करने में अपनी भूमिका स्वीकार की। जांच अधिकारियों के अनुसार, जिस व्यक्ति ने आर्मी ऑफिसर बनकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया, उसकी तलाश अभी जारी है।

क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़

इसी दिन शाहदरा की स्पेशल स्टाफ टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक रैकेट का पर्दाफाश किया। एसीपी ऑपरेशन्स मोहिंदर सिंह की देखरेख और स्पेशल स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर आशीष कुमार के नेतृत्व में टीम ने चिन्हित स्थान पर छापा मारा।

छापे में अक्षय (48) और सुनील दत्त (32), दोनों निवासी जीटीबी एन्क्लेव, 'बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया' मैच पर लाइव सट्टा चलाते हुए पकड़े गए। पूछताछ में अक्षय ने बताया कि वह लैपटॉप पर सट्टेबाजी कैलकुलेटर एप्लिकेशन के ज़रिए सट्टे का रिकॉर्ड और हिसाब रखता था, जबकि सुनील दत्त ने 'क्रिकेट गुरु' मोबाइल एप्लिकेशन से लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए सट्टेबाजों से दांव स्वीकार करने की बात कबूल की।

बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण — लैपटॉप और मोबाइल फोन — साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिए हैं। साइबर धोखाधड़ी मामले में आरोपी के अन्य सहयोगियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि UPI 'रिक्वेस्ट मनी' फीचर का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को ठगने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उपयोगकर्ता फिर भी क्यों भ्रमित होते हैं — और इसका जवाब डिजिटल साक्षरता की गहरी कमी में है। वहीं, क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का 'क्रिकेट गुरु' जैसे ऐप का इस्तेमाल बताता है कि अवैध जुआ अब मोबाइल-फर्स्ट हो चुका है और पारंपरिक अड्डों की जगह डिजिटल नेटवर्क ने ले ली है। गिरफ्तारियाँ स्वागतयोग्य हैं, लेकिन जब तक मुख्य ऑपरेटर और फर्जी बैंक खाता नेटवर्क के सूत्रधार पकड़ में नहीं आते, कार्रवाई अधूरी रहेगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में UPI रेंटल स्कैम कैसे हुआ?
आरोपी ने ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल पर किरायेदार बनकर संपर्क किया और PhonePe पर ₹34,999 का 'रिक्वेस्ट मनी' ट्रांज़ैक्शन जेनरेट किया, जिसे पीड़ित विवेक चावला ने आने वाला भुगतान समझकर UPI पिन डाल दिया और रकम कट गई। यह UPI के 'भेजें' और 'माँगें' फीचर के बीच भ्रम का फायदा उठाने वाला स्कैम है।
साइबर ठगी में गिरफ्तार हिमांशु मंडल कौन है?
हिमांशु मंडल वह व्यक्ति है जिसके केनरा बैंक खाते में ठगी की ₹34,999 रकम जमा पाई गई। पुलिस के अनुसार, उसने साइबर धोखाधड़ी की रकम प्राप्त करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई। उसे 18 जून 2026 को गुरुग्राम के सेक्टर-7 से गिरफ्तार किया गया।
शाहदरा में क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट कैसे पकड़ा गया?
'बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया' मैच के दौरान सट्टा चलाने की विश्वसनीय सूचना पर एसीपी ऑपरेशन्स मोहिंदर सिंह की देखरेख में रेडिंग टीम ने छापा मारा और अक्षय (48) व सुनील दत्त (32) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों 'क्रिकेट गुरु' ऐप और लैपटॉप के ज़रिए लाइव सट्टा चला रहे थे।
UPI 'रिक्वेस्ट मनी' स्कैम से कैसे बचें?
UPI पर कभी भी अनजान व्यक्ति की 'रिक्वेस्ट मनी' स्वीकार न करें — UPI पिन केवल पैसे भेजते समय डाला जाता है, पैसे प्राप्त करते समय नहीं। यदि कोई किराया या भुगतान देने के बहाने UPI पिन माँगे या रिक्वेस्ट भेजे, तो यह धोखाधड़ी का संकेत है।
साइबर ठगी के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी कब होगी?
पुलिस के अनुसार, जिस व्यक्ति ने आर्मी ऑफिसर बनकर विवेक चावला से संपर्क किया और धोखाधड़ी को अंजाम दिया, उसकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। हिमांशु मंडल की पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर अन्य सहयोगियों का भी पता लगाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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