30 जुलाई 2026
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भारत-जर्मनी सबमरीन समझौता अगले महीने तक होगा साइन: निवर्तमान राजदूत फिलिप एकरमैन

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भारत-जर्मनी सबमरीन समझौता अगले महीने तक होगा साइन: निवर्तमान राजदूत फिलिप एकरमैन

सारांश

भारत में जर्मनी के निवर्तमान राजदूत फिलिप एकरमैन ने विदाई से पहले बड़ा संकेत दिया — सबमरीन समझौता अगले महीने तक साइन हो सकता है। ₹50 अरब डॉलर के वार्षिक व्यापार वाली इस साझेदारी में यह रक्षा सौदा नई ऊँचाई होगी।

मुख्य बातें

निवर्तमान जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा कि भारत-जर्मनी सबमरीन समझौते पर अगले महीने तक हस्ताक्षर हो सकते हैं।
जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है; वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर से अधिक ।
जयशंकर ने एकरमैन से विदाई मुलाकात की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में उनके योगदान की सराहना की।
एकरमैन का कार्यकाल 2022 से जुलाई 2026 तक रहा; उन्होंने नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास का नेतृत्व किया।
एकरमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को द्विपक्षीय संबंधों में 'मिलनसार और सक्रिय साझेदार' बताया।

भारत में जर्मनी के निवर्तमान राजदूत फिलिप एकरमैन ने 30 जुलाई 2026 को कहा कि भारत और जर्मनी के बीच बहुप्रतीक्षित सबमरीन समझौते पर अगले महीने तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। अपना कार्यकाल पूरा कर विदाई ले रहे एकरमैन ने नई दिल्ली में कहा कि वे इस रक्षा सौदे को लेकर पूरी तरह आशावान और आश्वस्त हैं।

सबमरीन समझौते पर क्या बोले एकरमैन

राजदूत एकरमैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सबमरीन डील को लेकर मैं बहुत आशावान और आश्वस्त हूं कि यह बहुत जल्द, शायद अगले महीने तक, साइन हो जाएगी।' यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत अपनी नौसैनिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ रक्षा सहयोग की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

भारत-जर्मनी व्यापारिक संबंध और द्विपक्षीय साझेदारी

इंडो-जर्मन इंडस्ट्रीज डायलॉग का उल्लेख करते हुए एकरमैन ने कहा, 'यह एक बहुत जरूरी मंच है, जहाँ जर्मन व्यवसायी, भारतीय व्यवसायी और भारतीय नीति-निर्माता आपस में मिलते हैं।' उन्होंने डीपीआईआईटी के सचिव भाटिया के भाषण की विशेष सराहना की। एकरमैन ने यह भी रेखांकित किया कि जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसके साथ प्रतिवर्ष 50 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार होता है।

प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

निवर्तमान राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक बहुत ही मिलनसार, बहुत ही सक्रिय साझेदार रहे हैं। उन्होंने फेडरल चांसलर को निमंत्रित किया, जो इस संबंध में उनकी वास्तविक रुचि को दर्शाता है।'

जयशंकर से विदाई मुलाकात

एकरमैन की विदाई से पूर्व भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन के विदा करने से पहले की मुलाकात अच्छी रही। मैंने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके बहुमूल्य योगदान की सराहना की। भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।' इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर विचार-विमर्श हुआ।

एकरमैन का कार्यकाल और परिचय

फिलिप एकरमैन का नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास में मुख्य कार्यकाल 2022 से जुलाई 2026 तक रहा। उन्होंने बॉन, हीडलबर्ग और उट्रेक्ट विश्वविद्यालयों से कला इतिहास और अर्थशास्त्र की शिक्षा प्राप्त की तथा 1993 में कला इतिहास में डॉक्टरेट उपाधि हासिल की। उसी वर्ष वे जर्मन विदेश सेवा में शामिल हुए। गौरतलब है कि उनके कार्यकाल में भारत-जर्मनी संबंध रणनीतिक, तकनीकी और रक्षा सहयोग के मामले में उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए। अब देखना होगा कि उनके उत्तराधिकारी के नेतृत्व में यह सबमरीन समझौता समयसीमा के भीतर साकार होता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत के रक्षा अधिग्रहण इतिहास में कई 'आसन्न' सौदे महीनों और वर्षों तक लटके रहे हैं — इसलिए समयसीमा पर सतर्क आशावाद ज़रूरी है। असली परीक्षण यह होगी कि यह समझौता 'मेक इन इंडिया' रक्षा नीति के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की शर्तों को किस हद तक पूरा करता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-जर्मनी सबमरीन समझौता क्या है और यह कब साइन होगा?
यह भारत और जर्मनी के बीच एक रक्षा सहयोग समझौता है जिसके तहत पनडुब्बी (सबमरीन) तकनीक या आपूर्ति से जुड़ी साझेदारी होनी है। निवर्तमान जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने 30 जुलाई 2026 को कहा कि यह सौदा संभवतः अगले महीने तक साइन हो जाएगा।
फिलिप एकरमैन कौन हैं और भारत में उनका कार्यकाल कब तक रहा?
फिलिप एकरमैन भारत में जर्मनी के राजदूत रहे, जिनका मुख्य कार्यकाल 2022 से जुलाई 2026 तक रहा। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास का नेतृत्व किया और 1993 में जर्मन विदेश सेवा में शामिल हुए थे।
भारत और जर्मनी के बीच व्यापार कितना है?
जर्मनी यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच प्रतिवर्ष 50 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार होता है। एकरमैन ने इसे भारत के लिए व्यापारिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बताया।
विदेश मंत्री जयशंकर और एकरमैन की मुलाकात में क्या हुआ?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एकरमैन की विदाई से पूर्व उनसे मुलाकात की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की। जयशंकर ने एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए एकरमैन के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
एकरमैन ने PM मोदी के बारे में क्या कहा?
एकरमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत-जर्मनी द्विपक्षीय संबंधों में 'बहुत मिलनसार और सक्रिय साझेदार' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने जर्मन फेडरल चांसलर को निमंत्रित किया, जो इस साझेदारी में उनकी वास्तविक रुचि को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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