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क्या भारत ने वैश्विक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' का शुभारंभ किया?

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क्या भारत ने वैश्विक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए 'रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स' का शुभारंभ किया?

सारांश

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स का शुभारंभ भारत द्वारा नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, और पर्यावरण संरक्षण के लिए किया गया है। यह सूचकांक देशों की जिम्मेदारी और विकास के मूल्यों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस पहल के पीछे के उद्देश्यों और प्रमुख हस्तियों के विचार।

मुख्य बातें

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स का शुभारंभ नैतिक शासन और सामाजिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों का योगदान वैश्विक दायित्वों की नई परिभाषा रिपोर्ट का विमोचन एक नई शुरुआत का प्रतीक

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने सोमवार को वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (डब्ल्यूआईएफ) के नेतृत्व में नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स (आरएनआई) का शुभारंभ किया। यह सूचकांक नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक उत्तरदायित्व जैसे मानदंडों पर राष्ट्रों का आकलन करने के लिए एक व्यापक वैश्विक ढांचा प्रस्तुत करता है, जो पारंपरिक शक्ति और आर्थिक समृद्धि के संकेतकों से कहीं आगे बढ़ता है।

इस शुभारंभ समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि रहे। अपने संबोधन में उन्होंने नैतिक शासन, समावेशी विकास और नैतिक उत्तरदायित्व के महत्व पर जोर दिया और इन्हें सतत राष्ट्रीय और वैश्विक प्रगति के आधारभूत स्तंभ कहा।

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के तहत तीन वर्षों की अकादमिक और नीति अनुसंधान पहल का परिणाम है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मुंबई का महत्वपूर्ण योगदान है।

कार्यक्रम के अंतर्गत, "मानव कल्याण से वैश्विक दायित्व तक: 21वीं सदी में उत्तरदायित्व, समृद्धि और शांति पर पुनर्विचार" विषय पर एक विशेषज्ञ पैनल चर्चा आयोजित की गई। सत्र की अध्यक्षता भारत के 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने की और इसमें परस्पर जुड़े विश्व में राष्ट्रीय सफलता को पुनर्परिभाषित करने पर विचार-विमर्श किया गया। पैनल में अशोका विश्वविद्यालय की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर प्राची मिश्रा, सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (सीएसईपी) के अध्यक्ष डॉ. लवीश भंडारी, एक्सिस बैंक के वैश्विक अनुसंधान प्रमुख नीलकंठ मिश्रा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति शांतिश्री डी. पंडित, IIM मुंबई के निदेशक प्रो. मनोज कुमार तिवारी, पेरिस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एडुआर्ड हूसन और न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा शामिल रहे।

सभा को संबोधित करते हुए, वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन के संस्थापक और सचिव सुधांशु मित्तल ने कहा कि आरएनआई राष्ट्रों के शक्ति-केंद्रित मूल्यांकन से उत्तरदायित्व-केंद्रित मूल्यांकन की ओर एक प्रतिमान बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो शासन परिणामों को नैतिक और मानवीय मूल्यों के साथ संरेखित करता है।

इस कार्यक्रम का समापन रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स रिपोर्ट के विमोचन के साथ हुआ, जो जिम्मेदार राष्ट्रवाद और सहयोगात्मक अंतर्राष्ट्रीय प्रगति पर वैश्विक संवाद की शुरुआत का प्रतीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे नैतिकता और मानवता के साथ जोड़ना है। भारत का यह कदम वैश्विक मंच पर जिम्मेदारी और समृद्धि के नए मानदंड स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स का क्या उद्देश्य है?
यह सूचकांक नैतिक शासन, सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक उत्तरदायित्व के मापदंडों पर राष्ट्रों का आकलन करता है।
इस पहल में कौन-कौन से संस्थान शामिल थे?
इसमें वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और IIM मुंबई शामिल हैं।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?
भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य अतिथि रहे।
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