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भरत तिवारी एनकाउंटर: बयान देने वाले कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी सस्पेंड, पूर्वी चंपारण पुलिस की कार्रवाई

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भरत तिवारी एनकाउंटर: बयान देने वाले कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी सस्पेंड, पूर्वी चंपारण पुलिस की कार्रवाई

सारांश

भोजपुर एनकाउंटर की न्यायिक जांच के बीच पूर्वी चंपारण पुलिस ने अपने ही एक कॉन्स्टेबल पर कार्रवाई की — जिसने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मृतक को अपना भाई बताया था। सस्पेंशन के साथ अनुशासन के दो पुराने मामले भी सामने आए।

मुख्य बातें

पूर्वी चंपारण पुलिस ने 27 जून 2026 को कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी को निलंबित किया।
आशीष ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए एनकाउंटर पर टिप्पणी की थी।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने DSP जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सस्पेंशन का आदेश दिया।
जनवरी 2023 में साथी अधिकारी को चाकू से धमकाने और अगस्त 2024 में सर्विस रिवॉल्वर तानने के पुराने आरोप भी जांच में शामिल।
भोजपुर एनकाउंटर की न्यायिक जांच अभी जारी है।

पूर्वी चंपारण पुलिस ने भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत पर सार्वजनिक बयान देने वाले मोतिहारी पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी को 27 जून 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई उस समय की गई जब आशीष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया, जिसमें वह खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए एनकाउंटर पर टिप्पणी कर रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

सोशल मीडिया और मीडिया संस्थानों के सामने दिए गए बयानों में कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी ने खुद को बिहार पुलिस का कर्मी बताते हुए भरत तिवारी की मौत पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी थी। वीडियो के वायरल होने के बाद मोतिहारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित पुलिस उपाधीक्षक (DSP) को जांच सौंपी गई।

एसपी का बयान

पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने अपने लिखित बयान में कहा, 'जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद विभाग ने कॉन्स्टेबल को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया।' अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान आशीष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

अनुशासन का पूर्व इतिहास

विभागीय कार्रवाई के दौरान कॉन्स्टेबल की पिछली पोस्टिंग से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों पर भी विचार किया गया। आरोप है कि जनवरी 2023 में हरपुर पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान आशीष ने नाइट पेट्रोलिंग के समय एक साथी पुलिस अधिकारी को चाकू से धमकाया था। इसके अलावा, अगस्त 2024 में पिपराकोठी पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान साथियों के साथ दुर्व्यवहार करने और अपनी सर्विस रिवॉल्वर साथी कर्मियों की ओर तानने का आरोप भी है।

व्यापक संदर्भ

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भोजपुर जिले में हुए एनकाउंटर की न्यायिक जांच अभी जारी है और भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर सार्वजनिक व राजनीतिक बहस तेज़ है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर आशीष का व्यवहार पुलिसकर्मियों पर लागू सेवा आचरण नियमों के अनुरूप नहीं था।

आगे की स्थिति

फिलहाल आशीष कुमार तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी। भोजपुर एनकाउंटर की न्यायिक जांच के नतीजे आने के बाद इस पूरे प्रकरण की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल 'मीडिया में बोलने' को दंडित करने की कवायद। पिछले दो वर्षों में इसी कॉन्स्टेबल पर दो गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप थे — फिर भी वह सेवा में बना रहा; वायरल वीडियो के बाद ही कार्रवाई हुई, जो प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉन्स्टेबल आशीष कुमार तिवारी को क्यों सस्पेंड किया गया?
आशीष कुमार तिवारी ने सोशल मीडिया और मीडिया के सामने खुद को भरत तिवारी का भाई बताते हुए भोजपुर एनकाउंटर पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जो पुलिसकर्मियों के सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन पाई गई। DSP की जांच रिपोर्ट के बाद पूर्वी चंपारण एसपी ने उन्हें तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला क्या है?
भरत भूषण तिवारी की मौत बिहार के भोजपुर जिले में एक पुलिस एनकाउंटर में हुई थी। इस मौत को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक विवाद छिड़ा हुआ है और मामले की न्यायिक जांच अभी जारी है।
आशीष कुमार तिवारी के खिलाफ पहले भी कोई मामले थे?
हाँ, आरोप है कि जनवरी 2023 में हरपुर पुलिस स्टेशन में तैनाती के दौरान उन्होंने एक साथी अधिकारी को चाकू से धमकाया था और अगस्त 2024 में पिपराकोठी में साथियों के साथ दुर्व्यवहार कर सर्विस रिवॉल्वर तान दी थी। इन मामलों को भी मौजूदा विभागीय जांच में शामिल किया गया।
इस सस्पेंशन का फैसला किसने लिया?
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने संबंधित DSP की जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद निलंबन का आदेश दिया। आशीष को जांच के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
भोजपुर एनकाउंटर की जांच कहाँ तक पहुँची है?
भोजपुर जिले में हुए एनकाउंटर की न्यायिक जांच अभी जारी है। इस कार्रवाई के नतीजे आने के बाद ही पूरे प्रकरण की दिशा स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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