27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारतीय रेलवे की 800+ रसोइयों में 2,394 एआई कैमरे, रोज़ 350 अलर्ट से हो रही खाद्य स्वच्छता की निगरानी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारतीय रेलवे की 800+ रसोइयों में 2,394 एआई कैमरे, रोज़ 350 अलर्ट से हो रही खाद्य स्वच्छता की निगरानी

सारांश

भारतीय रेलवे ने 800 से अधिक IRCTC रसोइयों में 2,394 एआई कैमरे लगाए हैं जो रोज़ाना 350 अलर्ट जारी करते हैं और 7-8 मिमी के कीटों तक पहचान सकते हैं। नई दिल्ली के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से निगरानी होती है और अब रोज़ 18 लाख से अधिक भोजन तैयार हो रहे हैं।

मुख्य बातें

IRCTC की 800 से अधिक रसोइयों में 2,394 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
प्रणाली प्रतिदिन औसतन 350 अलर्ट जारी करती है; पिछले महीने 13,000 से अधिक अलर्ट दर्ज हुए।
सभी कैमरों की निगरानी नई दिल्ली स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से होती है।
कैमरे 7-8 मिलीमीटर आकार के कीटों तक की पहचान करने में सक्षम हैं।
रोज़ाना तैयार भोजन की संख्या 16 लाख से बढ़कर 18 लाख से अधिक हो गई है।
ZRUCC सदस्य सैयद जाफर अली ने इसे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की यात्री-सुरक्षा प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया।

भारतीय रेलवे की रसोइयों में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों की तैनाती को दक्षिण रेलवे की जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (ZRUCC) के सदस्य एमजीएफए सैयद जाफर अली ने यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी हस्तक्षेप बताया है। उनके अनुसार, रेलवे मंत्रालय ने देशभर में आधुनिक निगरानी प्रणाली के ज़रिये रेलवे कैटरिंग सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की पहल शुरू की है, जिसके शुरुआती परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।

कितने कैमरे, कितनी रसोइयाँ

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा संचालित देशभर की 800 से अधिक रसोइयों में 2,394 से ज़्यादा एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। सैयद जाफर अली ने बताया कि इन रसोइयों में प्रतिदिन तैयार होने वाले भोजन की संख्या पहले लगभग 16 लाख थी, जो अब बढ़कर 18 लाख से अधिक हो गई है — और यह सारा भोजन देशभर के रेल यात्रियों को परोसा जाता है।

केंद्रीय नियंत्रण कक्ष और अलर्ट प्रणाली

इन कैमरों की निगरानी नई दिल्ली स्थित एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जाती है। एआई प्रणाली प्रतिदिन औसतन 350 अलर्ट जारी करती है। सैयद जाफर अली के अनुसार, पिछले एक महीने में अकेले 13,000 से अधिक अलर्ट दर्ज किए गए, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई। अलर्ट सीधे संबंधित किचन प्रबंधकों तक पहुँचाए जाते हैं, जिससे समस्या का समाधान बिना देरी के हो सके।

क्या-क्या पकड़ती है यह तकनीक

यह एआई प्रणाली रसोई कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता नियमों के पालन पर पैनी नज़र रखती है। सैयद जाफर अली के अनुसार, कैमरे यह पहचान सकते हैं कि कोई कर्मचारी हेड कैप या पारदर्शी दस्ताने पहने हुए है या नहीं। यदि निर्धारित समय पर सफाई, झाड़ू या पोछा नहीं हुआ, तो प्रणाली स्वतः उसकी सूचना दर्ज कर लेती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन कैमरों में 7 से 8 मिलीमीटर आकार के कीटों तक की पहचान करने की क्षमता है।

राजनीतिक संदर्भ और जवाबदेही

सैयद जाफर अली ने इस पहल को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की यात्री सुरक्षा और खाद्य स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब बताया। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे कैटरिंग की गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की शिकायतें वर्षों से चर्चा में रही हैं। गौरतलब है कि IRCTC पर खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर अतीत में कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं, और यह तकनीकी कदम उन्हीं चिंताओं के जवाब में उठाया गया प्रतीत होता है।

आगे की राह

इस प्रणाली के विस्तार और प्रभाव का आकलन अभी जारी है। यदि अलर्ट-से-सुधार का यह चक्र निरंतर और पारदर्शी तरीके से काम करता रहा, तो रेलवे कैटरिंग में स्वच्छता के मानक उल्लेखनीय रूप से ऊँचे उठ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक की सफलता उसके नियमित ऑडिट और जवाबदेही तंत्र पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

394 कैमरे और 13,000 मासिक अलर्ट प्रभावशाली आँकड़े हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इन अलर्ट के बाद कितने मामलों में वास्तविक सुधार हुआ और उसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया। रेलवे कैटरिंग पर यात्रियों की शिकायतें दशकों पुरानी हैं और पहले भी कई 'सुधार पहलें' घोषित होकर लागू नहीं हो पाईं। तकनीक तभी बदलाव लाती है जब उसके साथ पारदर्शी जवाबदेही तंत्र हो — केवल अलर्ट गिनना पर्याप्त नहीं, यह जानना ज़रूरी है कि उन पर कार्रवाई का अनुपात क्या है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे की रसोइयों में एआई कैमरे कैसे काम करते हैं?
IRCTC की 800 से अधिक रसोइयों में लगे 2,394 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे रसोई गतिविधियों की स्वचालित निगरानी करते हैं और स्वच्छता उल्लंघन पर तुरंत अलर्ट जारी करते हैं। ये अलर्ट नई दिल्ली स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को मिलते हैं, जहाँ से संबंधित किचन प्रबंधकों को सूचित किया जाता है।
एआई कैमरे रेलवे रसोई में क्या-क्या पहचान कर सकते हैं?
ये कैमरे पहचान सकते हैं कि कर्मचारी हेड कैप और पारदर्शी दस्ताने पहने हैं या नहीं, सफाई समय पर हुई या नहीं, और 7-8 मिलीमीटर आकार के कीटों की भी पहचान इनकी क्षमता में बताई गई है। किसी भी लापरवाही की सूचना प्रणाली स्वतः दर्ज कर लेती है।
रेलवे रसोइयों में एआई निगरानी से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
इस प्रणाली से खाद्य स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल सके। ZRUCC सदस्य सैयद जाफर अली के अनुसार, रोज़ाना तैयार भोजन की संख्या 16 लाख से बढ़कर 18 लाख से अधिक हो गई है।
रेलवे रसोइयों की निगरानी किस केंद्र से होती है?
सभी एआई कैमरों की निगरानी नई दिल्ली स्थित एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से की जाती है। यहीं से अलर्ट प्राप्त होते हैं और संबंधित रसोई प्रबंधकों को तत्काल सूचित किया जाता है।
पिछले महीने रेलवे एआई प्रणाली ने कितने अलर्ट दर्ज किए?
ZRUCC सदस्य सैयद जाफर अली के अनुसार, पिछले महीने 13,000 से अधिक अलर्ट दर्ज किए गए और उन पर तत्काल कार्रवाई की गई। प्रणाली औसतन प्रतिदिन लगभग 350 अलर्ट जारी करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले