भोजपुर में जर्जर दीवार ढही: दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत, दादा घायल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले में 18 जुलाई 2026 को एक दर्दनाक हादसे में जर्जर बाउंड्री वॉल के ढहने से दो मासूम चचेरे भाइयों — शिवांश कुमार (3 वर्ष) और अंकित कुमार (ढाई वर्ष) — की जान चली गई। यह घटना बिहिया नगर परिषद के वार्ड नंबर 6 में हुई, जहाँ दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। हादसे में उनके दादा छोटक रजक भी घायल हो गए, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।
कैसे हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, दोनों बच्चे अपने घर के बाहर खेल रहे थे, तभी पुरानी और कमज़ोर बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर पड़ी और दोनों मलबे में दब गए। पास खड़े उनके दादा छोटक रजक भी इस हादसे की चपेट में आ गए।
जोरदार आवाज़ सुनकर आसपास के लोग दौड़े आए और मलबा हटाकर पीड़ितों को बाहर निकाला। शिवांश कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल अंकित कुमार को नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसने भी दम तोड़ दिया।
मृतक बच्चों का परिचय
शिवांश कुमार अपने चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। अंकित कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। दोनों बच्चे वार्ड नंबर 6 के निवासी थे। दोनों की असमय मृत्यु ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही बिहिया पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। अधिकारियों ने भोजपुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को सूचित किया, जिन्होंने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस जर्जर दीवार गिरने के कारणों की जाँच कर रही है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आम जनता पर असर
दोनों नाबालिग बच्चों की दुखद मृत्यु से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शोकाकुल परिजन और स्थानीय लोग पीड़ित परिवारों के घर संवेदना व्यक्त करने पहुँचे। कई स्थानीय नेताओं ने भी गाँव का दौरा किया और परिवारों को सांत्वना दी।
यह घटना जर्जर और असुरक्षित निर्माण संरचनाओं से उत्पन्न खतरों की ओर ध्यान दिलाती है, जो आवासीय क्षेत्रों में बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती हैं। आगे यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।