बिहार में गंगा खतरे के निशान से 111 सेमी ऊपर, भागलपुर तटबंध पर युद्धस्तरीय सुरक्षा कार्य जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में गंगा नदी का जलस्तर 2 सितंबर 2026 को खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है और अगले 24 घंटों में इसमें और वृद्धि की आशंका है। इसके साथ ही भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव का खतरा बढ़ने से प्रशासन हरकत में आ गया है।
मुख्य घटनाक्रम
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को स्वयं भागलपुर पहुँचकर राघोपुर तटबंध क्षेत्र में चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संसाधन बढ़ाते हुए कार्य में तेज़ी लाने और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, एनडीआरएफ के वरिष्ठ कमांडेंट हितेन्द्र पाल सिंह कंडारी तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जलस्तर की स्थिति
केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, दीघाघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर, हाथीदह में 72 सेंटीमीटर और श्रीपालपुर में 198 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त कोसी, गंडक और सोन नदियों के कई हिस्सों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब बिहार मानसून के चरम पर है और नदियाँ पहले से उफान पर हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पटना में प्रशासन ने भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बक्शी ने बताया कि कंगन घाट से भद्र घाट तक पूरे इलाके का स्थल निरीक्षण किया गया है। कंगन घाट पर फिलहाल जलस्तर कम है, जबकि भद्र घाट और महावीर घाट पर पानी पहुँच चुका है।
बचाव के लिए एसडीआरएफ की 10 नावें, 28 कर्मी और 6 गोताखोर सक्रिय किए गए हैं। एसएसबी की 4 नावें और 30 जीवन रक्षक जैकेट भद्र घाट पर तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील घाट क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की जा सकती है। फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह से राघोपुर जाने वाली नावों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है।
आम जनता पर असर
भागलपुर के नवगछिया क्षेत्र में पुलिस लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है और लोगों से नदी के आसपास न जाने की अपील की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक पानी किसी बस्ती के अंदर नहीं पहुँचा है, लेकिन कुछ लोगों ने घाट क्षेत्र में मवेशी बाँध रखे हैं, जिन्हें हटाने के लिए दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। नगर निगम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में पंप की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिया गया है।
क्या होगा आगे
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अगले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं से नदी के पास न जाने और नहाने या खेलने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने को कहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटबंध क्षेत्रों में निगरानी चौबीसों घंटे जारी रहेगी।