2 सितंबर 2026
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बिहार में गंगा खतरे के निशान से 111 सेमी ऊपर, भागलपुर तटबंध पर युद्धस्तरीय सुरक्षा कार्य जारी

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बिहार में गंगा खतरे के निशान से 111 सेमी ऊपर, भागलपुर तटबंध पर युद्धस्तरीय सुरक्षा कार्य जारी

सारांश

बिहार में गंगा का कहर जारी है — पटना के गांधी घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 111 सेमी ऊपर, भागलपुर के राघोपुर तटबंध पर युद्धस्तरीय काम, SDRF की 10 नावें और 6 गोताखोर सक्रिय। अगले 24 घंटे निर्णायक।

मुख्य बातें

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पटना के गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर, अगले 24 घंटों में और वृद्धि की आशंका।
भागलपुर के काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा युद्धस्तरीय सुरक्षात्मक कार्य जारी।
एसडीआरएफ की 10 नावें , 28 कर्मी और 6 गोताखोर सक्रिय; एसएसबी की 4 नावें और 30 जीवन रक्षक जैकेट तैनात।
पटना में भद्र घाट , नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग, आवाजाही प्रतिबंधित।
श्रीपालपुर में जलस्तर खतरे के निशान से 198 सेमी ऊपर; कोसी , गंडक और सोन नदियों में भी वृद्धि की संभावना।

बिहार में गंगा नदी का जलस्तर 2 सितंबर 2026 को खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है और अगले 24 घंटों में इसमें और वृद्धि की आशंका है। इसके साथ ही भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर कटाव का खतरा बढ़ने से प्रशासन हरकत में आ गया है।

मुख्य घटनाक्रम

जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बुधवार को स्वयं भागलपुर पहुँचकर राघोपुर तटबंध क्षेत्र में चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को संसाधन बढ़ाते हुए कार्य में तेज़ी लाने और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, एनडीआरएफ के वरिष्ठ कमांडेंट हितेन्द्र पाल सिंह कंडारी तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

जलस्तर की स्थिति

केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, दीघाघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर, हाथीदह में 72 सेंटीमीटर और श्रीपालपुर में 198 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त कोसी, गंडक और सोन नदियों के कई हिस्सों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब बिहार मानसून के चरम पर है और नदियाँ पहले से उफान पर हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

पटना में प्रशासन ने भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। अनुमंडल पदाधिकारी कशिश बक्शी ने बताया कि कंगन घाट से भद्र घाट तक पूरे इलाके का स्थल निरीक्षण किया गया है। कंगन घाट पर फिलहाल जलस्तर कम है, जबकि भद्र घाट और महावीर घाट पर पानी पहुँच चुका है।

बचाव के लिए एसडीआरएफ की 10 नावें, 28 कर्मी और 6 गोताखोर सक्रिय किए गए हैं। एसएसबी की 4 नावें और 30 जीवन रक्षक जैकेट भद्र घाट पर तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर संवेदनशील घाट क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की जा सकती है। फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह से राघोपुर जाने वाली नावों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है।

आम जनता पर असर

भागलपुर के नवगछिया क्षेत्र में पुलिस लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को सतर्क कर रही है और लोगों से नदी के आसपास न जाने की अपील की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक पानी किसी बस्ती के अंदर नहीं पहुँचा है, लेकिन कुछ लोगों ने घाट क्षेत्र में मवेशी बाँध रखे हैं, जिन्हें हटाने के लिए दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। नगर निगम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में पंप की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का निर्णय लिया गया है।

क्या होगा आगे

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अगले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं से नदी के पास न जाने और नहाने या खेलने से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने को कहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटबंध क्षेत्रों में निगरानी चौबीसों घंटे जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन युद्धस्तर पर काम का दावा करता है, और आम लोग नदी किनारे अपने मवेशियों के साथ फँसे रहते हैं। गौरतलब है कि राघोपुर जैसे तटबंध वर्षों से 'संवेदनशील' चिह्नित हैं, फिर भी हर साल कटाव की नौबत आती है — जो दीर्घकालिक नदी प्रबंधन की विफलता को उजागर करती है। SDRF और SSB की तैनाती राहत देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि तटबंधों की स्थायी मरम्मत और नदी-तल की गाद सफाई पर बजट कब और कितना खर्च हुआ। जब तक संरचनात्मक कमज़ोरियाँ दूर नहीं होतीं, हर साल का यह 'युद्धस्तरीय' अभियान केवल आपातकालीन पैबंद बना रहेगा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में गंगा का जलस्तर अभी कितना है?
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 111 सेंटीमीटर ऊपर है। श्रीपालपुर में यह 198 सेंटीमीटर और हाथीदह में 72 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है।
भागलपुर के राघोपुर तटबंध पर क्या खतरा है?
भागलपुर के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध पर गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कटाव का खतरा बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग इसे रोकने के लिए युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य करा रहा है।
पटना में कौन-कौन से घाट बंद किए गए हैं?
पटना में प्रशासन ने भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह से राघोपुर जाने वाली नावों का परिचालन भी रोका गया है।
बाढ़ राहत के लिए कौन-सी एजेंसियाँ तैनात हैं?
SDRF की 10 नावें, 28 कर्मी और 6 गोताखोर सक्रिय किए गए हैं। SSB की 4 नावें और 30 जीवन रक्षक जैकेट भद्र घाट पर तैनात हैं, साथ ही NDRF के वरिष्ठ कमांडेंट भी निरीक्षण में शामिल रहे।
आम लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
प्रशासन ने बच्चों और महिलाओं से नदी के पास न जाने, नहाने या खेलने से बचने की अपील की है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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