बिहार की टॉपर सबरीन परवीन ने कहा- मेरा सपना डॉक्टर बनना है, चाय बेचने वाले की बेटी ज्योति ने दिखाया कमाल
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में बेटियों ने 10वीं कक्षा में अद्वितीय सफलता हासिल की।
- सबरीन परवीन और ज्योति कुमारी ने शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए।
- सपने देखने और मेहनत करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
- परिवार और शिक्षकों का योगदान सफलता में महत्वपूर्ण है।
- शिक्षा के प्रति समर्पण से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
पटना, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में 10वीं कक्षा की परीक्षा के परिणामों में बेटियों ने अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए सफलता की नई परिभाषा स्थापित की है। इन महिलाओं की उपलब्धियों के पीछे संघर्ष की कहानी छिपी हुई है। संयुक्त रूप से पहले स्थान प्राप्त करने वाली सबरीन परवीन के पिता एक टायर पंचर की दुकान चलाते हैं, जबकि चौथे स्थान पर आने वाली ज्योति कुमारी के पिता एक साधारण चाय की दुकान के मालिक हैं।
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (बीएसईबी) द्वारा 10वीं कक्षा के नतीजे रविवार को घोषित किए गए। इस वर्ष, बीएसईबी 10वीं कक्षा में शीर्ष चार स्थानों में से तीन स्थानों पर छात्राओं का कब्जा रहा।
जमुई की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया, जबकि बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर बक्सर की अनुपा कुमारी और बेगूसराय के ओंकार कुमार ने संयुक्त रूप से स्थान बनाया, जहां ओंकार एकमात्र छात्र हैं। चौथे स्थान पर समस्तीपुर की ज्योति कुमारी रहीं।
संयुक्त रूप से पहले स्थान प्राप्त करने वाली सबरीन परवीन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। मैंने कुछ वर्षों तक एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की। मैंने घंटों की पढ़ाई नहीं की, बल्कि अपने लिए रोजाना लक्ष्य निर्धारित किए।" उन्होंने बताया कि उनकी मां घर के कामों में व्यस्त रहती हैं और पिता टायर पंचर की दुकान चलाते हैं।
सबरीन परवीन का सपना डॉक्टर बनने का है। उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं और अन्य छात्रों से अपील की कि अगर वे बेहतर तरीके से पढ़ाई करें, तो उन्हें भी सफलता मिल सकती है।
वहीं, समस्तीपुर की एक चाय विक्रेता की बेटी ने भी कमाल किया है। विभूतिपुर क्षेत्र के चाय विक्रेता प्रदीप राय की बेटी ज्योति कुमारी ने बिहार बोर्ड की कक्षा 10 की परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया, जिससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने ज्योति को बधाई दी और उसे सम्मानित किया।
ज्योति कुमारी ने कहा, "मैं अपनी सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने माता-पिता और उन सभी शिक्षकों को देना चाहूंगी जिन्होंने मेरी शिक्षा में योगदान दिया।"