13 जुलाई 2026
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बिहार हेली-एयर टूरिज्म योजना-2026 लॉन्च, बोधगया में ₹165.44 करोड़ के बौद्ध ध्यान केंद्र का शिलान्यास

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बिहार हेली-एयर टूरिज्म योजना-2026 लॉन्च, बोधगया में ₹165.44 करोड़ के बौद्ध ध्यान केंद्र का शिलान्यास

सारांश

बिहार सरकार ने एक ही दिन में तीन बड़े पर्यटन दाँव खेले — हेली-टूरिज्म योजना का शुभारंभ, बोधगया में ₹165.44 करोड़ के बौद्ध ध्यान केंद्र का शिलान्यास, और ₹28.50 करोड़ की पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह कदम बिहार को राष्ट्रीय हेली-टूरिज्म मानचित्र पर लाने की महत्वाकांक्षी कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' का शुभारंभ किया।
योजना के पहले चरण में वाल्मीकिनगर , माँ मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) और राजगीर (नालंदा) शामिल; सेवा शनिवार-रविवार को संचालित होगी।
बोधगया में ₹165.44 करोड़ की लागत से बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास किया गया।
करीब ₹28.50 करोड़ की पूर्ण पर्यटन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन — मनेर शरीफ , दीघा घाट , गांधी मैदान सहित नौ स्थल।
मुजफ्फरपुर की तूफानी एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को एम्यूजमेंट पार्क श्रेणी में ₹1.37 करोड़ की पहली किश्त प्रदान की गई।
होम स्टे पॉलिसी के तहत तीन लाभार्थियों को प्रमाणन प्रमाणपत्र सौंपे गए।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जुलाई 2025 को पर्यटन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' का शुभारंभ किया। इसी कार्यक्रम में गया जिले के बोधगया में ₹165.44 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास भी किया गया। यह राज्य सरकार का अब तक का सबसे बड़ा एकल पर्यटन अवसंरचना निवेश है।

हेली-टूरिज्म योजना: क्या है खास

पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह के अनुसार, योजना के पहले चरण में पश्चिम चंपारण का वाल्मीकिनगर, कैमूर स्थित माँ मुंडेश्वरी मंदिर और नालंदा का राजगीर को शामिल किया गया है। इन तीनों स्थलों के लिए पटना से प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर एवं राजकीय विमान सेवाएँ संचालित होंगी।

इसके अतिरिक्त पर्यटकों को पटना शहर का हवाई नज़ारा दिखाने के लिए हेलीकॉप्टर जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सरकार ने विभिन्न मार्गों के लिए रियायती किराया भी निर्धारित किया है।

बोधगया में बौद्ध ध्यान केंद्र: वैश्विक पर्यटकों को लक्ष्य

पर्यटन विभाग के अनुसार, ₹165.44 करोड़ की लागत से बनने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय ध्यान एवं आध्यात्मिक अनुभव की सुविधा मिलेगी। बोधगया पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र है; यह नया केंद्र उस आधारभूत ढाँचे को और सुदृढ़ करने का प्रयास है।

₹28.50 करोड़ की पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान करीब ₹28.50 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई पर्यटन विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया। इनमें शामिल हैं:

मनेर शरीफ में थीमेटिक गेट, पटना के दीघा घाट पर पर्यटक सुविधाओं का विकास, गया के संडेश्वर नाथ शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण, गांधी मैदान पार्क का पुनर्विकास, वैष्णो मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार एवं प्रकाश व्यवस्था, ब्रह्मेश्वर स्थान के दूसरे चरण का विकास, भोजपुर के बेलाउर सूर्य मंदिर का विकास, शिवहर के देवकुली धाम में तालाब का सौंदर्यीकरण एवं दुकान निर्माण, तथा वैशाली के नानक साहब लालगंज के विकास कार्य।

अन्य घोषणाएँ: होम स्टे और एम्यूजमेंट पार्क

मुख्यमंत्री ने बिहार पर्यटन नीति के अंतर्गत मुजफ्फरपुर की तूफानी एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को एम्यूजमेंट पार्क श्रेणी में ₹1.37 करोड़ की पहली किश्त का चेक प्रदान किया। साथ ही मुख्यमंत्री होम स्टे पॉलिसी के तहत वाल्मीकिनगर के संतोष कुमार, बोधगया की उषा सिंह और बराबर के पुरुषोत्तम प्रकाश को प्रमाणन प्रमाणपत्र सौंपे गए।

आगे की राह

राज्य सरकार का मानना है कि इन पहलों से बिहार में धार्मिक और विरासत पर्यटन को नई पहचान मिलेगी तथा पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। हेली-टूरिज्म योजना को राष्ट्रीय स्तर पर बिहार को हेली-टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित करने के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा गया है — एक ऐसा कदम जो स्थानीय रोज़गार सृजन और पर्यटन राजस्व वृद्धि दोनों पर ध्यान केंद्रित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। हेली-टूरिज्म योजना केवल शनिवार-रविवार तक सीमित है और पहले चरण में मात्र तीन गंतव्य हैं — यह स्केल अभी सीमित है। बोधगया का ₹165.44 करोड़ का ध्यान केंद्र अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन की दृष्टि से सही दिशा में कदम है, पर निर्माण समयसीमा और संचालन मॉडल अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं। बिहार में पर्यटन बुनियादी ढाँचे की दीर्घकालिक कमी को देखते हुए, इन घोषणाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि रियायती किराया वास्तव में किफायती है या नहीं, और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली ज़मीन पर कितनी कारगर साबित होती है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 क्या है?
यह बिहार सरकार के पर्यटन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल है, जिसके तहत पटना से वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर के लिए प्रत्येक शनिवार-रविवार हेलीकॉप्टर व राजकीय विमान सेवाएँ चलाई जाएंगी। इसका उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की त्वरित और सुगम पहुँच सुनिश्चित करना है।
बोधगया बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र की लागत और उद्देश्य क्या है?
गया जिले के बोधगया में ₹165.44 करोड़ की लागत से यह केंद्र बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय ध्यान एवं आध्यात्मिक अनुभव की सुविधा प्रदान करना है।
हेली-टूरिज्म योजना में टिकट बुकिंग कैसे होगी?
टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सरकार ने विभिन्न मार्गों के लिए रियायती किराया निर्धारित किया है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन सी अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ?
करीब ₹28.50 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई नौ परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ — जिनमें मनेर शरीफ का थीमेटिक गेट, दीघा घाट पर पर्यटक सुविधाएँ, गांधी मैदान पार्क का पुनर्विकास, बेलाउर सूर्य मंदिर और वैशाली के नानक साहब लालगंज के विकास कार्य शामिल हैं।
बिहार होम स्टे पॉलिसी के तहत किसे लाभ मिला?
मुख्यमंत्री होम स्टे पॉलिसी के अंतर्गत वाल्मीकिनगर के संतोष कुमार, बोधगया की उषा सिंह और बराबर के पुरुषोत्तम प्रकाश को प्रमाणन प्रमाणपत्र सौंपे गए। यह नीति राज्य में निजी आवास-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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