जहानाबाद में बालू विवाद पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 5 घायल; मुख्य आरोपी 'विष्णु डॉन' गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र में 5 जुलाई 2025 की सुबह फल्गु नदी से अवैध बालू उत्खनन के पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जब हथियारबंद अपराधियों ने चौतीपीपर गाँव में अंधाधुंध फायरिंग कर दी और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर ही मुख्य आरोपी विष्णु शर्मा उर्फ विष्णु डॉन को ग्रामीणों की मदद से दबोच लिया, जबकि फरार 10 नामजद आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम गिंजी निवासी विष्णु शर्मा उर्फ विष्णु डॉन (पिता: अवधेश शर्मा) अपने 10 नामजद साथियों और करीब 20 अज्ञात हथियारबंद लोगों के साथ चौतीपीपर गाँव पहुँचा। पहले गाली-गलौज हुई, फिर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई। यह विवाद फल्गु नदी से बालू उठाने के पुराने झगड़े की परिणति बताया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और घोसी थाना की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के पहुँचने की भनक लगते ही हमलावर भागने लगे, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका से मुख्य आरोपी विष्णु डॉन को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया।
घायलों की स्थिति और बरामदगी
गोलीबारी में घायल 5 लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। पुलिस ने घटनास्थल से दो मोटरसाइकिल जब्त की हैं और मौके के निरीक्षण के दौरान फायरिंग में इस्तेमाल किए गए कई कारतूसों के खोखे भी बरामद किए गए हैं। घोसी थाने में संबंधित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस की कार्रवाई और विशेष टीमें
फरार 10 नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। जहानाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।
पुलिस ने कहा है कि अवैध खनन, फायरिंग और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अवैध बालू खनन: पुरानी समस्या, नई हिंसा
यह घटना ऐसे समय में आई है जब बिहार के कई जिलों में फल्गु सहित अन्य नदियों से अवैध बालू उत्खनन को लेकर विवाद और हिंसा की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि बालू माफिया और स्थानीय आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में आम ग्रामीण अक्सर निशाना बन जाते हैं। इस मामले में भी पीड़ित पक्ष का पुराने विवाद से संबंध बताया जा रहा है, जो अब गोलीबारी तक पहुँच गया।
आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।