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जहानाबाद में रेत खनन विवाद पर गोलीबारी, 6 घायल; धीरज कुमार की छाती में लगी गोली

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जहानाबाद में रेत खनन विवाद पर गोलीबारी, 6 घायल; धीरज कुमार की छाती में लगी गोली

सारांश

बिहार के जहानाबाद में रेत खनन पर महीनों से चला आ रहा तनाव शनिवार को खुली गोलीबारी में बदल गया। चैती-पीपर और गिंजी गाँव के दो गुटों के बीच हुई इस हिंसा में 6 लोग घायल हुए — एक की छाती में गोली लगी। पुलिस जाँच जारी है।

मुख्य बातें

जहानाबाद जिले के घोसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 4 जुलाई को रेत खनन विवाद पर गोलीबारी हुई।
चैती-पीपर और गिंजी गाँव के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई।
कुल 6 लोग घायल — दिनेश राम, अजय राम, सुधीर राम, धीरज कुमार, विजय राम (चैती-पीपर) और विष्णु कुमार (गिंजी)।
धीरज कुमार की छाती और दिनेश राम के पैर में गोली लगी; दोनों को PMCH, पटना रेफर किया गया।
एसडीपीओ-2 कृति कमल ने जाँच की पुष्टि की; सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी।
प्रत्यक्षदर्शी रेशम कुमारी के अनुसार, रेत खनन पर आपत्ति जताने के बाद करीब 20 लोगों के समूह ने फायरिंग की।

बिहार के जहानाबाद जिले में 4 जुलाई को रेत खनन को लेकर चल रहे पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जब चैती-पीपर और गिंजी गाँव के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच जमकर गोलीबारी हुई। इस हिंसक झड़प में 6 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कैसे भड़की हिंसा

स्थानीय निवासियों के अनुसार, घोसी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इन दोनों गाँवों के बीच रेत खनन गतिविधियों को लेकर कई महीनों से तनाव चल रहा था। शनिवार को एक सामान्य बहस तेज़ी से हिंसक टकराव में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शी रेशम कुमारी ने बताया, 'मैं अपने घर के प्रवेश द्वार के पास बैठी थी, तभी करीब 20 लोग आए और फायरिंग करने लगे। यह फायरिंग इसलिए हुई क्योंकि हमने रेत खनन पर आपत्ति जताई थी। कुछ लोगों के पैरों में गोली लगी, जबकि अन्य के पेट में चोटें आईं।'

एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया, 'चैती-पीपर और गिंजी गाँवों के बीच विवाद के कारण फायरिंग हुई। धीरज कुमार अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी उन्हें गोली लगी। हम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए।'

घायलों की पहचान और उपचार

घायलों में दिनेश राम, अजय राम, सुधीर राम, धीरज कुमार और विजय राम — ये सभी चैती-पीपर गाँव के निवासी हैं — के साथ-साथ गिंजी गाँव के विष्णु कुमार भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, दिनेश राम के पैर में और धीरज कुमार के सीने में गोली लगी।

सभी घायलों को पहले घोसी प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया। गंभीर रूप से घायल दिनेश राम और धीरज कुमार को बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) भेजा गया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

सूचना मिलते ही घोसी थाने की पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में किया। जहानाबाद एसडीपीओ-2 कृति कमल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, 'रेत निकालने को लेकर दो गुटों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की कोशिश की जा रही है।'

रेत खनन विवाद: एक गहरी समस्या

यह घटना अकेली नहीं है। बिहार में रेत खनन को लेकर ग्रामीण इलाकों में हिंसा की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। जहानाबाद जैसे जिलों में नदी-तट के करीब स्थित गाँवों के बीच खनन अधिकारों को लेकर दशकों से तनाव रहा है। आलोचकों का कहना है कि अवैध रेत खनन पर नियंत्रण की कमी ऐसे हिंसक टकरावों की जड़ है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। PMCH में भर्ती गंभीर घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। रेत खनन विवाद की जड़ों की जाँच और दोनों गाँवों में शांति बहाली के लिए प्रशासन की सक्रियता अब परखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संगठित दबाव की ओर इशारा करता है जिसे महज 'दो गुटों की झड़प' कहकर नहीं टाला जा सकता। असली सवाल यह है कि महीनों से चले आ रहे इस तनाव के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने निवारक कार्रवाई क्यों नहीं की। जब तक रेत खनन लाइसेंसिंग में पारदर्शिता और ज़मीनी निगरानी नहीं होगी, ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जहानाबाद में रेत खनन विवाद पर गोलीबारी कब और कहाँ हुई?
यह गोलीबारी 4 जुलाई को बिहार के जहानाबाद जिले में घोसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के चैती-पीपर और गिंजी गाँव के बीच हुई। दोनों गाँवों के बीच रेत खनन को लेकर कई महीनों से तनाव चल रहा था।
गोलीबारी में कौन-कौन घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
घायलों में दिनेश राम, अजय राम, सुधीर राम, धीरज कुमार, विजय राम (चैती-पीपर) और विष्णु कुमार (गिंजी) शामिल हैं। धीरज कुमार की छाती और दिनेश राम के पैर में गोली लगी; दोनों को गंभीर हालत में PMCH, पटना रेफर किया गया है।
गोलीबारी की वजह क्या बताई जा रही है?
प्रत्यक्षदर्शी रेशम कुमारी के अनुसार, ग्रामीणों द्वारा रेत खनन पर आपत्ति जताने के बाद करीब 20 लोगों के एक सशस्त्र समूह ने आकर फायरिंग शुरू कर दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि खनन अधिकारों को लेकर दोनों गाँवों के बीच महीनों से विवाद चल रहा था।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
जहानाबाद एसडीपीओ-2 कृति कमल ने घटना की पुष्टि की है और बताया कि पुलिस जाँच शुरू हो गई है। घोसी थाने की पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची और स्थिति नियंत्रित की; सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।
बिहार में रेत खनन विवाद इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
बिहार में नदी-तट के करीब स्थित गाँवों में रेत खनन अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवाद रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि अवैध खनन पर प्रशासनिक नियंत्रण की कमी और लाइसेंसिंग में अस्पष्टता ऐसे हिंसक टकरावों की प्रमुख वजह है।
राष्ट्र प्रेस
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