7 अगस्त 2026
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बेगूसराय में विजिलेंस का ट्रैप: क्लर्क सोनू कुमार ₹4,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

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बेगूसराय में विजिलेंस का ट्रैप: क्लर्क सोनू कुमार ₹4,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

सारांश

बेगूसराय में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने सदर ब्लॉक ऑफिस के क्लर्क सोनू कुमार को ₹4,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। आरोप है कि वह डूबकर मरी बच्ची के परिवार की ₹4 लाख मुआवजे की फाइल एक साल से रोके बैठा था।

मुख्य बातें

विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने 7 अगस्त 2026 को बेगूसराय सदर ब्लॉक ऑफिस में ट्रैप ऑपरेशन चलाया।
क्लर्क सोनू कुमार को ₹4,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की छठ पूजा के दौरान डूबने से मृत्यु हुई थी; परिवार को ₹4 लाख आपदा राहत मुआवजे का हक था।
आरोप के अनुसार, क्लर्क ने पहले ₹80,000 माँगे, जो बाद में घटकर ₹4,000 पर आए।
मुआवजे की फाइल करीब एक वर्ष से सदर ब्लॉक ऑफिस में लंबित थी।
विजिलेंस अधिकारी जाँच कर रहे हैं कि अन्य कर्मचारी भी इसमें शामिल थे या नहीं।

बिहार के बेगूसराय में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को एक ट्रैप ऑपरेशन के तहत सदर ब्लॉक ऑफिस के क्लर्क सोनू कुमार को ₹4,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह एक डूबकर मृत लड़की के परिवार को ₹4 लाख के आपदा राहत मुआवजे की फाइल प्रोसेस करने के बदले यह राशि वसूल रहा था।

मामले की पृष्ठभूमि

चांदपुर गाँव की निवासी दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की पिछले वर्ष नवंबर में छठ पूजा के 'नहाय-खाय' अनुष्ठान के दौरान नहाते समय डूबने से मृत्यु हो गई थी। आपदा राहत प्रावधानों के तहत परिवार को सरकार की ओर से ₹4 लाख का मुआवजा मिलना था।

शिकायत के अनुसार, दौलती देवी बार-बार सदर ब्लॉक ऑफिस के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन मुआवजे की फाइल लगभग एक वर्ष से लंबित पड़ी थी। इसी दौरान कथित तौर पर क्लर्क सोनू कुमार ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए पहले ₹80,000 की माँग की।

रिश्वत की माँग और शिकायत

दौलती देवी के अनुसार, जब उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला दिया तो कथित माँग घटते-घटते पहले ₹5,000 और फिर ₹4,000 पर आ गई। रकम जुटाने में असमर्थ होने पर उन्होंने विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

विजिलेंस डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले आरोपों की पुष्टि की गई, तत्पश्चात मामला दर्ज कर ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।

ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी

शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने सदर ब्लॉक ऑफिस में जाल बिछाया। जैसे ही सोनू कुमार ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ₹4,000 स्वीकार किए, अधिकारियों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के बाद सदर ब्लॉक ऑफिस में हड़कंप मच गया।

डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने पुष्टि की कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

जाँच का दायरा

विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि यह जाँच की जाएगी कि रिश्वत की कथित माँग में कोई अन्य सरकारी अधिकारी भी शामिल था या नहीं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस अभियान तेज़ किए गए हैं।

आगे की सुनवाई और विभागीय कार्रवाई के नतीजे तय करेंगे कि इस मामले में और कितने लोग जवाबदेही के दायरे में आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की रिश्वत का नहीं है — यह उस व्यवस्थागत उदासीनता का प्रतीक है जिसमें एक ग्रामीण विधवा को अपनी बेटी की मौत के बाद भी न्याय के लिए भटकना पड़ा। एक वर्ष तक फाइल लंबित रहना और ₹80,000 से शुरू होकर ₹4,000 पर खत्म होने वाली सौदेबाज़ी यह दर्शाती है कि ब्लॉक स्तर पर भ्रष्टाचार कितना संस्थागत रूप ले चुका है। विजिलेंस का ट्रैप ऑपरेशन सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि आपदा राहत जैसी संवेदनशील योजनाओं की निगरानी प्रणाली इतने समय तक क्यों चुप रही।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेगूसराय में किस क्लर्क को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
बेगूसराय सदर ब्लॉक ऑफिस के क्लर्क सोनू कुमार को 7 अगस्त 2026 को विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने ₹4,000 की रिश्वत लेते हुए ट्रैप ऑपरेशन में रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
रिश्वत की माँग किस काम के लिए की जा रही थी?
आरोप है कि सोनू कुमार ने छठ पूजा के दौरान डूबकर मृत लड़की रानी कुमारी के परिवार को ₹4 लाख के सरकारी आपदा राहत मुआवजे की फाइल प्रोसेस करने के बदले रिश्वत माँगी थी। यह फाइल करीब एक वर्ष से लंबित थी।
शिकायतकर्ता दौलती देवी ने विजिलेंस से संपर्क क्यों किया?
दौलती देवी के अनुसार, क्लर्क ने पहले ₹80,000 माँगे जो बाद में घटकर ₹4,000 हो गए, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वह यह रकम भी नहीं दे सकती थीं। इसलिए उन्होंने विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
सोनू कुमार को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस अधिकारी यह भी जाँच कर रहे हैं कि रिश्वत की माँग में कोई अन्य सरकारी कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल था या नहीं।
बिहार में आपदा राहत मुआवजा किसे और कितना मिलता है?
बिहार सरकार की आपदा राहत योजना के तहत डूबने जैसी दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को ₹4 लाख का मुआवजा मिलने का प्रावधान है। इस मामले में परिवार को यही राशि मिलनी थी, जिसकी फाइल ब्लॉक स्तर पर ही अटकी रही।
राष्ट्र प्रेस
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