बेगूसराय में विजिलेंस का ट्रैप: क्लर्क सोनू कुमार ₹4,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बेगूसराय में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को एक ट्रैप ऑपरेशन के तहत सदर ब्लॉक ऑफिस के क्लर्क सोनू कुमार को ₹4,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह एक डूबकर मृत लड़की के परिवार को ₹4 लाख के आपदा राहत मुआवजे की फाइल प्रोसेस करने के बदले यह राशि वसूल रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि
चांदपुर गाँव की निवासी दौलती देवी की बेटी रानी कुमारी की पिछले वर्ष नवंबर में छठ पूजा के 'नहाय-खाय' अनुष्ठान के दौरान नहाते समय डूबने से मृत्यु हो गई थी। आपदा राहत प्रावधानों के तहत परिवार को सरकार की ओर से ₹4 लाख का मुआवजा मिलना था।
शिकायत के अनुसार, दौलती देवी बार-बार सदर ब्लॉक ऑफिस के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन मुआवजे की फाइल लगभग एक वर्ष से लंबित पड़ी थी। इसी दौरान कथित तौर पर क्लर्क सोनू कुमार ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए पहले ₹80,000 की माँग की।
रिश्वत की माँग और शिकायत
दौलती देवी के अनुसार, जब उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला दिया तो कथित माँग घटते-घटते पहले ₹5,000 और फिर ₹4,000 पर आ गई। रकम जुटाने में असमर्थ होने पर उन्होंने विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
विजिलेंस डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पहले आरोपों की पुष्टि की गई, तत्पश्चात मामला दर्ज कर ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई।
ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी
शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने सदर ब्लॉक ऑफिस में जाल बिछाया। जैसे ही सोनू कुमार ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर ₹4,000 स्वीकार किए, अधिकारियों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के बाद सदर ब्लॉक ऑफिस में हड़कंप मच गया।
डीएसपी रामबाबू प्रसाद ने पुष्टि की कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
जाँच का दायरा
विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि यह जाँच की जाएगी कि रिश्वत की कथित माँग में कोई अन्य सरकारी अधिकारी भी शामिल था या नहीं। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस अभियान तेज़ किए गए हैं।
आगे की सुनवाई और विभागीय कार्रवाई के नतीजे तय करेंगे कि इस मामले में और कितने लोग जवाबदेही के दायरे में आते हैं।