क्या बिहार एसआईआर में चुनाव आयोग को 19 दिन बाद भी कोई आपत्ति नहीं मिली?

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क्या बिहार एसआईआर में चुनाव आयोग को 19 दिन बाद भी कोई आपत्ति नहीं मिली?

सारांश

बिहार में विशेष गहन पुनरिक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग ने बताया कि पिछले 19 दिन में किसी भी राजनीतिक दल ने कोई शिकायत नहीं की। क्या यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करेगी? जानें इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

कोई शिकायत नहीं - पिछले 19 दिन में कोई राजनीतिक दल द्वारा आपत्ति नहीं की गई।
आवेदन की संख्या - 52,275 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
समय सीमा - दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 13 दिन बाकी हैं।
नई मतदाता सूची - 1 अगस्त को नई सूची जारी की गई थी।
वोटर अधिकार यात्रा - विपक्षी दलों द्वारा निकाली जा रही है।

नई दिल्ली, 19 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार विशेष गहन पुनरिक्षण (एसआईआर) से संबंधित एक दैनिक बुलेटिन जारी किया है। आयोग के अनुसार, पिछले 19 दिन में एसआईआर के संबंध में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा कोई शिकायत नहीं की गई है।

चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 1 अगस्त को जारी प्रारूप मतदाता सूची पर पिछले 19 दिनों में (1 अगस्त दोपहर 3 बजे से 19 अगस्त सुबह 11 बजे तक) किसी भी राजनीतिक दल द्वारा कोई दावा या आपत्ति नहीं की गई है। दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए अब केवल 13 दिन बचे हैं।

चुनाव आयोग ने यह भी जानकारी दी है कि पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र मतदाताओं को हटाने के लिए 52,275 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 7 दिन बाद 1,765 का निपटान किया गया है।

इसके साथ ही, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से 1,73,016 फॉर्म 6 (घोषणा सहित) प्राप्त हुए हैं, जिनमें बीएलए से प्राप्त छह फॉर्म शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि नियमों के अनुसार, पात्रता दस्तावेजों की जांच के बाद दावे और आपत्तियों का निपटारा 7 दिनों से पहले नहीं किया जा सकता। विशेष संक्षिप्त संशोधन आदेशों के तहत, 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित मसौदा सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना जांच और उचित सुनवाई के बाद स्पष्ट आदेश के बिना नहीं हटाया जा सकता।

इसमें आगे कहा गया कि हटाए गए मतदाताओं की सूची, जो मसौदा मतदाता सूची (01.08.2025) में शामिल नहीं हैं, संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों या जिलाधिकारियों की वेबसाइटों और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर ईपीआईसी सर्च मोड में उपलब्ध है। प्रभावित व्यक्ति अपने दावों के साथ आधार कार्ड की प्रति जमा कर सकते हैं।

बता दें कि बिहार में एसआईआर को लेकर जारी घमासान के बीच विपक्षी दलों द्वारा 'वोटर अधिकार यात्रा' भी निकाली जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें इसे सतर्कता से देखना होगा। राष्ट्रीय दृष्टिकोण से, यह एक सशक्त लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में एसआईआर क्या है?
एसआईआर का अर्थ विशेष गहन पुनरिक्षण है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाना है।
चुनाव आयोग ने कितने आवेदन प्राप्त किए हैं?
चुनाव आयोग ने पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र मतदाताओं को हटाने के लिए कुल 52,275 आवेदन प्राप्त किए हैं।
आपत्ति दर्ज कराने का समय कब तक है?
आपत्ति दर्ज कराने के लिए अब केवल 13 दिन बचे हैं।
नई मतदाता सूची कब जारी की गई थी?
नई मतदाता सूची 1 अगस्त को जारी की गई थी।
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य क्या है?
वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
राष्ट्र प्रेस
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