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बिहार एसआईआर: क्या राजद ने मतदाता सूची को लेकर 28 दिन बाद आपत्ति दर्ज कराई?

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बिहार एसआईआर: क्या राजद ने मतदाता सूची को लेकर 28 दिन बाद आपत्ति दर्ज कराई?

सारांश

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत राष्ट्रीय जनता दल ने 28 दिन बाद आपत्तियां दर्ज कराई हैं। जानिए, इस प्रक्रिया में क्या हो रहा है और अन्य दलों की स्थिति क्या है। चुनाव आयोग ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं।

मुख्य बातें

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चल रही है।
राष्ट्रीय जनता दल ने 28 दिन बाद आपत्तियां दर्ज की हैं।
चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन जारी किया है।
योग्य मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने 28 दिन बाद आपत्तियां दर्ज कराई हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को डेली बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी है।

चुनाव आयोग ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2025 के तहत 1 अगस्त से 28 अगस्त (सुबह 10 बजे) तक की प्रगति को लेकर दैनिक बुलेटिन जारी किया।

ईसीआई के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से 3 आपत्तियां मिली हैं। इसके अलावा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) की ओर से 79 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका निपटारा 7 दिन में किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार एसआईआर को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अब केवल 4 दिन शेष हैं।

हालांकि, कांग्रेस, जदयू और भाजपा समेत अन्य दलों की ओर से 28 दिनों के बाद कोई आपत्ति नहीं मिली है।

ईसीआई के अनुसार, योग्य मतदाताओं को शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए कुल 1,95,802 दावे एवं आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें से 24,991 का निस्तारण 7 दिनों के बाद हुआ। साथ ही, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से 8,51,788 फॉर्म 6 (बीएलए सहित) प्राप्त हुए, जिनमें से 37,050 का निस्तारण किया गया।

नियमों के अनुसार, दावों और आपत्तियों का निस्तारण संबंधित ईआरओ या एआरओ द्वारा पात्रता सत्यापन और 7 दिन की नोटिस अवधि पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से किसी भी नाम को बिना जांच और निष्पक्ष सुनवाई के नहीं हटाया जाएगा। हटाए गए नामों की सूची, कारण सहित, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइटों पर ईपीआईसी नंबर के साथ खोज योग्य रूप में उपलब्ध है। असंतुष्ट व्यक्ति आधार कार्ड की प्रति के साथ अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए उठाया गया है। राष्ट्रीय जनता दल का 28 दिन बाद आपत्तियां दर्ज कराना चुनावी राजनीति में एक नई रणनीति का संकेत हो सकता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी दलों को अपनी आवाज उठाने का मौका मिले।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है?
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की समीक्षा की जाती है और योग्य मतदाताओं को शामिल किया जाता है।
राष्ट्रीय जनता दल ने आपत्तियां क्यों दर्ज कराई?
राष्ट्रीय जनता दल ने मतदाता सूची में सुधार के लिए 28 दिन बाद आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
चुनाव आयोग द्वारा क्या विवरण जारी किया गया?
चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर की प्रगति के बारे में दैनिक बुलेटिन जारी किया है, जिसमें दावों और आपत्तियों की संख्या शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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