ओडिशा में मेट्रो परियोजना पर बीजद सांसद सस्मित पात्रा का केंद्रीय हस्तक्षेप की अपील
सारांश
Key Takeaways
- ओडिशा में मेट्रो परियोजना का विकास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
- सस्मित पात्रा ने केंद्रीय हस्तक्षेप की अपील की है।
- इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को लाभ होगा।
- संघर्ष समाप्त होने से वैश्विक स्तर पर प्रभाव पड़ेगा।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने ओडिशा में मेट्रो परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखकर एक विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
सस्मित पात्रा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पुरी, खुर्दा, भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख कॉरिडोर में मेट्रो परियोजना के आरम्भ होने से स्थानीय निवासियों को लाभ होगा और क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।
उन्होंने बताया कि इन चारों शहरों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर ओडिशा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि राज्य सरकार किसी कारणवश इस परियोजना को आगे बढ़ाने में असमर्थ होती है, तो उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार नेशनल अर्बन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी और मेट्रो पॉलिसी 2017 के तहत हस्तक्षेप कर सकती है। इन नीतियों के अंतर्गत केंद्र और राज्य संयुक्त रूप से इस परियोजना को आगे बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस मामले में सक्रियता दिखाएगी और राज्य सरकार से संवाद कर एक ठोस समाधान निकालेगी। बीजद सांसद ने कहा कि अभी ऐसा प्रतीत होता है कि ओडिशा सरकार को केंद्र से पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि केंद्रीय मंत्री इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे, जिससे राज्य के लोगों को मेट्रो परियोजना का लाभ मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सस्मित पात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि अब अमेरिकी जनता चाहती है कि उनके सैनिकों को वापस बुलाया जाए। उन्होंने कहा कि यह संकेत देता है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में कमी आ सकती है, जो एक सकारात्मक विकास है।
उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपने सैनिकों और सैन्य गतिविधियों को वापस लेता है और युद्ध रुकता है, तो इसका प्रभाव केवल उस क्षेत्र पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि संघर्ष समाप्त होने से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुल सकेगा, जहाँ वर्तमान में 2,000 से अधिक जहाज फंसे हुए हैं। इससे तेल की कीमतों में कमी आएगी और महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।