29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गाजियाबाद की पाँचों सीटों पर 2022 में BJP का क्लीन स्वीप, 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गाजियाबाद की पाँचों सीटों पर 2022 में BJP का क्लीन स्वीप, 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज

सारांश

2022 में गाजियाबाद की पाँचों सीटें BJP की झोली में गई थीं — साहिबाबाद में 2.14 लाख तक का अंतर। 2027 में समीकरण बदल रहे हैं: RLD अब NDA के साथ है और सपा-कांग्रेस एकजुट होने की कोशिश में। क्या विपक्ष इस बार कोई सेंध लगा पाएगा?

मुख्य बातें

2022 विधानसभा चुनाव में BJP ने गाजियाबाद जिले की सभी पाँचों सीटों पर क्लीन स्वीप किया था।
साहिबाबाद में BJP के सुनील कुमार शर्मा ने 2.14 लाख वोटों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी।
मुरादनगर में BJP के अजीत पाल त्यागी ने 97 हजार से अधिक वोटों से RLD प्रत्याशी को हराया था।
2027 के लिए RLD अब NDA के साथ है, जबकि 2022 में वह सपा के साथ था।
कांग्रेस और सपा मिलकर 2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच गाजियाबाद जिले की राजनीति में नई सरगर्मी शुरू हो गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गाजियाबाद की सभी पाँचों विधानसभा सीटों पर क्लीन स्वीप करते हुए विपक्ष को पूरी तरह खाली हाथ छोड़ा था। अब BJP नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) भी शामिल हो गया है, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं।

गाजियाबाद की पाँच विधानसभा सीटें

गाजियाबाद जिले में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद सदर और मोदीनगर — कुल पाँच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2022 में सपा और RLD के बीच गठबंधन था, जिसमें RLD को लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर सीटें आवंटित हुई थीं। बावजूद इसके, BJP ने तीनों सीटें जीतकर विपक्षी गठबंधन को धूल चटाई।

सीटवार चुनाव परिणाम 2022

लोनी सीट पर BJP के नंदकिशोर गुर्जर ने RLD के मदन भैया को 8 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। नंदकिशोर गुर्जर को कुल 1,27,410 मत मिले, जबकि RLD प्रत्याशी को 1,18,734 वोट हासिल हुए। इस सीट पर बसपा ने अखिल और कांग्रेस ने मोहम्मद यमीन मलिक को प्रत्याशी बनाया था। कुल 10 उम्मीदवारों ने किस्मत आज़माई थी।

मुरादनगर सीट पर BJP के अजीत पाल त्यागी ने RLD के सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 97 हजार से अधिक वोटों के विशाल अंतर से हराया। त्यागी को 1,69,290 मत मिले और RLD प्रत्याशी को मात्र 72,195 वोट। बसपा के अयूब खान 20,589 वोटों के साथ तीसरे और कांग्रेस के वीरेंद्र यादव 7,055 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। यहाँ भी 10 प्रत्याशी मैदान में थे।

साहिबाबाद सीट पर BJP के सुनील कुमार शर्मा ने 2.14 लाख वोटों के ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 3,22,882 मत मिले, जबकि सपा के अमरपाल शर्मा केवल 1,08,047 वोट ही जुटा सके। बसपा ने अजित कुमार पाल और कांग्रेस ने संगीता त्यागी को प्रत्याशी बनाया था।

गाजियाबाद सदर सीट पर BJP के अतुल गर्ग ने सपा के विशाल वर्मा को 1.05 लाख से अधिक वोटों से मात दी। गर्ग को 1,50,205 और सपा प्रत्याशी को 44,668 वोट मिले। बसपा और कांग्रेस यहाँ भी क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। 2022 में इस सीट पर कुल 14 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।

मोदीनगर सीट पर BJP की मंजू सिवाच ने 1,13,349 वोट हासिल करते हुए जीत का परचम लहराया। RLD के सुदेश शर्मा 78,730 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बसपा की पूनम गर्ग और कांग्रेस की नीरज कुमारी समेत कुल 7 प्रत्याशियों ने यहाँ से चुनाव लड़ा था।

2027 से पहले गठबंधन समीकरण

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं। RLD का NDA में जुड़ना गाजियाबाद के गुर्जर और जाट बहुल क्षेत्रों में BJP की पकड़ को और मजबूत करने का काम कर सकता है। गौरतलब है कि 2022 में सपा-RLD गठबंधन के बावजूद BJP ने यहाँ बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

दूसरी तरफ, कांग्रेस और सपा का संभावित गठबंधन विपक्षी वोटों को एकजुट करने की कोशिश है। विश्लेषकों के अनुसार साहिबाबाद जैसी सीट पर जहाँ जीत का अंतर विशाल था, वहाँ विपक्ष के लिए पासा पलटना कठिन होगा।

आगे क्या

गाजियाबाद में 2027 के चुनाव तक गठबंधन का अंतिम स्वरूप, प्रत्याशियों के चयन और स्थानीय मुद्दों की भूमिका तय करेगी कि क्या BJP अपनी क्लीन स्वीप दोहरा पाती है। सभी प्रमुख दलों ने अभी से जमीनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्षी एकता की विफलता भी थी — सपा-RLD गठबंधन के बावजूद साहिबाबाद में 2.14 लाख का अंतर यह साबित करता है। 2027 में RLD का NDA खेमे में आना BJP की स्थिति को और मजबूत करेगा, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सपा-कांग्रेस गठबंधन शहरी मतदाताओं को एकजुट कर पाएगा जो पहले बिखरे हुए थे। गाजियाबाद जैसे एनसीआर जिले में स्थानीय मुद्दे — बुनियादी ढाँचा, प्रदूषण, रोजगार — जाति समीकरणों जितनी ही अहम भूमिका निभाते हैं, जिसे अक्सर चुनावी विश्लेषण में नज़रअंदाज़ किया जाता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 में गाजियाबाद की किस सीट पर सबसे बड़ी जीत हुई थी?
साहिबाबाद सीट पर BJP के सुनील कुमार शर्मा ने 2.14 लाख वोटों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 3,22,882 वोट मिले थे, जबकि सपा के अमरपाल शर्मा को 1,08,047 वोट मिले थे।
2027 UP चुनाव में गाजियाबाद में गठबंधन का समीकरण क्या है?
2027 में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अब BJP नीत NDA के साथ है, जबकि 2022 में वह सपा के साथ था। कांग्रेस और सपा मिलकर विपक्षी गठबंधन बनाने की तैयारी में हैं।
गाजियाबाद जिले में कौन-कौन सी पाँच विधानसभा सीटें हैं?
गाजियाबाद जिले में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद सदर और मोदीनगर — ये पाँच विधानसभा क्षेत्र हैं। 2022 में इन सभी पाँचों सीटों पर BJP ने जीत दर्ज की थी।
2022 में लोनी सीट पर कौन जीता और कितने वोटों के अंतर से?
लोनी सीट पर BJP के नंदकिशोर गुर्जर ने 8 हजार से अधिक वोटों के अंतर से RLD के मदन भैया को हराया था। नंदकिशोर गुर्जर को 1,27,410 और RLD प्रत्याशी को 1,18,734 वोट मिले थे।
2022 में मोदीनगर सीट का नतीजा क्या रहा था?
मोदीनगर में BJP की मंजू सिवाच ने 1,13,349 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की थी। RLD के सुदेश शर्मा 78,730 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे और कुल 7 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 9 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 2 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 1 साल पहले