गाजियाबाद की पाँचों सीटों पर 2022 में BJP का क्लीन स्वीप, 2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच गाजियाबाद जिले की राजनीति में नई सरगर्मी शुरू हो गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गाजियाबाद की सभी पाँचों विधानसभा सीटों पर क्लीन स्वीप करते हुए विपक्ष को पूरी तरह खाली हाथ छोड़ा था। अब BJP नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) भी शामिल हो गया है, जबकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं।
गाजियाबाद की पाँच विधानसभा सीटें
गाजियाबाद जिले में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद सदर और मोदीनगर — कुल पाँच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2022 में सपा और RLD के बीच गठबंधन था, जिसमें RLD को लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर सीटें आवंटित हुई थीं। बावजूद इसके, BJP ने तीनों सीटें जीतकर विपक्षी गठबंधन को धूल चटाई।
सीटवार चुनाव परिणाम 2022
लोनी सीट पर BJP के नंदकिशोर गुर्जर ने RLD के मदन भैया को 8 हजार से अधिक वोटों के अंतर से पराजित किया। नंदकिशोर गुर्जर को कुल 1,27,410 मत मिले, जबकि RLD प्रत्याशी को 1,18,734 वोट हासिल हुए। इस सीट पर बसपा ने अखिल और कांग्रेस ने मोहम्मद यमीन मलिक को प्रत्याशी बनाया था। कुल 10 उम्मीदवारों ने किस्मत आज़माई थी।
मुरादनगर सीट पर BJP के अजीत पाल त्यागी ने RLD के सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 97 हजार से अधिक वोटों के विशाल अंतर से हराया। त्यागी को 1,69,290 मत मिले और RLD प्रत्याशी को मात्र 72,195 वोट। बसपा के अयूब खान 20,589 वोटों के साथ तीसरे और कांग्रेस के वीरेंद्र यादव 7,055 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे। यहाँ भी 10 प्रत्याशी मैदान में थे।
साहिबाबाद सीट पर BJP के सुनील कुमार शर्मा ने 2.14 लाख वोटों के ऐतिहासिक अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 3,22,882 मत मिले, जबकि सपा के अमरपाल शर्मा केवल 1,08,047 वोट ही जुटा सके। बसपा ने अजित कुमार पाल और कांग्रेस ने संगीता त्यागी को प्रत्याशी बनाया था।
गाजियाबाद सदर सीट पर BJP के अतुल गर्ग ने सपा के विशाल वर्मा को 1.05 लाख से अधिक वोटों से मात दी। गर्ग को 1,50,205 और सपा प्रत्याशी को 44,668 वोट मिले। बसपा और कांग्रेस यहाँ भी क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। 2022 में इस सीट पर कुल 14 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।
मोदीनगर सीट पर BJP की मंजू सिवाच ने 1,13,349 वोट हासिल करते हुए जीत का परचम लहराया। RLD के सुदेश शर्मा 78,730 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। बसपा की पूनम गर्ग और कांग्रेस की नीरज कुमारी समेत कुल 7 प्रत्याशियों ने यहाँ से चुनाव लड़ा था।
2027 से पहले गठबंधन समीकरण
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो गई हैं। RLD का NDA में जुड़ना गाजियाबाद के गुर्जर और जाट बहुल क्षेत्रों में BJP की पकड़ को और मजबूत करने का काम कर सकता है। गौरतलब है कि 2022 में सपा-RLD गठबंधन के बावजूद BJP ने यहाँ बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।
दूसरी तरफ, कांग्रेस और सपा का संभावित गठबंधन विपक्षी वोटों को एकजुट करने की कोशिश है। विश्लेषकों के अनुसार साहिबाबाद जैसी सीट पर जहाँ जीत का अंतर विशाल था, वहाँ विपक्ष के लिए पासा पलटना कठिन होगा।
आगे क्या
गाजियाबाद में 2027 के चुनाव तक गठबंधन का अंतिम स्वरूप, प्रत्याशियों के चयन और स्थानीय मुद्दों की भूमिका तय करेगी कि क्या BJP अपनी क्लीन स्वीप दोहरा पाती है। सभी प्रमुख दलों ने अभी से जमीनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं।