दुर्गा पूजा टिप्पणी विवाद: BJP ने CPM नेता मोहम्मद सलीम के खिलाफ कोलकाता में FIR दर्ज कराई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 19 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के ताला पुलिस स्टेशन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। BJP का आरोप है कि सलीम ने दुर्गा पूजा को लेकर बार-बार अपमानजनक टिप्पणियाँ करके हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। पुलिस के अनुसार, मामले की जाँच जारी है।
शिकायत की पृष्ठभूमि
यह शिकायत BJP प्रवक्ता और पार्टी नेता सप्तर्षि चौधरी ने दर्ज कराई है। चौधरी ने सोमवार को कहा, 'जिस तरह से वह मां दुर्गा के बारे में लगातार टिप्पणियाँ कर रहे हैं, उससे हम हिंदू असहज महसूस कर रहे हैं। हिंदू समुदाय के बारे में उनकी बातों से हम स्तब्ध हैं। मैंने मां दुर्गा के बारे में उनकी टिप्पणियों के विरोध में ताला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। हम पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।'
गौरतलब है कि सलीम सीपीआई(एम) के प्रदेश सचिव होने के साथ-साथ पूर्व सांसद भी हैं। उत्तरी कोलकाता में उनकी पहचान वरिष्ठ वामपंथी नेता के रूप में है।
भगदड़ पर सलीम की टिप्पणी और विवाद
चोरेबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की मौत के बाद सलीम ने सत्ताधारी दल और राज्य सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, 'इतनी मौतें, इतने घायल! हम सब स्तब्ध हैं। कोई नहीं चाहता था कि त्योहार के बीच ऐसा मातम छा जाए। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।'
सलीम ने यह भी आरोप लगाया था कि भगदड़ के दौरान एम्बुलेंस और पुलिस वाहनों की कमी के कारण सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं था, क्योंकि वहाँ यातायात बंद था। उनके अनुसार स्थानीय लोगों ने ओला-उबर बुक करके घायलों को अस्पताल पहुँचाया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और राज्य सरकार ने इन सभी आरोपों का खंडन किया है।
विज्ञापन विवाद और पुराने बयान
यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले सलीम ने एक सरकारी विज्ञापन में दुर्गा प्रतिमा पर कथित तौर पर एक अतिरिक्त हाथ दिखाए जाने को लेकर भी BJP पर कटाक्ष किया था। उन्होंने कहा था, 'आज तक BJP और राज्य सरकार यह तय नहीं कर पाई कि दुर्गा प्रतिमा के कितने हाथ हैं। नास्तिक भी जानते हैं कि दुर्गा के दस हाथ हैं।'
सलीम ने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य सरकार एक सार्वजनिक त्योहार को 'सरकारी त्योहार' बना रही है। उनका दावा था, 'सड़कों को रंगवाने, पंडालों के लिए गुजरात से कपड़ा मंगवाने और ठेकेदारों को बुलाने पर करोड़ों रुपये खर्च करके शरद उत्सव को नवरात्रि उत्सव में बदलने की कोशिश की जा रही है।' BJP ने इन्हीं टिप्पणियों को 'अपमानजनक' करार देते हुए FIR का आधार बनाया है।
राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुर्गा पूजा के इर्द-गिर्द बढ़ते तनाव की ताज़ा कड़ी है। BJP और TMC के बीच त्योहारों पर राजनीतिक वर्चस्व की यह लड़ाई नई नहीं है। आलोचकों का कहना है कि FIR का समय — त्योहारी मौसम के ठीक बीच में — राजनीतिक रूप से सुविचारित प्रतीत होता है। वहीं BJP का तर्क है कि धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना उनका दायित्व है।
आगे क्या
पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले की जाँच जारी है। सलीम की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया FIR पर सामने नहीं आई है। इस घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक नजरें टिकी हैं, खासकर तब जब राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे जोर पकड़ रही हैं।