भाजपा को टिकट विवाद से उबरकर पार्टी को प्राथमिकता देनी चाहिए: बिजॉय चक्रवर्ती

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भाजपा को टिकट विवाद से उबरकर पार्टी को प्राथमिकता देनी चाहिए: बिजॉय चक्रवर्ती

सारांश

गुवाहाटी में भाजपा के वरिष्ठ नेता बिजॉय चक्रवर्ती ने पार्टी को व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने असंतोष का सामना करते हुए एकता और अनुशासन की आवश्यकता की बात की।

मुख्य बातें

भाजपा को पार्टी की एकता और अनुशासन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
टिकट विवाद के बावजूद पार्टी में संगठनात्मक अखंडता बनाए रखना आवश्यक है।
दीप्लू रंजन शर्मा की उम्मीदवारी पर विश्वास जताया गया है।
असम में भाजपा सरकार ने विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
नेताओं को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

गुवाहाटी, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव से पूर्व कई मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं मिलने के कारण भाजपा में असंतोष का माहौल बन रहा है। इस संदर्भ में पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बिजॉय चक्रवर्ती ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पार्टी को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से असहमति से बचने का अनुरोध किया।

गुवाहाटी के नए निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार दीप्लू रंजन शर्मा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए 86 वर्षीय चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी के भीतर टिकट न मिलना आंतरिक विरोध का कारण नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पार्टी सर्वोपरि है, टिकट नहीं। किसी को केवल इसलिए पार्टी के खिलाफ नहीं होना चाहिए क्योंकि उन्हें टिकट नहीं मिला। भाजपा ने अपने निर्णय सोच-समझकर लिए हैं, और उन पर सवाल उठाने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

उनकी टिप्पणी उस समय आई है जब राज्य इकाई में बेचैनी बढ़ रही है, जहां पार्टी की उम्मीदवार चयन रणनीति के तहत कई विधायकों और मंत्रियों को टिकट नहीं दिए गए हैं। कुछ नेताओं ने अपनी निराशा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि चयन जीत की संभावनाओं, प्रदर्शन और दीर्घकालिक संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।

पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक चक्रवर्ती ने इस महत्वपूर्ण चुनावी मोड़ पर अनुशासन और एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत उसकी संगठनात्मक अखंडता में निहित है। जीत सुनिश्चित करने के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।

पार्टी के शासन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि असम में भाजपा सरकार ने विकास और सुरक्षा के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य किए हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान प्रमुख बिंदु बने रहने चाहिए।

बिजॉय चक्रवर्ती ने दीप्लू रंजन शर्मा की उम्मीदवारी पर भी विश्वास जताया और मतदाताओं से उन्हें अपना समर्थन देने की अपील की।

असम में भाजपा एक महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले के लिए तैयार हो रही है। नेतृत्व अपने सुशासन और संगठनात्मक शक्ति पर भरोसा कर रहा है, हालांकि टिकट वितरण को लेकर आंतरिक चुनौतियाँ निरंतर सामने आ रही हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि टिकट वितरण से असंतुष्ट और स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लेने वाले अधिकांश भाजपा नेताओं ने वरिष्ठ पार्टी नेतृत्व के प्रयासों के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा में टिकट विवाद का कारण क्या है?
भाजपा में टिकट विवाद मौजूदा विधायकों को टिकट न मिलने के कारण उत्पन्न हुआ है, जिससे पार्टी में असंतोष का माहौल बन रहा है।
बिजॉय चक्रवर्ती ने क्या कहा?
बिजॉय चक्रवर्ती ने पार्टी को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रहने और अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी।
दीप्लू रंजन शर्मा का चुनाव कार्यालय कब खोला गया?
दीप्लू रंजन शर्मा का चुनाव कार्यालय हाल ही में गुवाहाटी में खोला गया।
भाजपा के नेतृत्व का क्या कहना है?
भाजपा का नेतृत्व कहता है कि टिकट चयन जीत की संभावनाओं, प्रदर्शन और संगठनात्मक हितों को ध्यान में रखकर किया गया है।
क्या असंतुष्ट नेताओं ने अपना नामांकन वापस लिया?
हां, अधिकांश असंतुष्ट नेताओं ने वरिष्ठ पार्टी नेतृत्व के प्रयासों के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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