24 अगस्त 2026
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पंजाब की सभी 117 सीटों पर BJP का चुनावी ऐलान, बीएल संतोष बोले — 'बदलाव के लिए तैयार है पंजाब'

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पंजाब की सभी 117 सीटों पर BJP का चुनावी ऐलान, बीएल संतोष बोले — 'बदलाव के लिए तैयार है पंजाब'

सारांश

BJP राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे के तहत पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में जोनल बैठकें हो रही हैं — यह AAP सरकार को सीधी चुनौती और अकाली दल से अलगाव के बाद BJP की नई स्वतंत्र रणनीति का संकेत है।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने 24 अगस्त 2026 को पटियाला में घोषणा की कि पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे में पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में जोनल बैठकें निर्धारित हैं।
बैठकों का फोकस बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करना और केंद्र सरकार की नीतियाँ जनता तक पहुँचाना है।
17 जुलाई को PM मोदी ने जालंधर रैली में AAP सरकार और शिरोमणि अकाली दल दोनों पर हमला बोला था।
अकाली दल सितंबर 2020 में तीन कृषि कानूनों पर मतभेद के बाद NDA से अलग हुआ था।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने 24 अगस्त 2026 को पटियाला में आयोजित जोनल बैठक में स्पष्ट किया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का लक्ष्य रखती है। यह घोषणा BJP के दो दिवसीय संगठनात्मक दौरे के पहले दिन की गई, जिसे पार्टी की पंजाब रणनीति में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

संतोष का ऐलान और जोनल बैठकों का दौर

बीएल संतोष ने पटियाला की बैठक में कहा, 'पंजाब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है और भाजपा इस बदलाव को हकीकत में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करके राज्य में अपनी सरकार बनाएगी।' इससे पहले मोहाली हवाई अड्डे पर राज्य BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और राज्य सह-प्रभारी नरेंद्र सिंह रैना ने उनका स्वागत किया।

दौरे का एजेंडा और संगठनात्मक तैयारी

संतोष के इस दो दिवसीय दौरे का केंद्रबिंदु बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों को जनता तक पहुँचाना है। 24 अगस्त को पटियाला और बठिंडा में बैठकें हुईं, जबकि 25 अगस्त को लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में जोनल बैठकें निर्धारित हैं। अमृतसर में राज्य महासचिवों के साथ एक अलग बैठक भी होगी।

पीएम मोदी का पिछला पंजाब दौरा और AAP पर हमला

गौरतलब है कि 17 जुलाई को पंजाब दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर की एक रैली में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला था और शिरोमणि अकाली दल की भी आलोचना की थी। यह ऐसे समय में आया जब BJP पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपनी जमीन तैयार करने में जुटी है।

BJP-अकाली दल के टूटे गठबंधन की पृष्ठभूमि

शिरोमणि अकाली दल उन पार्टियों में से एक था जिसने 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार का समर्थन किया था — जो भारत के इतिहास में किसी प्रधानमंत्री का सबसे छोटा कार्यकाल रहा। हालाँकि, तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर तीखे मतभेदों के बाद सितंबर 2020 में अकाली दल BJP के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग हो गया। वे कानून बाद में रद्द कर दिए गए।

आगे क्या होगा

117 सीटों पर अकेले उतरने की यह रणनीति BJP के लिए पंजाब में एक बड़ा दांव है, जहाँ फिलहाल AAP की सरकार है। जोनल बैठकों की श्रृंखला से यह स्पष्ट है कि पार्टी जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और चुनावी समन्वय को अभी से पुख्ता करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — पंजाब में BJP का ऐतिहासिक वोट आधार सीमित रहा है और 2022 के चुनाव में पार्टी को केवल 2 सीटें मिली थीं। अकाली दल से 2020 में हुए अलगाव के बाद पार्टी के पास न तो ग्रामीण सिख मतदाताओं तक पहुँच है और न ही शहरी सीटों पर कोई मजबूत ढाँचा। जोनल बैठकों की यह श्रृंखला संगठनात्मक रूप से सही दिशा में कदम है, पर असली परीक्षा यह होगी कि क्या बूथ-स्तरीय तैयारी वास्तविक उम्मीदवार और वोट में तब्दील होती है — या यह ऐलान महज चुनावी मोलभाव की स्थिति बनाने की रणनीति है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP ने पंजाब की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान क्यों किया?
BJP राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने 24 अगस्त 2026 को पटियाला में कहा कि पार्टी पंजाब में बदलाव लाने के लिए सभी 117 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। यह 2020 में अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद BJP की पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति को औपचारिक रूप देता है।
बीएल संतोष के पंजाब दौरे का उद्देश्य क्या है?
यह दो दिवसीय संगठनात्मक दौरा है जिसमें पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में जोनल बैठकें हो रही हैं। इनका मकसद बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, चुनावी समन्वय बेहतर बनाना और केंद्र सरकार की नीतियाँ जनता तक पहुँचाना है।
BJP और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन कब और क्यों टूटा?
शिरोमणि अकाली दल सितंबर 2020 में तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर मतभेद के कारण BJP के नेतृत्व वाले NDA से अलग हो गया था। वे तीनों कानून बाद में केंद्र सरकार ने रद्द कर दिए।
पंजाब में BJP की मौजूदा स्थिति कैसी है?
पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है। BJP पिछले कुछ समय से राज्य में स्वतंत्र रूप से अपना संगठनात्मक आधार विस्तारित करने में जुटी है। PM मोदी ने 17 जुलाई को जालंधर रैली में AAP सरकार और अकाली दल दोनों की आलोचना की थी।
पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव कब होगा?
पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 2027 में समाप्त होता है, इसलिए अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होने की संभावना है। BJP अभी से संगठनात्मक तैयारियाँ शुरू कर चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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