ऑस्ट्रेलिया में बोंडी बीच पर हनुक्का गोलीबारी के बाद रॉयल कमीशन की जांच शुरू
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सिडनी, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिसंबर २०२५ में बोंडी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के दौरान हुई सामूहिक गोलीबारी के बाद, ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख जांच संस्था, रॉयल कमीशन, ने 'एंटी-सेमिटिज्म' और 'सोशल कोहेशन' पर अपनी जांच प्रारंभ की है।
कमीशन की आयुक्त, वर्जीनिया बेल, ने अपने उद्घाटन भाषण में इस जांच के उद्देश्य को स्पष्ट किया, जिसमें बोंडी आतंकवादी हमले की परिस्थितियों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें १५ लोगों की जान गई थी। उन्होंने यहूदी ऑस्ट्रेलियंस से एंटी-सेमिटिज्म के अनुभव साझा करने की अपील की।
बेल ने कहा, "कमीशन को उस घटना के लिए सुरक्षा उपायों की जांच करनी है और यह देखना है कि क्या हमारी इंटेलिजेंस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने प्रभावी ढंग से कार्य किया।"
रॉयल कमीशन इस घटनाक्रम को एंटी-सेमिटिज्म के व्यापक संदर्भ में देख रहा है, जिसमें सामाजिक एकता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
कमीशन यहूदी समुदाय में बढ़ते एंटी-सेमिटिज्म के मामलों और स्कूलों तथा विश्वविद्यालयों में होने वाली घटनाओं का अध्ययन करेगा और दिसंबर २०२६ तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
बेल ने ऑनलाइन सबूत प्रस्तुत करने का विकल्प भी दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन सबमिशन कर सकता है, और किसी पर भी पब्लिक में सबूत देने का दबाव नहीं डाला जाएगा।
कमीशन में मदद कर रहे वरिष्ठ वकील, रिचर्ड लैंकेस्टर, ने बोंडी शूटिंग को "वास्तव में एक डरावनी घटना" बताया और कहा कि इस हमले ने यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को "काफी अधिक ट्रॉमा" दिया है।
हनुक्का महोत्सव में गोलीबारी करने वाले हमलावरों (साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम) को पुलिस ने इस्लामिक स्टेट से प्रेरित बताया।
साजिद अकरम को पुलिस ने घटनास्थल पर ही गोली मार दी, जबकि घायल नवीद अकरम बच गया था।
२४ वर्षीय नवीद की कोर्ट में पेशी हो चुकी है। वह ५९ मामलों में आरोपी है, जिसमें १५ हत्या और एक आतंकवादी हमले का आरोप शामिल है।