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ब्रिक्स डिनर से कांग्रेस सीएम की अनुपस्थिति पर शिवसेना के कृष्णा हेगड़े का तीखा हमला

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ब्रिक्स डिनर से कांग्रेस सीएम की अनुपस्थिति पर शिवसेना के कृष्णा हेगड़े का तीखा हमला

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने ब्रिक्स गाला डिनर से कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को राष्ट्रीय हित के विरुद्ध बताया। साथ ही यूपीआई एमडीआर पर राहुल गांधी के आरोपों को गलत जानकारी पर आधारित करार दिया और यूसीसी व पीएम मोदी के 25 वर्षों पर भी अपनी राय रखी।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 16 सितंबर को मुंबई में कहा कि कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्री ब्रिक्स गाला डिनर के निमंत्रण के बावजूद अनुपस्थित रहे।
यूपीआई एमडीआर के तहत ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4% शुल्क केवल मर्चेंट से लिया जाएगा, अधिकतम सीमा ₹300 होगी; आम ग्राहक पर कोई सीधा बोझ नहीं।
महाराष्ट्र में रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति यूसीसी का मसौदा तैयार कर रही है; उत्तराखंड , असम और गुजरात भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।
हेगड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और 2029 में भी NDA की सरकार का भरोसा जताया।
हेगड़े ने राहुल गांधी के यूपीआई शुल्क संबंधी आरोपों को 'गलत जानकारी पर आधारित' बताया।

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने बुधवार, 16 सितंबर को मुंबई में एक प्रेस संबोधन के दौरान कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ब्रिक्स गाला डिनर में आमंत्रित किए जाने के बावजूद तीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री इस राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजन से दूर रहे। उन्होंने इसे दलगत संकीर्णता का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे अवसरों पर देशहित को दलहित से ऊपर रखा जाना चाहिए।

ब्रिक्स आयोजन और कांग्रेस की अनुपस्थिति

हेगड़े ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की मेजबानी में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच था, जो किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था। उनके अनुसार, कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को ब्रिक्स गाला डिनर के लिए विधिवत आमंत्रण दिया गया था, परंतु वे उपस्थित नहीं हुए। हेगड़े ने इसे कांग्रेस की ओर से ब्रिक्स आयोजन की अंतरराष्ट्रीय छवि को क्षति पहुँचाने का सुनियोजित प्रयास करार दिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद संवैधानिक जिम्मेदारी है और ऐसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में भागीदारी दलीय सीमाओं से परे होनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है।

यूपीआई एमडीआर विवाद पर हेगड़े का स्पष्टीकरण

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा ₹2,000 से अधिक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए गए सवालों पर हेगड़े ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि ₹2,000 तक के भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

उनके अनुसार, ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत की दर से एमडीआर लागू होने की बात कही जा रही है, जो अधिकतम ₹300 तक सीमित होगा। हेगड़े ने स्पष्ट किया कि यह शुल्क मर्चेंट की ओर से वहन किया जाएगा, न कि आम ग्राहक द्वारा। एमडीआर से प्राप्त राशि मर्चेंट बैंक, सेवा प्रदाता और यूपीआई से जुड़े बैंकों या ऐप कंपनियों की भुगतान-प्रसंस्करण लागत में जाती है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को 'गलत जानकारी पर आधारित' बताया।

यूसीसी पर संतुलित रुख

समान नागरिक संहिता (UCC) के समर्थन में बोलते हुए हेगड़े ने कहा कि प्रस्ताव पर आपत्तियों और सुझावों को सार्वजनिक रूप से रखा जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि कानून निर्माण की प्रक्रिया में किसी भी धर्म या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचनी चाहिए और अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति यूसीसी के मसौदे पर कार्य कर रही है। उत्तराखंड, असम और गुजरात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य राज्य भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था का उद्देश्य सभी नागरिकों को एक समान ढाँचे में लाना है।

पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर हेगड़े ने उनकी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलने का अवसर मिला और इसे उन्होंने अपने लिए महत्वपूर्ण सम्मान बताया।

हेगड़े ने कहा कि मोदी ने संगठन स्तर पर लंबे समय तक जिम्मेदारियाँ निभाईं, गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2014 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केंद्र की सत्ता में लाए। 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सरकार बनाई। उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में भी उम्मीद जताई कि मोदी के नेतृत्व में NDA भविष्य में भी सत्ता में आएगा।

आगे क्या होगा

यूसीसी पर रंजना देसाई समिति का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के बाद विधायिका के समक्ष रखे जाने की संभावना है। यूपीआई एमडीआर के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, और इस विषय पर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है। ब्रिक्स आयोजन में कांग्रेस मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति का मुद्दा विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आगामी दिनों में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर राज्य सरकारों की भागीदारी के लिए कोई स्पष्ट प्रोटोकॉल मौजूद है। यूपीआई एमडीआर पर हेगड़े का स्पष्टीकरण तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक असर — विशेषकर छोटे व्यापारियों पर — का विश्लेषण अभी बाकी है। यूसीसी पर 'अल्पसंख्यक भावनाओं का ध्यान' रखने की बात सत्तापक्ष के लिए असामान्य रूप से सतर्क भाषा है, जो महाराष्ट्र की जटिल सामाजिक राजनीति को दर्शाती है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स गाला डिनर से कांग्रेस के मुख्यमंत्री क्यों नहीं गए?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े के अनुसार, कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को ब्रिक्स गाला डिनर में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। हेगड़े ने इसे दलगत राजनीति को राष्ट्रहित से ऊपर रखने का उदाहरण बताया। कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यूपीआई पर ₹2,000 से अधिक के लेनदेन पर एमडीआर शुल्क क्या होगा?
कृष्णा हेगड़े के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत की दर से एमडीआर लागू होने की बात कही जा रही है, जो अधिकतम ₹300 तक सीमित होगा। यह शुल्क मर्चेंट से लिया जाएगा, न कि आम ग्राहक से। ₹2,000 तक के भुगतान पर कोई शुल्क नहीं होगा।
महाराष्ट्र में यूसीसी पर काम कौन कर रहा है?
महाराष्ट्र में सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई के नेतृत्व में सात सदस्यीय समिति समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे पर कार्य कर रही है। उत्तराखंड, असम और गुजरात भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।
यूसीसी में किन विषयों को शामिल किया जाएगा?
हेगड़े के अनुसार, यूसीसी में विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे व्यक्तिगत कानूनी मामलों में समान व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को एक समान कानूनी ढाँचे में लाना है, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पर शिवसेना ने क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और उनके संगठनात्मक, मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल की सराहना की। हेगड़े ने 2029 के लोकसभा चुनाव में भी मोदी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनने की उम्मीद जताई।
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