ब्रिक्स डिनर से कांग्रेस CM की गैरमौजूदगी पर संबित पात्रा का हमला, रेवंत रेड्डी का नाम लिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद संबित पात्रा ने 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली में आयोजित रात्रिभोज में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति ने देश के बाहर गलत संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी राजनीतिक दल विशेष का नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और विकास से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच था।
मुख्य आरोप और दावे
पात्रा ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने मेजबानी की और इस दौरान सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का भारत आगमन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर था। उनके अनुसार, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भागीदारी भारत की एकजुटता का प्रतीक होती है। पात्रा ने दावा किया कि रात्रिभोज के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष — दोनों के मुख्यमंत्रियों को बिना किसी भेदभाव के सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया था।
तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का उल्लेख
पात्रा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि रेड्डी की ओर से 12 सितंबर को कार्यक्रम में उपस्थिति की पुष्टि भेजी गई थी, लेकिन बाद में उन्होंने असमर्थता जता दी। इसके अलावा, केरल और कर्नाटक से जुड़े कांग्रेस नेताओं की भी रात्रिभोज में गैरमौजूदगी रही, जिसे पात्रा ने 'कार्यक्रम का बहिष्कार' करार दिया।
राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना
भाजपा सांसद ने इस मुद्दे को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर भी प्रहार किया। उनके अनुसार, भले ही मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, परंतु पार्टी का वास्तविक राजनीतिक नेतृत्व राहुल गांधी के हाथ में है। पात्रा ने आरोप लगाया कि इस नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीतिक सोच दलगत विरोध से ऊपर नहीं उठ पा रही।
विपक्ष की स्थिति और संदर्भ
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय आयोजन में विपक्षी दलों की भागीदारी को लेकर सत्तारूढ़ दल ने सवाल उठाए हों। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी बहुपक्षीय कूटनीति को मज़बूत करने का प्रयास कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति के कारण कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
आगे क्या होगा
पात्रा ने कांग्रेस से अपील की कि पार्टी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को मज़बूत करने के लिए सभी राजनीतिक दलों की सकारात्मक भागीदारी आवश्यक है। यह विवाद आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव का नया मोर्चा बन सकता है।