21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कृष्णा हेगड़े का मोहन भागवत के 'विश्व गुरु' बयान को समर्थन, बोले- मोदी नेतृत्व में बनेगा भारत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कृष्णा हेगड़े का मोहन भागवत के 'विश्व गुरु' बयान को समर्थन, बोले- मोदी नेतृत्व में बनेगा भारत

सारांश

शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने RSS प्रमुख मोहन भागवत की 'विश्व गुरु' परिकल्पना का समर्थन किया और कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर और मज़बूत होगा। साथ ही उन्होंने भारत-रूस व्यापार, यूक्रेन संघर्ष में भारत की भूमिका और 'इंडिया' गठबंधन में दरार पर भी टिप्पणी की।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने 5 जून 2026 को RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'विश्व गुरु' बयान का समर्थन किया।
हेगड़े के अनुसार PM मोदी के नेतृत्व में भारत सामाजिक-राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।
भारत-रूस व्यापार अरबों डॉलर के स्तर तक पहुँच रहा है; भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे ऊर्जा कीमतें स्थिर हैं।
हेगड़े ने कहा कि भारत ने यूक्रेन-रूस युद्ध सहित कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में मध्यस्थता की कोशिश की है।
DMK की लोकसभा में अलग बैठने की माँग को स्पीकर ओम बिरला ने स्वीकार किया; हेगड़े ने इसे 'इंडिया' गठबंधन की आंतरिक खींचतान का संकेत बताया।

शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने 5 जून 2026 को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है। हेगड़े ने कहा कि आंतरिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एकजुट होकर 'विश्व गुरु' बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

भारत की वैश्विक भूमिका पर हेगड़े का पक्ष

हेगड़े ने कहा कि आज दुनिया के कई देश भारत की नीति और नेतृत्व को गंभीरता से देखते हैं। उनके अनुसार, चाहे युद्ध जैसी परिस्थितियाँ हों या वैश्विक तनाव, भारत ने हमेशा संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक मंच पर और मज़बूत भूमिका निभाएगा।

यूक्रेन-रूस संघर्ष और भारत की मध्यस्थता

हेगड़े ने यूक्रेन-रूस युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत कई मामलों में मध्यस्थता और समाधान की दिशा में प्रयास करता रहा है। उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का संकेत है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने कभी किसी बाहरी दबाव में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया।

रूस के साथ व्यापारिक संबंध

हेगड़े ने बताया कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते जारी रखे। उन्होंने कहा कि भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार अब अरबों डॉलर के स्तर तक पहुँच रहा है। भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे देश में ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है। साथ ही भारत से रूस को विभिन्न वस्तुओं का निर्यात भी बढ़ रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को लाभ हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ संबंधों को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।

तमिलनाडु की राजनीति और DMK का अलग बैठने का फ़ैसला

हेगड़े ने तमिलनाडु की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने लोकसभा में अलग बैठने की माँग की थी, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया। उनके अनुसार यह बदलाव विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और DMK के रिश्तों में भी तनाव देखने को मिला है।

आगे क्या

हेगड़े के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भागवत की 'विश्व गुरु' परिकल्पना को एक साझा राजनीतिक-सांस्कृतिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं। विपक्षी खेमे में जारी दरारों के बीच यह बयान आने वाले राजनीतिक विमर्श को और गहरा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पश्चिमी साझेदारों के साथ कूटनीतिक संतुलन की जटिलता को यह बयान सरल बना देता है। DMK वाली टिप्पणी विपक्ष को कमज़ोर दिखाने की कोशिश है, जबकि वास्तविकता यह है कि गठबंधन की सीट-बँटवारे की राजनीति हमेशा से पेचीदा रही है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत का 'विश्व गुरु' बयान क्या था?
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है और वह 'विश्व गुरु' बन सकता है। शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
भारत और रूस के बीच व्यापार की स्थिति क्या है?
हेगड़े के अनुसार भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार अरबों डॉलर के स्तर तक पहुँच रहा है। भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे ऊर्जा कीमतें स्थिर हैं, और भारत से रूस को विभिन्न वस्तुओं का निर्यात भी बढ़ रहा है।
DMK के लोकसभा में अलग बैठने के फ़ैसले का क्या मतलब है?
DMK ने लोकसभा में अलग सीटिंग की माँग की थी, जिसे स्पीकर ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया। हेगड़े ने इसे 'इंडिया' गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान और कांग्रेस-DMK के बीच तनाव का संकेत बताया।
यूक्रेन-रूस युद्ध में भारत की भूमिका पर हेगड़े ने क्या कहा?
हेगड़े ने कहा कि भारत ने यूक्रेन-रूस युद्ध सहित कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में मध्यस्थता और समाधान की दिशा में प्रयास किए हैं। उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।
कृष्णा हेगड़े कौन हैं और उनका यह बयान क्यों अहम है?
कृष्णा हेगड़े शिवसेना के नेता हैं, जो सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। उनका यह बयान RSS की 'विश्व गुरु' परिकल्पना को सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के बीच व्यापक समर्थन मिलने का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले