कृष्णा हेगड़े का मोहन भागवत के 'विश्व गुरु' बयान को समर्थन, बोले- मोदी नेतृत्व में बनेगा भारत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने 5 जून 2026 को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान का खुलकर समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है। हेगड़े ने कहा कि आंतरिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एकजुट होकर 'विश्व गुरु' बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
भारत की वैश्विक भूमिका पर हेगड़े का पक्ष
हेगड़े ने कहा कि आज दुनिया के कई देश भारत की नीति और नेतृत्व को गंभीरता से देखते हैं। उनके अनुसार, चाहे युद्ध जैसी परिस्थितियाँ हों या वैश्विक तनाव, भारत ने हमेशा संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत वैश्विक मंच पर और मज़बूत भूमिका निभाएगा।
यूक्रेन-रूस संघर्ष और भारत की मध्यस्थता
हेगड़े ने यूक्रेन-रूस युद्ध और अन्य अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत कई मामलों में मध्यस्थता और समाधान की दिशा में प्रयास करता रहा है। उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का संकेत है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने कभी किसी बाहरी दबाव में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया।
रूस के साथ व्यापारिक संबंध
हेगड़े ने बताया कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते जारी रखे। उन्होंने कहा कि भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार अब अरबों डॉलर के स्तर तक पहुँच रहा है। भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे देश में ऊर्जा की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है। साथ ही भारत से रूस को विभिन्न वस्तुओं का निर्यात भी बढ़ रहा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को लाभ हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ संबंधों को और आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।
तमिलनाडु की राजनीति और DMK का अलग बैठने का फ़ैसला
हेगड़े ने तमिलनाडु की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने लोकसभा में अलग बैठने की माँग की थी, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया। उनके अनुसार यह बदलाव विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और DMK के रिश्तों में भी तनाव देखने को मिला है।
आगे क्या
हेगड़े के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भागवत की 'विश्व गुरु' परिकल्पना को एक साझा राजनीतिक-सांस्कृतिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं। विपक्षी खेमे में जारी दरारों के बीच यह बयान आने वाले राजनीतिक विमर्श को और गहरा कर सकता है।