खुले पत्र पर कृष्णा हेगड़े का पलटवार: 'यह पत्र पाक आर्मी चीफ को भेजें, पीएम को नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
शिव सेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 2 जुलाई को मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कई अहम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित दिल्ली प्रदर्शन को खारिज किया, भारत-पाकिस्तान के नागरिकों द्वारा लिखे गए खुले पत्र पर तीखा प्रहार किया और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी निशाना साधा।
भागवत के बयान का समर्थन: विभाजन के बाद आए लोग देशभक्त हैं
हेगड़े ने मोहन भागवत के उस बयान को सही ठहराया जिसमें विभाजन के बाद भारत आए लोगों को देशभक्त कहा गया था। उन्होंने कहा, 'जो लोग विभाजन के बाद भारत आए, उन्होंने बहुत कष्ट सहे — वे सच्चे देशभक्त हैं।' उन्होंने इस संदर्भ में राज कपूर और सुनील दत्त जैसे दिग्गजों का नाम लिया, जिन्होंने पाकिस्तान छोड़कर भारत को अपना घर बनाया और यहाँ अपनी पहचान बनाई।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रदर्शन पर कड़ा रुख
नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन पर हेगड़े ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके अनुसार, 'केंद्र सरकार मजबूत है, अनुच्छेद 370 हट चुका है और जम्मू-कश्मीर में लोग खुश हैं — कारोबार बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है।' उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पर आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने जनता का 'गलत इस्तेमाल' किया है।
खुले पत्र पर पलटवार: 'पाक आर्मी चीफ को लिखें'
भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक नागरिकों द्वारा दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को लिखे गए खुले पत्र पर हेगड़े ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पत्र भारत के प्रधानमंत्री को नहीं, बल्कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ को भेजा जाना चाहिए था। उनका तर्क था, 'जब तक सीमा पार से आतंकवाद बंद नहीं होता, तब तक बातचीत का कोई अर्थ नहीं है।' हेगड़े ने यह भी आरोप लगाया कि पत्र लिखने वाले 'पाकिस्तान समर्थक' लग रहे हैं और यह पत्र जनहित के लिए नहीं, बल्कि खुद को चर्चा में लाने के लिए लिखा गया है।
रेवंत रेड्डी पर हमला: 'अहंकार छोड़कर काम करें'
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए हेगड़े ने कहा कि रेड्डी ने स्वीकार किया कि वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और एमएलसी एन. रामचंद्र राव को नहीं जानते। हेगड़े ने इसे मुख्यमंत्री की कमी बताते हुए कहा कि एन. रामचंद्र राव एक वरिष्ठ वकील हैं और उन्होंने जी. किशन रेड्डी का प्रभार भी संभाला है। उन्होंने रेवंत रेड्डी को सलाह दी कि वे 'अहंकार को दूर रखकर सबको साथ लेकर काम करें।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
हेगड़े के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर नागरिक समाज में एक नई बहस छिड़ी है। गौरतलब है कि खुले पत्र की परंपरा दोनों देशों में पहले भी रही है, लेकिन इस बार 100 से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या और दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को संबोधित किए जाने से यह पत्र अधिक चर्चा में है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है।