18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए 11 सितंबर को दिल्ली और केंद्र सरकार के दफ्तर बंद, 35 सड़कों पर यातायात नियंत्रण
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत केंद्र और दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को अपने सभी कार्यालय बंद रखने का निर्णय लिया है। सुरक्षा व्यवस्था, रसद प्रबंधन और मोटर काफिले की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है, जिससे आम नागरिकों को सड़कों पर होने वाली असुविधा को कम किया जा सके।
सरकारी अवकाश की घोषणा
दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया था। इसके बाद कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी एक आधिकारिक परिपत्र जारी करते हुए उसी दिन केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में अवकाश की घोषणा की। 12 और 13 सितंबर क्रमशः शनिवार और रविवार होने के कारण यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अपेक्षाकृत कम जटिल रहने की उम्मीद है।
यातायात प्रबंधन और मार्ग परिवर्तन
शिखर सम्मेलन से पूर्व दिल्ली यातायात पुलिस व्यापक पूर्वाभ्यास कर रही है। यातायात प्रबंधन योजना के अंतर्गत 22 बिंदुओं पर मार्ग परिवर्तन किए जाएंगे और 35 से अधिक सड़कों पर यातायात नियंत्रण लागू होगा। बुधवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम और शिखर सम्मेलन की तैयारी के तहत सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच मोटर काफिले का पूर्वाभ्यास किया गया, जिस दौरान यातायात नियंत्रण और मार्ग परिवर्तन लागू रहे।
ड्रोन से हवाई निगरानी
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयंता गोयल आर्य ने बताया कि दिल्ली यातायात पुलिस राष्ट्रीय राजधानी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में यातायात की स्थिति का वास्तविक समय में हवाई आकलन करने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रही है। प्रमुख चौराहों, मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले गलियारों पर ड्रोन निगरानी से उभरते अवरोधों की त्वरित पहचान और समय पर हस्तक्षेप संभव हो रहा है।
आर्य ने यह भी बताया कि अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT), नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आसपास भी हवाई निगरानी की जा रही है। ड्रोन से प्राप्त जानकारी कतारों की लंबाई, भीड़भाड़ वाले स्थानों और निकासी रणनीतियों को बेहतर बनाने में सहायक है।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर विशेष ध्यान
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर्य के अनुसार अंतरराज्यीय सीमा चौकियों और वाहनों की भारी आवाजाही वाले अन्य स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन आधारित डेटा से जमीनी स्तर पर यातायात टीमों को वाहनों के सुचारू प्रवाह के लिए त्वरित निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
आगे क्या
शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक चलेगा। दिल्लीवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे इन तीन दिनों में अनावश्यक यात्रा से बचें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। प्रौद्योगिकी-आधारित यातायात प्रबंधन का यह प्रयोग भविष्य के बड़े आयोजनों के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।