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बुलंदशहर की 7 विधानसभा सीटें: 2022 में BJP का क्लीन स्वीप, 2027 चुनाव से पहले जानें पूरा समीकरण

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बुलंदशहर की 7 विधानसभा सीटें: 2022 में BJP का क्लीन स्वीप, 2027 चुनाव से पहले जानें पूरा समीकरण

सारांश

2017 और 2022 में BJP ने बुलंदशहर की सभी 7 सीटें जीती थीं। अब शिकारपुर सीट रिक्त है और 2027 चुनाव नज़दीक है। हर सीट के वोट-मार्जिन और ताज़ा विधायक स्थिति का पूरा विश्लेषण।

मुख्य बातें

बुलंदशहर जिले में 7 विधानसभा सीटें हैं; 2022 और 2017 दोनों चुनावों में BJP ने क्लीन स्वीप किया।
शिकारपुर सीट विधायक अनिल शर्मा के सितंबर 2026 में निधन के बाद रिक्त हो गई है।
स्याना में BJP का सबसे बड़ा जीत का अंतर — लगभग 90,000 वोट ; अनूपशहर में 77,000 से अधिक ।
खुर्जा से BJP की मीनाक्षी सिंह ने 1,37,461 वोट से जीत दर्ज की; कांग्रेस प्रत्याशी केवल 2,643 वोट पर सिमटे।
2022 में RLD-SP गठबंधन के बावजूद BJP ने सभी सीटें बरकरार रखीं।

बुलंदशहर जिला उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। 2022 और 2017 — दोनों विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जिले की सभी 7 सीटें जीतीं, और अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले इन सीटों की स्थिति पर सबकी नज़र है। शिकारपुर सीट इस साल सितंबर में विधायक के निधन के कारण रिक्त हो चुकी है, जिससे जिले की राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।

बुलंदशहर जिले की सात विधानसभा सीटें

बुलंदशहर जिले में कुल 7 विधानसभा क्षेत्र हैं — सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर और खुर्जा। फिलहाल इनमें से 6 सीटों पर BJP के विधायक कार्यरत हैं, जबकि शिकारपुर सीट रिक्त पड़ी है। गौरतलब है कि यह जिला जाट, लोधी, यादव और दलित मतदाताओं के मिले-जुले समीकरण के लिए जाना जाता है, जिससे हर चुनाव में यहाँ कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना बनती है।

2022 चुनाव: सीट-दर-सीट परिणाम

सिकंदराबाद सीट पर BJP के लक्ष्मी राज सिंह ने 1,25,644 वोट पाकर समाजवादी पार्टी के राहुल यादव को 29,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। सपा उम्मीदवार को 96,301 वोट मिले और कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे।

बुलंदशहर सीट पर BJP के प्रदीप कुमार चौधरी (1,27,076 वोट) ने राष्ट्रीय लोकदल के मोहम्मद युनुस (1,01,246 वोट) को 25,000 से अधिक मतों से पराजित किया। बसपा और कांग्रेस क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे; 11 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।

स्याना में BJP के देवेंद्र सिंह लोधी ने 1,49,125 वोट प्राप्त कर राष्ट्रीय लोकदल के दिलनवाज खान (59,468 वोट) को लगभग 90,000 मतों के बड़े अंतर से हराया। यहाँ 8 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे।

अनूपशहर से BJP के संजय कुमार शर्मा (1,25,602 वोट) ने बसपा के रामेश्वर (47,979 वोट) को 77,000 से अधिक मतों से मात दी। एनसीपी के केके शर्मा 44,180 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। 11 उम्मीदवारों ने यहाँ किस्मत आज़माई।

डिबाई सीट पर BJP के चंद्रपाल सिंह (1,28,640 वोट) ने सपा के हरीश लोधी (60,615 वोट) को 68,000 से अधिक मतों से परास्त किया। बसपा और कांग्रेस पुनः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे; कुल 7 प्रत्याशी उतरे।

खुर्जा से BJP की मीनाक्षी सिंह (1,37,461 वोट) ने सपा के बंशी सिंह (70,377 वोट) को 67,000 से अधिक मतों से हराया। बसपा के विनोद को 45,325 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के तुक्की केवल 2,643 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे।

शिकारपुर सीट पर 2022 में BJP के अनिल शर्मा (1,13,855 वोट) ने राष्ट्रीय लोकदल के किरणपाल सिंह (58,172 वोट) को 55,000 से अधिक मतों से हराया था। अनिल शर्मा के इस वर्ष सितंबर में निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई है। 2022 में यहाँ 9 प्रत्याशी थे।

BJP का दबदबा: दो चुनावों में 14 में से 14 सीटें

यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम समीकरण पारंपरिक रूप से विपक्षी दलों के लिए अनुकूल माना जाता रहा है। 2017 और 2022 दोनों चुनावों में BJP का क्लीन स्वीप इस धारणा को चुनौती देता है। विश्लेषकों के अनुसार हिंदुत्व की लहर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि और स्थानीय जाति समीकरणों के प्रबंधन ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई।

2027 की दृष्टि से क्या होगा आगे

शिकारपुर उपचुनाव की संभावना और 2027 विधानसभा चुनाव की आहट के बीच समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल का संभावित गठजोड़ BJP के लिए चुनौती पेश कर सकता है। 2022 में RLD-SP गठबंधन के बावजूद BJP ने सभी सीटें जीती थीं, लेकिन स्याना में लगभग 90,000 और अनूपशहर में 77,000 से अधिक के अंतर ने विपक्ष के लिए पुनर्निर्माण की कठिन राह सुझाई। अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल अगले चुनाव में बुलंदशहर में इस दीवार में कोई दरार बना पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि पश्चिमी UP में RLD-SP गठजोड़ के बावजूद विपक्ष की रणनीति बुरी तरह विफल रही। स्याना और अनूपशहर में 70,000-90,000 के अंतर दर्शाते हैं कि विरोध बिखरा हुआ था, एकजुट नहीं। शिकारपुर का उपचुनाव — यदि और जब हो — विपक्ष के लिए असली जमीनी परीक्षण होगा, क्योंकि सहानुभूति लहर और स्थानीय जाति समीकरण एक साथ काम कर सकते हैं। 2027 में बुलंदशहर की लड़ाई इस बात पर तय होगी कि सपा और RLD अपने मतदाताओं को विभाजित होने से रोक पाते हैं या नहीं।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुलंदशहर जिले में कितनी विधानसभा सीटें हैं और कौन-कौन सी हैं?
बुलंदशहर जिले में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं — सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर और खुर्जा। इनमें से शिकारपुर सीट सितंबर 2026 में विधायक अनिल शर्मा के निधन के कारण वर्तमान में रिक्त है।
2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर में BJP ने कैसा प्रदर्शन किया?
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP ने बुलंदशहर की सभी 7 सीटें जीतीं। यह 2017 के बाद लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप था। सबसे बड़ा जीत का अंतर स्याना में लगभग 90,000 वोट रहा।
शिकारपुर विधानसभा सीट खाली क्यों हुई?
शिकारपुर से BJP विधायक अनिल शर्मा का सितंबर 2026 में निधन हो गया, जिससे यह सीट रिक्त हो गई। 2022 में अनिल शर्मा ने RLD के किरणपाल सिंह को 55,000 से अधिक मतों से हराया था।
बुलंदशहर में 2027 के चुनाव में विपक्ष के लिए क्या चुनौतियाँ हैं?
2022 में RLD-SP गठजोड़ के बावजूद BJP ने सभी सीटें जीतीं, जो विपक्ष की कमज़ोरी उजागर करता है। स्याना और अनूपशहर जैसी सीटों पर बड़े अंतर से हार के बाद विपक्ष को 2027 में मज़बूत उम्मीदवार और एकजुट रणनीति की ज़रूरत होगी।
खुर्जा विधानसभा सीट पर 2022 में क्या हुआ था?
खुर्जा सीट से BJP की मीनाक्षी सिंह ने 1,37,461 वोट पाकर सपा के बंशी सिंह (70,377 वोट) को 67,000 से अधिक मतों से हराया। कांग्रेस उम्मीदवार महज 2,643 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे।
राष्ट्र प्रेस
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