बुसान में बलूचों के अधिकारों के लिए बीएनएम का शांतिपूर्ण प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- बीएनएम का प्रदर्शन बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ है।
- प्रदर्शनकारियों ने मानवाधिकार उल्लंघनों की जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की गई।
- प्रदर्शन के दौरान कई नारे लगाए गए जैसे "बलूचिस्तान में नरसंहार बंद करो"।
- बीएनएम का ग्लोबल कैंपेन जारी रहेगा।
सोल, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने साउथ कोरिया के बुसान में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों का जिक्र किया गया। बताया गया कि बलूचिस्तान के आम लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली ज्यादतियों की इंतेहाजबरन घर से उठाया जा रहा है, कुछ को वापस लौटाया गया है जबकि कई को मार दिया गया है।
बीएनएम के अनुसार, रविवार शाम को सासांग स्टेशन पर एप्पल आउटलेट के निकट हुआ प्रदर्शन, बलूचिस्तान में "एक साथ सजा देने की पॉलिसी" की ओर ध्यान आकर्षित करने वाले एक बड़े ग्लोबल कैंपेन का हिस्सा था।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बढ़ते संकट के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता फैलाई और प्रांत में हाल के "खतरनाक आंकड़ों और गलत व्यवहार के पैटर्न" को दर्शाने वाले अंग्रेजी और कोरियन भाषा में पर्चे बांटे।
इन पर्चों में हाल के मामलों का विवरण था, जिसमें पाकिस्तान फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के अत्याचार और जवाबदेही की कमी पर प्रकाश डाला गया। बीएनएम ने वैश्विक समुदाय से इस संकट को मानवीय इमरजेंसी के रूप में पहचानने की अपील की।
लोगों को संबोधित करते हुए, वक्ताओं ने कहा कि "ये उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराध हैं, जिनमें मानवता के खिलाफ संभावित अपराध भी शामिल हैं।" उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से जवाबदेही और संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने "बलूचिस्तान में नरसंहार बंद करो", "जबरन गायब करना बंद करो", "पाकिस्तान: बलूच लोगों को मारना बंद करो", और "बलूच न्याय चाहता है" जैसे नारे भी लगाए।
बीएनएम की ह्यूमन राइट्स विंग, पांक की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने कहा कि फरवरी में जबरन गायब होने के 109 मामले और न्यायेतर हत्या के 50 मामले दर्ज किए गए, जबकि जनवरी में 82 जबरन गायब होने और 12 न्यायेतर हत्याएँ दर्ज की गईं।
बीएनएम ने कई घटनाओं का उल्लेख किया, जिसमें महीनों तक गायब रहने के बाद अवारन जिले के मशकाई इलाके में एक बलूच नागरिक की कथित एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग, पंजगुर जिले के शापतान इलाके में एक और हत्या, और कई लोगों के अपहरण के मामले शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में 1,200 से ज्यादा लोगों के जबरन गायब होने के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से कई अभी भी लापता हैं। इनमें महिलाएं, किशोर और नाबालिग शामिल हैं।
रिपोर्ट में "किल-एंड-डंप" पॉलिसी का भी उल्लेख है, जिसमें "आतंक फैलाने" के लिए हत्या के बाद क्षत-विक्षप्त शवों को छोड़ दिया जाता है।
बीएनएम ने कहा, "बलूचिस्तान की तकलीफ जारी है: परिवार अपने लापता अपनों की खबर का कभी न खत्म होने वाला इंतजार करते हैं, मारे गए लोगों के शव चेतावनी के तौर पर फेंक दिए जाते हैं, और शांति से विरोध करने वालों को गिरफ्तारी और इससे भी बुरा सामना करना पड़ता है। दक्षिण कोरिया में प्रदर्शन का उद्देश्य उन हजारों बलूच परिवारों के साथ खड़े होने का संकल्प है। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि आप अकेले नहीं हैं।"
बीएनएम ने कहा कि ग्लोबल कैंपेन तब तक जारी रहेगा जब तक जबरन अगवा करने की वारदातें खत्म नहीं होतीं, इन अपराधों के दोषियों की जिम्मेदारी नहीं तय होती, बलूचों के सम्मान, स्वतंत्रता और उनके मानवाधिकार की रक्षा नहीं होती।
इसमें आगे कहा गया, "बुसान में आज उठी आवाजें अंतरराष्ट्रीय कोरस में शामिल हैं जो चुप रहने से इनकार करती हैं।"