ब्यावरा की महिलाओं का 'मन की बात' में जिक्र: प्लास्टिक कचरे से बन रहे ईको-ब्रिक्स, 20 टन कचरा संग्रह
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं की पर्यावरण संरक्षण मुहिम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्रीय मंच पर सराहा। पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में सिंगल यूज प्लास्टिक और खाली बोतलों को ईको-ब्रिक्स में बदला जा रहा है, जिनका उपयोग पार्कों, सेल्फी प्वाइंट, ट्री गार्ड और अन्य सार्वजनिक संरचनाओं के निर्माण में हो रहा है। अब तक समिति 20 टन से अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्र कर 700 से अधिक ईको-ब्रिक्स तैयार कर चुकी है।
अभियान की शुरुआत और विस्तार
पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति के नेतृत्व में पिछले 6 महीनों से यह मुहिम ब्यावरा में जारी है। शुरुआत में महिलाओं की टीमें रात को सड़कों और घरों के बाहर पड़ी पॉलिथीन एकत्र करती थीं, जब लोग उन पर हँसते थे। समिति प्रमुख अनिल कुशवाहा के अनुसार, सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान चलाने के बाद अब 300 परिवार स्वेच्छा से घरों में आने वाली पॉलिथीन एकत्र कर समिति को सौंप रहे हैं।
ईको-ब्रिक्स: कचरे से निर्माण सामग्री
अनिल कुशवाहा ने बताया, 'हमारी टीमें सड़कों या घरों के बाहर पड़ी पॉलिथीन को एकत्रित करके पानी की खाली बोतलों में भरती हैं। इससे बोतल पत्थर की तरह मजबूत हो जाती है, जिसे हम ईको-ब्रिक्स कहते हैं।' इन ईको-ब्रिक्स से अब तक ट्री गार्ड, कुर्सियाँ, डस्टबिन और खिलौने सहित कई उपयोगी वस्तुएँ बनाई जा चुकी हैं। यह 'वेस्ट टू वैल्यू' मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ रोज़गार और जनजागरूकता का माध्यम भी बन रहा है।
प्रधानमंत्री की सराहना और जनभागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में कहा कि ब्यावरा की बहनों ने किसी और के बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद आगे बढ़कर शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने इस अभियान को जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए सभी बहनों और अभियान से जुड़े लोगों को बधाई दी। कुशवाहा ने बताया कि प्रधानमंत्री की सराहना के बाद उनके पास कई लोगों के सहयोग के लिए फोन आए और टीम में नया उत्साह है।
सरकार और समाज की प्रतिक्रिया
राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा, 'ब्यावरा की महिलाओं ने इस शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास शुरू किया है। बहनों का छोटा प्रयास जल्द ही बड़ा रूप लेगा।' उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर पालिका प्रमुख से भी बात की जा चुकी है। अभियान में महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों और स्कूलों की सक्रिय भागीदारी ने इसे पूरे शहर का जनआंदोलन बना दिया है।
आगे की राह
अभियान से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य बनाने का संकल्प है। कुशवाहा ने देशवासियों से अपील की है कि प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें। 'मन की बात' में राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के बाद ब्यावरा का यह मॉडल देश के अन्य शहरों और गाँवों के लिए प्रेरणा बनने की दिशा में अग्रसर है।