मोदी ने नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा: 4,399 दिन सेवा, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर — कैबिनेट का प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 10 जून 2026 को एक औपचारिक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। 4,399 दिनों की अखंड सेवा के साथ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो नेहरू ने 1952 से 1964 के बीच बनाया था। मंत्रिमंडल के प्रस्ताव में यह भी रेखांकित किया गया कि मोदी के नेतृत्व में 25 करोड़ से अधिक भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और लोकतांत्रिक महत्व
प्रस्ताव में कहा गया कि यह उपलब्धि एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के साथ मेल खाती है। दस्तावेज़ में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि छह दशकों के बाद किसी गठबंधन को लगातार तीसरी बार जनादेश मिला है। मंत्रिमंडल ने इसे भारत की लोकतांत्रिक चेतना और जन-भागीदारी की शक्ति का प्रतीक बताया।
गरीब कल्याण और सामाजिक सशक्तिकरण
प्रस्ताव के अनुसार, बीते वर्षों में गरीबों को पक्के घर, बिजली, स्वच्छ पेयजल और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी सुविधाएँ प्रदान की गईं। इसके साथ ही 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त राशन और 60 करोड़ से अधिक गरीब लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी गई। दस्तावेज़ में दर्ज है कि इन सामूहिक प्रयासों ने राष्ट्रीय आत्मविश्वास को बढ़ाया और 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाने में सहायता की।
युवा, महिला और किसान — तीन स्तंभ
प्रस्ताव में युवाओं पर फोकस का उल्लेख करते हुए बताया गया कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और 'मिशन चंद्रयान' के ज़रिए एक वैज्ञानिक शक्ति के रूप में उभरा है। महिला सशक्तिकरण के तहत धुआँ-मुक्त रसोई, 'लखपति दीदी' अभियान और विधायी निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत ऐतिहासिक आरक्षण का उल्लेख किया गया। किसानों के संदर्भ में पीएम किसान सम्मान निधि और पशुपालकों व मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड देने जैसी पहलों का ज़िक्र है, जिनसे कृषि निर्यात ₹5 लाख करोड़ के आँकड़े से आगे निकल गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और ऐतिहासिक सुधार
दस्तावेज़ में अनुच्छेद 370 हटाने, जीएसटी और वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू करने, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), भारतीय न्याय संहिता और लेबर कोड को एकीकृत करने जैसे दशकों से लंबित सुधारों की सराहना की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर सर्जिकल स्ट्राइक, क्रॉस-बॉर्डर एयर स्ट्राइक, 'ऑपरेशन सिंदूर' और सिंधु जल संधि के निलंबन का उल्लेख किया गया। नक्सलवाद के उन्मूलन, पूर्वोत्तर में शांति समझौतों और बांग्लादेश के साथ सीमा विवाद सुलझाने में भी प्रगति दर्ज की गई है।
वैश्विक भूमिका और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
प्रस्ताव में 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत रक्षा से लेकर AI तक मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में हुई प्रगति का उल्लेख है। सफल जी-20 अध्यक्षता, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों के ज़रिए भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित किया गया। नए संसद भवन और कर्तव्य पथ को सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। आगे, मंत्रिमंडल ने संकल्प व्यक्त किया कि 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में यह यात्रा जारी रहेगी।