'कैंपस टू संसद' पहल: दिल्ली CM रेखा गुप्ता से मिले महाराष्ट्र के 40 छात्र, राष्ट्र निर्माण पर संवाद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को दिल्ली सचिवालय में 'कैंपस टू संसद' पहल के तहत महाराष्ट्र से आए 40 विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनके साथ शासन व्यवस्था तथा सार्वजनिक जीवन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत संवाद किया। यह पहल राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की संकल्पना है, जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को संसद, शासन और सार्वजनिक जीवन से सीधे जोड़ना है।
पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
'कैंपस टू संसद' एक ऐसी शैक्षणिक और नागरिक जागरूकता पहल है, जो विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ प्रत्यक्ष परिचय कराती है। विनोद तावड़े द्वारा परिकल्पित इस कार्यक्रम के तहत छात्र न केवल संसद भवन का दौरा करते हैं, बल्कि नीति निर्माताओं और वरिष्ठ सिविल सेवकों से संवाद का अवसर भी पाते हैं। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब युवाओं की शासन व्यवस्था में भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय चर्चा तेज हो रही है।
मुख्यमंत्री का संबोधन और संवाद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं को देश की शासन व्यवस्था को करीब से समझने का अनमोल अवसर मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका युवाओं की क्षमता पर अटूट विश्वास रहा है और 'कैंपस टू संसद' जैसी पहल इसी दृष्टि को साकार करती है। मुख्यमंत्री ने पहल की पूरी टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस भेंट की जानकारी साझा की, जिसके जवाब में विनोद तावड़े ने आभार जताया और कहा, 'विकसित भारत की आधारशिला है, युवा शक्ति।'
छात्रों का दिल्ली दौरा कार्यक्रम
महाराष्ट्र से आए इन विद्यार्थियों के दौरे में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और नेशनल वॉर मेमोरियल का भ्रमण शामिल है। इसके अतिरिक्त उन्हें केंद्रीय मंत्रियों, सिविल सेवा के अधिकारियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों से सीधे संवाद करने का अवसर भी मिलेगा। इन अनुभवों से छात्र नीति निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे।
तावड़े का आभार और संदेश
BJP के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि महाराष्ट्र से आए ये छात्र देश के नीति निर्माताओं, राजनेताओं और जनसेवा से जुड़े लोगों से मिलकर राष्ट्र निर्माण की यात्रा को करीब से समझ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों के साथ साझा किए गए अनुभव उनके उज्ज्वल भविष्य और देश की विकास यात्रा को समझने में सहायक होंगे।
आगे की राह
'कैंपस टू संसद' पहल भविष्य में और अधिक राज्यों के छात्रों को शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने की यह कोशिश नागरिक भागीदारी को नई ऊर्जा देने की क्षमता रखती है।