एडमोंटन गुरुद्वारे में चाकू हमला: PM मार्क कार्नी बोले — 'पूजा स्थल पर असुरक्षा बर्दाश्त नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 22 अगस्त 2026 को एडमोंटन के नानकसर गुरुसिख मंदिर गुरुद्वारे में हुए चाकू हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें दो लोग घायल हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को अपने धार्मिक स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए और एडमोंटन पुलिस सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
हमले का विवरण
यह घटना शनिवार सुबह लगभग पाँच बजे अल्बर्टा प्रांत के एडमोंटन शहर के उत्तर-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित नानकसर गुरुसिख मंदिर में हुई। पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार, घटना के समय गुरुद्वारे के भीतर एक शादी समारोह से पहले सुबह की प्रार्थना चल रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने दो श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला कर दिया।
एडमोंटन पुलिस सेवा ने बताया कि 14 स्ट्रीट और हॉर्स हिल रोड के पास सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुँचे और एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। आपातकालीन सेवाओं ने दोनों घायलों का उपचार किया।
प्रधानमंत्री कार्नी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सुबह एडमोंटन के नानकसर गुरुद्वारे में हुआ हमला बेहद दुखद है। इस घटना में घायल हुए दो लोगों और पूरे समुदाय के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं, जो इस भयानक घटना से सदमे में है। किसी को भी अपने पूजा स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। मैं एडमोंटन पुलिस सेवा की उनकी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सराहना करता हूँ।'
कार्नी ने इस घटना को 'बेहद दुखद और चौंकाने वाली' करार देते हुए पीड़ितों और सिख समुदाय के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे ने भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे 'भयावह' बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'एडमोंटन के सिख मंदिर में हुआ हिंसक हमला, जिसमें दो लोग घायल हुए, बेहद भयावह है और इसकी हम सबको कड़ी निंदा करनी चाहिए। कनाडा में हर व्यक्ति को शांति और सुरक्षा के साथ अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।'
पोइलिवरे ने माँग की कि हमले के जिम्मेदार व्यक्ति को न्याय व्यवस्था के तहत पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाए और अधिकारी इस हिंसा के पीछे के कारणों को पूरी तरह सामने लाएँ। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए एडमोंटन के सिख समुदाय के साथ एकजुटता जताई।
आम जनता और समुदाय पर असर
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब गुरुद्वारे में शादी समारोह की तैयारी के बीच श्रद्धालु सुबह की प्रार्थना में शामिल थे — जो इसे और भी अधिक संवेदनशील बनाता है। गौरतलब है कि कनाडा में सिख समुदाय एक महत्वपूर्ण और सक्रिय अल्पसंख्यक समूह है, और धार्मिक स्थलों पर इस प्रकार की हिंसा की घटनाएँ समुदाय में गहरी असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
आगे की कार्रवाई
एडमोंटन पुलिस सेवा ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और मामले की जाँच जारी है। अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे हमले के पीछे की मंशा और परिस्थितियों की विस्तृत जाँच करेंगे। दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि कनाडाई सरकार धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के प्रश्न पर गंभीर दबाव में है।